रविवार, 27 जून 2021

सुबह की इन आदतों से बना लें दूरी वरना, हो सकते हैं बीमार |

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आज के वर्तमान दौर में स्वस्थ कैसे रहा जाए, ये हर किसी के लिए एक चुनौती का सबब बन गया है. आजकल लोग स्वस्थ शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा प्रयत्नशील हैं. स्वस्थ शरीर के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का होना बहुत ही आवश्यक है. आज लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाकर ही बीमारियों से निजात पाने में मदद मिल सकती है. गलत आदतें लोगों की तमाम मुश्किलों को बढ़ाती हैं. सुबह की गलत आदतें सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. ऐसे में इनसे परहेज करना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं 

सुबह की किन गलत आदतों से दूरी बनाकर बीमारियों से बचा जा सकता है?

 

पानी नहीं पीना  

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह उठने के बाद एक गिलास गुनगुना पानी पीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत बेहतर रहता है. ऐसा करने से शरीर में मौजूदा टॉक्सिन आसानी से बाहर निकल जाते हैं. इसके साथ ही हमारा मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है. 

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धूम्रपान 

धूम्रपान करने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है. कुछ लोग सुबह उठकर सीधे धूम्रपान करते हैं, उन्हें कैंसर का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए लोगों को धूम्रपान से बचना चाहिए। वहीं सुबह के समय तो बिल्कुल भी स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए। 

ब्रेकफास्ट स्किप करना   

हेल्दी डाइट स्वस्थ जीवन शैली के लिए बहुत ही जरूरी है. ब्रेकफास्ट दिन भर का सबसे जरूरी आहार होता है, जो रोगों से लड़ने के लिए शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता है. ब्रेकफास्ट नहीं करने से पेट हमारा खाली रहता है और ऐसी स्थिति में लोगों के बीमारियों के चपेट में आने की संभावना ज्यादा होती है 

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शराब का सेवन 

सुबह उठने के साथ ही अगर आप सबसे पहले शराब पीना पसंद करते हैं तो, आपकी ये आदत आप को बीमार बनाने के लिए काफी है. वैसे भी शराब के अधिक सेवन से लीवर खराब हो जाता है. 

स्पाइसी फूड 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह की शुरुआत हल्के भोजन और फल से ही करना बेहतर रहता है. स्पाइसी फूड खाने से पेट की समस्याएं बढ़ती हैं.

खाली पेट चाय या कॉफी पीना 

सुबह उठकर बहुत से लोग खाली पेट चाय या कॉफी पी लेते हैं. यह सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. क्योंकि खाली पेट चाय या कॉफी पीने से पेट में गैस की समस्या के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी होती हैं. इसलिए आप सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं।  इसमें नींबू निचोड़ कर शहद के साथ मिलाकर पिएंगे तो यह आपके वजन को घटाने में मदद करता है. इसके अलावा आप ग्रीन टी भी  पी सकते हैं. ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. जो आपके शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने के साथ-साथ आपके शरीर को डिटॉक्स भी करते हैं. 

एक्सरसाइज नहीं करना 

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज करना बहुत ही जरूरी है. आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं रह पाते हैं और मोटापे जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं. और मोटापा के बाद अन्य गंभीर बीमारियों के होने का खतरा भी लगातार बना रहता है. इसलिए जरूरी है कि रोजाना आधे घंटे एक्सरसाइज जरूर करें। अगर आप एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं तो आप वॉकिंग, रनिंग, साइकिलिंग या योगा भी कर सकते हैं.

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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

शुक्रवार, 25 जून 2021

Heart को हेल्दी रखता है काजू ,जानिए और भी हैं स्वास्थ्य फायदे |

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत के प्रति उदासीनता कई बीमारियों को न्योता देता है. अब इन्हीं में से एक है हृदय रोग की समस्या। हृदय (Heart) हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है. हृदय (Heart) खून को शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाकर लोगों को जिंदा रखने का काम करता है. अगर हृदय (Heart) अपना काम करना बंद कर दे तो पूरी शारीरिक प्रणाली ठप पड़ जाएगी। ऐसे में हृदय का सुरक्षित और मजबूत रहना बहुत जरूरी है. इसीलिए अपने हृदय (Heart) की जांच नियमित अंतराल पर कराते रहें। इसके साथ ही हृदय रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ खानपान और हेल्दी लाइफ़स्टाइल भी बेहद आवश्यक है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, काजू खाने से भी हमारा हृदय (Heart) हेल्दी रहता है आइए जानते हैं 

हृदय (Heart) के लिए काजू कैसे फायदेमंद है इसके अलावे और क्या हैं स्वास्थ्य फायदे?


पोषक तत्वों से भरपूर 

काजू में पोटैशियम,फाइबर और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह सभी तत्व हृदय (Heart) की सेहत को बनाए रखने में मददगार होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं हृदय (Heart) को हेल्दी रखने में लोगों की डाइट बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसीलिए हृदय रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ और संतुलित आहार ही लें. 


वजन नियंत्रण में सहायक 

जो लोग मोटे होते हैं उनमें हृदय (Heart) की बीमारी से पीड़ित होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है. ऐसे लोगों को अपने वजन पर नियंत्रण करने की आवश्यकता होती है. काजू एक वेट लॉस फूड है. इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है तथा फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है इसीलिए काजू वजन  के नियंत्रण में सहायक होता है हालांकि काजू को सीमित मात्रा में ही खाया करें.

 

तनाव दूर करे

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं जिन्हें अधिक स्ट्रेस लेने की आदत होती है उन्हें हृदय रोगों का खतरा भी अधिक होता है काजू तनाव, चिंता, बेचैनी और अवसाद दूर रखने में कारगर भूमिका निभाता है.

 

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नींद की कमी को दूर करे 

स्वस्थ शरीर के लिए अच्छी नींद का आना बेहद जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रोजाना रात को 5 से 7 काजू खाने से नींद अच्छी आती है इनसोम्निया या नींद की कमी से पीड़ित लोगों को भी काजू खाने की सलाह दी जाती है. 


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पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद 

काजू पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार हो सकता है. काजू का सेवन करने से पेट से जुड़ी बीमारियों से राहत पाने में भी मदद मिल सकती है. काजू का सेवन करने से पेट की गैस समस्या दूर हो सकती है. अगर आप अपने पाचन तंत्र को बेहतर रखना चाहते हैं तो रोजाना काजू का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है .


ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए असरदार 

जिन लोगों को निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) की परेशानी रहती है उन्हें ब्रेन हेमरेज होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. रक्तचाप को संतुलित रखना चाहते हैं तो रोजाना काजू का सेवन कर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है. अगर आपके इस तरह की समस्या हो तो सबसे पहले इस हेल्दी उपाय को आजमाएं.


डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार 

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए लोग कई तरह के उपाय आजमाते हैं. अगर आप नेचुरल तरीके से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप काजू का सेवन कर सकते हैं. काजू शरीर में ग्लूकोज लेवल को संतुलित करने का काम करता है इससे डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है.

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बुधवार, 23 जून 2021

गर्मियों में नींबू पानी का ज्यादा सेवन, सेहत को पहुँचा सकता है नुकसान |

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नींबू-पानी एक ऐसा ड्रिंक है जिसे अधिकतर लोग पसंद करते हैं. यह ड्रिंक न केवल गर्मी से आपको राहत दिलाता है बल्कि तरोताजा भी महसूस कराता है. इसमें सेहत के लिए लाभकारी विटामिन-सी के अलावा पोटेशियम और फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. लेकिन आपको तो पता ही है कि किसी भी चीज की अधिकता हमारे सेहत के लिए हानिकारक ही होती है. कई लोग दिन में दो से तीन बार नींबू-पानी का सेवन कर लेते हैं, ऐसा करना आप को नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं 

नींबू-पानी के ज्यादा सेवन करने से क्या परेशानियां हो सकती हैं. 


माइग्रेन की समस्या 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खट्टे फल या ड्रिंक्स से लोगों की माइग्रेन की समस्या ज्यादा हो सकती है. बता दें कि खट्टे फलों में पाए जाने वाला एक तत्व  टायरामाईन सिर दर्द देने में अग्रणी भूमिका निभाता है. इसी वजह से हेल्थ एक्सपर्ट्स माइग्रेन के मरीजों को नींबू-पानी के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं. 

बढ़ सकती है खून में आयरन की मात्रा 

विटामिन-सी हमारे शरीर में आयरन के अवशोषण की क्रिया को प्रोत्साहित करता है. विटामिन-सी युक्त फूड्स और ड्रिंक्स का अधिक सेवन करने से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ने लगती है, जो हमारे सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. यह शरीर के आंतरिक अंगों को क्षति पहुंचा सकती है. 

दातों के लिए हानिकारक 

नींबू-पानी का अधिक सेवन आपके स्वस्थ दांतो के लिए नुकसानदायक हो सकता है. नींबू में सिट्रस एसिड होता है जिसका दातों में ज्यादा संपर्क होने से दांत संवेदनशील हो जाते हैं. अगर आप नींबू-पानी पीना ही चाहते हैं तो स्ट्रॉ से ही पिएं, जिससे ड्रिंक्स आपके दातों के संपर्क से बचे रहें. 

पेट की समस्याएं 

ऐसा माना जाता है कि पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में नींबू असरदार साबित होता है. लेकिन जरूरत से ज्यादा इसके सेवन से पेट खराब होने का डर बना रहता है. इसके अलावा ज्यादा नींबू-पानी के सेवन से सीने में जलन और अल्सर का खतरा भी बढ़ जाता है. 

डिहाइड्रेशन की समस्या

नींबू-पानी के ज्यादा सेवन से बार बार पेशाब आने की समस्या उत्पन्न होती है. दरअसल, पेशाब के द्वारा कई बार शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स और सोडियम जैसे तत्व बाहर निकल जाते हैं. इनके ज्यादा मात्रा में निकलने से व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है. 

स्टोन होने का खतरा 

नींबू में सिट्रस एसिड के अलावा ऑक्सलेट की भी पर्याप्त मात्रा होती है. नींबू पानी का ज्यादा सेवन करने से ये क्रिस्टल के रूप में शरीर में जमा हो जाता है. जिससे किडनी में स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है.

हार्टबर्न की समस्या

नियमित रूप से नींबू पानी का सेवन करने की वजह से हार्टबर्न यानी सीने में जलन की समस्या हो सकती है और अगर किसी व्यक्ति को पहले से ये बीमारी हो तो उन्हें नींबू पानी से दूर ही रहना चाहिए. 

हड्डियों पर असर 

अगर रोजाना बहुत अधिक मात्रा में नींबू पानी का सेवन किया जाए तो इसका असर आपकी हड्डियों पर भी पड़ सकता है. रिसर्च से पता चला है कि नींबू का रस हड्डियों में मौजूद तेल को अवशोषित कर लेता है जिसकी वजह से आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है. लिहाजा नींबू पानी का कम मात्रा में सेवन करें और नींबू के इस साइड इफेक्ट से बचने के लिए नींबू पानी में थोड़ा सा शहद भी मिला लें.

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सोमवार, 21 जून 2021

फैटी लिवर के मरीज हों अगर, तो इन चीजों से बना लें दूरी |

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लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. और यह शरीर के विभिन्न क्रियाकलापों को निभाने में मदद करता है. इसलिए लिवर को कैसे हेल्दी रखा जाए इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. इसके लिए स्वस्थ और संतुलित डाइट लें और प्रतिदिन एक्सरसाइज के लिए थोड़ा टाइम जरूर निकालें। लिवर खाना पचाने से लेकर, शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने, शुगर कंट्रोल करने, फैट कम करने, संक्रमण से लड़ने और प्रोटीन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब लिवर में फैट की मात्रा लिवर के भार से 10% अधिक हो जाती है तो लिवर अपने सभी कार्यों को ठीक से करने में असमर्थ हो जाता है. इसे ही फैटी लिवर की बीमारी कही जाती है. इस बीमारी से ग्रसित लोगों को उनके खानपान को लेकर ध्यान देने की सलाह दी जाती है. आइए बताते हैं फैटी लिवर के मरीजों को किन चीजों से दूरी रखनी है। 

ये भी पढ़ें - क्या है फैटी लिवर, इसके प्रकार, लक्षण, शरीर पर प्रभाव और बचाव के बारे में जानिए |

मूंगफली 

प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत मूंगफली स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत ही लाभदायक होता है. लेकिन इसका अधिक सेवन करने के कारण सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है. मूंगफली में लेक्टिन की  मात्रा अधिक होती है और हमारा शरीर इसे पचा नहीं पाता है. इस कारण शरीर में दर्द और सूजन हो जाती है. इसके अलावा मूंगफली में अफ्लेटॉक्सिन  नामक तत्व पाया जाता है जो लिवर के लिए हानिकारक होता है. जिससे फैटी लिवर के अलावा जॉन्डिस का खतरा भी बढ़ जाता है. अफ्लेटॉक्सिन पॉयजनिंग के कारण लिवर कैंसर से पीड़ित होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है. 

स्पाइसी और जंक फूड्स 

फैटी लिवर की समस्या होने पर लिवर से फैट की परत जमने लग जाती है. यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ घी - तेल और मसालेदार भोजन के अधिक सेवन से परहेज करने की सलाह देते हैं. इसके अलावा जंक फूड्स  से भी दूर रहें। क्योंकि इसमें मैदा होता है जो लिवर को नुकसान पहुंचाता है.

शराब 

आमतौर पर ज्यादा शराब पीने से फैटी लिवर की बीमारी होने की संभावना बढ़ती है. इसीलिए फैटी लिवर के मरीजों को इसके सेवन से बचना ही चाहिए। अधिक शराब पीने से लिवर की सूजन बढ़ सकती है. इस वजह से शरीर में फैटी लिवर के ज्यादा लक्षण नजर आ सकते हैं.

नमक

फैटी लिवर के मरीजों को नमक का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। नमक का ज्यादा सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो जाता है, जो फैटी लिवर के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है. 

कोल्ड ड्रिंक 

बहुत से लोगों को कोल्ड ड्रिंक बहुत ज्यादा पसंद होता है. लेकिन फैटी लिवर के मरीजों को कोल्ड ड्रिंक का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए। इसके पीने से लिवर में सूजन बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक की जगह दूध से बनी चीजें जैसे छाछ या लस्सी को भी पिया जा सकता है. 

व्हाइट ब्रेड 

फैटी लिवर के मरीज व्हाइट ब्रेड का सेवन ना करें। क्योंकि इससे ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने की संभावना रहती है, साथ ही यह जल्दी पचता भी नहीं है. 

मीठा खाने से करें परहेज 

फैटी लिवर के मरीजों को मीठी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए कि यह शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाकर फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं.


ये भी पढ़ें - गर्मियों में नींबू पानी का ज्यादा सेवन, सेहत को पहुँचा सकता है नुकसान |


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शुक्रवार, 18 जून 2021

फेफड़ों को रखना है स्वस्थ तो इन चीजों के सेवन से करें परहेज |

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फेफ़ड़े हमारे शरीर का एक अहम अंग है. बढ़ते प्रदूषण के कारण फेफड़े लगातार कमजोर हो रहे हैं. कोरोना  महामारी के कारण भी सांसों में तकलीफ की समस्याएं तेजी से सामने आ रही है. फेफड़े ऑक्सीजन को फिल्टर करने का काम करते हैं. हमारे शरीर के हेल्दी रहने के लिए फेफड़ों का बिना किसी परेशानी के लगातार काम करना जरूरी है. फेफड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए जितना जरूरी हेल्दी डाइट है उतना ही जरूरी है कुछ चीजों से परहेज करना। क्योंकि, फेफड़ों को सिर्फ प्रदूषण से ही नुकसान नहीं है बल्कि कई ऐसी चीजें भी हैं जिनका हम इस्तेमाल करते हैं वह भी हमारे फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकते हैं.  आइए आपको उन चीजों के बारे में बताते हैं जो आप के फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. 

अल्कोहल 

अल्कोहल का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है. अधिक मात्रा में शराब पीने से फेफड़े खराब हो सकते हैं. शराब में मौजूद सल्फेट्स  अस्थमा का कारण बन सकते हैं. वहीं  इथेनॉल आपके फेफड़ों की कोशिकाओं को प्रभावित करता है. बहुत अधिक शराब के सेवन से निमोनिया और फेफड़ों की अन्य समस्याएं हो सकती हैं.

नमक 

अधिक नमक खाना शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज को नुकसान पहुंचता है. साथ ही उच्च सोडियम वाले आहार लेने से अस्थमा की भी समस्या हो जाती है. इसीलिए अपने फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए नमक का सेवन कम करें।

सॉफ्ट ड्रिंक 

अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन आपके हेल्थ और फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है. अगर आप अपने फेफड़ों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम करें। 

प्रोसेस्ड मीट 

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि प्रोसेस्ड मीट फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं है. क्योंकि लंबे समय तक इन्हें रखने के लिए नाइट्राइट नामक तत्व का इस्तेमाल किया जाता है जो आपके फेफड़ों में सूजन और तनाव पैदा कर सकता है. 

फ्राइड फ़ूड 

आपको भले ही तला - भुना  या डीप फ्राइड फूड बहुत ही पसंद क्यों ना हो लेकिन अगर आप अपने फेफड़ों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो आप इन फूड्स का सेवन कम करें। यह आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है.

धूम्रपान 

सिगरेट पीना सेहत के लिए कितना हानिकारक है. इस बात से लोग भलीभांति परिचित ही होंगे। अधिक मात्रा में धूम्रपान करने से सांस की बीमारी के साथ-साथ फेफड़ों के खराब होने का डर भी बना रहता है. सिगरेट से निकलने वाला धुआं फेफड़ों को गलाने का काम करता है. इसलिए धूम्रपान से परहेज करें। 

खट्टे फल 

अगर आप फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे हैं तो खट्टे फलों के सेवन से दूर रहें। खट्टे फलों के सेवन से एसिडिटी की समस्या हो सकती है, जिससे फेफड़ों की परेशानी और बढ़ती है.

इन सब्जियों से रखें दूरी

फूल गोभी, पत्ता गोभी और ब्रोकली जैसी सब्जियों के खाने से एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या हो जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है जिसका बुरा असर फेफड़ों पर भी पड़ता है. 

डेयरी प्रोडक्ट का सीमित मात्रा में करें उपयोग 

फेफड़ों की बीमारी वाले लोग डेयरी प्रोडक्ट का सीमित मात्रा में उपयोग करें। क्योंकि यह बीमारी के लक्षणों को और ज्यादा बढ़ा देते हैं. दूध में पाया जाने वाला तत्व कैसोमोर्फिन, जो बलगम बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जिससे आपके फेफड़ों में दर्द, सूजन आदि समस्याएं हो सकती हैं.


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रविवार, 25 अप्रैल 2021

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने से मिलते हैं ये शानदार फायदे |

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रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने के कई फायदे हैं. आमतौर पर एक्सरसाइज करने की सलाह सुबह के समय के लिए दी जाती है. कहा जाता है कि सुबह के समय एक्सरसाइज करना अधिक लाभकारी होता है. ऐसा इसलिए कि सुबह का वातावरण एकदम साफ और शुद्ध होता है और एक्सरसाइज करने के लिए बिल्कुल ऐसे ही वातावरण की आवश्यकता होती है. इसीलिए रोजाना सुबह उठकर एक्सरसाइज करने की आदत डालना ही बेहतर रहता है. रोजाना एक्सरसाइज हमारे शरीर के लिए भोजन करने, पानी पीने जितना ही जरूरी है. रोजाना एक्सरसाइज हमें न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी फिट रखता है. आइए जानते हैं 

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने के क्या शानदार फायदे मिलते हैं ? 


मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं

रोजाना एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं. साथ ही शरीर में रक्त संचार भी बेहतर ढंग से होता है. अगर आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को भी सक्रिय होने में काफी मदद मिलती है.

रक्तचाप सामान्य रहता है 

रोजाना एक्सरसाइज करने से रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं कम हो जाती हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं रोजाना एक्सरसाइज करने से उच्च रक्तचाप होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. 

वजन कम करता है 

अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं तो इसमें एक्सरसाइज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. रोजाना सुबह उठकर आप जब एक्सरसाइज करते हैं तो आपके शरीर से कैलोरी तेजी से कम होने लगती है और आपका वजन नियंत्रण में आने लगता है. 

इम्यून सिस्टम मजबूत बनाता है 

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है. इससे आप जल्दी किसी बीमारी के प्रभाव में नहीं आते हैं और आप हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं. 


ये भी पढ़ें - इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के असरदार तरीके |


तनाव दूर करता है 

तनाव का सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ता है. नियमित एक्सरसाइज तनाव और अवसाद जैसी कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है. डॉक्टर्स  बताते हैं कि नियमित एक्सरसाइज दिमाग के लिए एंटी डिप्रेशन दवा की तरह काम करता है. 

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य रखता है 

रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी सामान्य किया जा सकता है एक्सरसाइज करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घट जाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है. इससे दिल की सेहत भी ठीक रहती है और हमें भरपूर ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है. इस वजह से हार्टअटैक और संबंधित बीमारियों के होने का खतरा काफी कम हो जाता है. 

शरीर में ताजगी लाता है 

अगर आप हर समय थका हुआ महसूस करते हैं और आपको सारा दिन आराम करने या फिर सोने का मन करता है तो समझ ले कि आपको रोजाना एक्सरसाइज करने की बहुत ज्यादा जरूरत है. रोजाना सुबह एक्सरसाइज से आप खुद को दिनभर तरोताजा रख सकते हैं. 

नींद को बेहतर बनाता है 

रोजाना सुबह उठकर एक्सरसाइज करने से रात को नींद न आने की परेशानी दूर होती है. जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है. सुबह जल्दी उठकर एक्सरसाइज करने से रात में अच्छी और गहरी नींद अपने समय पर खुद ही आने लगती है. 

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Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

हाई ब्लड प्रेशर क्या है, जानिए लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सबकुछ |

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वैसे तो ब्लड प्रेशर का कोई स्थायी इलाज नहीं है. लेकिन इसे दवाओं और कुछ चीजों के परहेज से कंट्रोल किया जा सकता है. सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है, लेकिन 130/90 भी चिंताजनक नहीं है. इससे ऊपर जाने पर यह स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है.बता दें, हाई ब्लड प्रेशर का अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो यह हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है.


हाई ब्लड प्रेशर क्या है? 

ह्रदय धमनियों के माध्यम से ब्लड को शरीर में भेजता है. ब्लड एक निश्चित दबाव में शरीर की धमनियों में बहता है. जब यह दबाब किसी वजह से अधिक बढ़ जाता है, तब धमनियों पर ज्यादा असर पड़ता है और धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन  बनाए रखने के लिए दिल को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है. यह स्थिति उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर कहलाती है इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है. 


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) के लक्षण क्या है?

साधारणतया हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण जल्दी सामने नहीं आते हैं इसी वजह से इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है और जब स्थिति गंभीर हो जाती है तब लक्षण दिखाई पड़ते हैं अगर निम्न परेशानियां हो तो इसे लक्षण समझ कर तुरंत ही जांच करवानी चाहिए।

  • लगातार सिर दर्द होना,
  • थकान महसूस होना,
  • सीने में दर्द होना या भारीपन की समस्या,
  • सांस लेने में तकलीफ होना,
  • अनियमित धड़कन,
  • नाक से खून बहना,
  • कभी-कभी आंखों के आगे अंधेरा छा जाना और धुंधलापन की समस्या आदि. 


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) के कारण क्या हैं?

हाई ब्लड प्रेशर अव्यवस्थित जीवन शैली और असंतुलित आहार के कारण तो होता ही है पर इसके अलावा निम्न कारण भी हो सकते हैं.

  • मोटापे से ग्रसित व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करने से भी हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) होने की आशंका बनी रहती है.
  • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होने की संभावना होती है.
  • शराब के अधिक सेवन से भी हाई ब्लड प्रेशर होने की आशंका बनी रहती है. 
  • खाने में ज्यादा नमक का सेवन करने वाले व्यक्तियों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है. 
  • तनाव से ग्रसित व्यक्ति भी हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) का शिकार बन सकता है.
  • वैसे व्यक्ति जो दिल के रोग, किडनी के रोग, शुगर रोग से ग्रसित हों एवं जिनकी रक्त धमनियां कमजोर हों, उनमें हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) होने की संभावना बढ़ जाती है.


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) से कैसे बचा जा सकता है?

निम्नलिखित सावधानियों को अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचा जा सकता है. 

ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाई जानी चाहिए. इसका ध्यान हर व्यक्ति को रखना चाहिए। 

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें 

एक्सरसाइज सेहतमंद रहने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता ही है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. 


खाने में नमक की मात्रा कम रखें 

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचने के लिए खाने में नमक की कम मात्रा का सेवन करें।


नशीले पदार्थों का सेवन न करें  

नशीले पदार्थ किसी भी व्यक्ति के लिए लाभप्रद नहीं होते हैं. ये उनकी सेहत को खराब कर सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचने के लिए नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।


नींद पूरी लें 

जब आप नींद में होते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर कम होता है. नींद में कमी  करने पर ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक असर पड़ता है. कम सोने वाले व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है इसीलिए 6 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें. 


तनाव से दूर रहें 

ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए गुस्सा जानलेवा होता है, इसलिए जितना संभव हो उतना तनाव और गुस्से से दूर रहें और मानसिक शांति के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. 


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सोमवार, 19 अप्रैल 2021

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स |

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आजकल ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो नींद नहीं आने की समस्या से ग्रसित है, अगर लंबे समय तक ठीक से नींद नहीं आए तो आप कई तरह की शारीरिक  व मानसिक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. नींद की कमी के कारण मोटापा, डायबिटीज, स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे की संभावना बढ़ जाती है. आज हर इंसान के लिए 6 से 8 घंटे की नींद लेना अति आवश्यक है. पर, इस बदलती जीवनशैली की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं लोग बिस्तरों पर करवटें बदलते रह जाते हैं और उन्हें नींद नहीं आती है. कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें नींद तो आती है पर जल्दी टूट जाती है. बहुत से लोग नींद के लिए मेडिसिन भी लेते हैं, पर यह नुकसानदायक ही होता है और इसकी आदत भी लग जाती है. चलिए हम आपको बता रहे हैं कि ऐसे कुछ 10 टिप्स , जिन्हें फॉलो कर आप नींद की समस्या से निजात पा सकते हैं.

1.योगाभ्यास करें 

अगर चिंता और तनाव के कारण नींद नहीं आती है तो, इसमें योग बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. वैसे भी सेहतमंद शरीर के लिए योग बहुत ही कारगर माना जाता है. नियमित रूप से योगाभ्यास आपको चिंता और तनाव से मुक्ति दिलाता है जिससे रात को अच्छी नींद आती है.

2.समय निर्धारित करें

अच्छी नींद के लिए बेहद जरूरी है कि आप अपने सोने का एक समय निर्धारित करें। भले ही आप का रूटीन कितना ही व्यस्त क्यों ना हो. इससे आपके शरीर के सोने और जागने का चक्र संतुलित हो जाता है. शुरुआत में आपको थोड़ी परेशानी होगी पर, धीरे-धीरे यह आपकी रूटीन में शामिल हो जाएगी।

3.डिजिटल स्क्रीन से रखें दूरी

दिन भर काम करने के बाद अगर आप रात को सोने के समय भी कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल से चिपके रहते हैं तो, इन से थोड़ी दूरी बना लें.रात में सोशल मीडिया पर ज्यादा समय नहीं दें. बहुत जरूरी होने पर ही रात में मोबाइल का इस्तेमाल करें।


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4.रात्रि भोजन सोने से 3 घंटे पहले खाएं

रात को खाना खाकर तुरंत ही सोने पर पेट में मौजूद एसिड हमारे शरीर की आहार नली में पहुंच जाता है जिसके कारण आपको सीने में जलन महसूस होती है और आप ठीक से नहीं सो पाते हैं.

5.सोने से पहले स्नान करें

अगर आप नींद की समस्या से परेशान हैं तो आप यह टिप्स भी आजमाएं। आप सोने से 20 -30 मिनट पहले गुनगुने पानी से स्नान करके देखें। ऐसा करने से आपके शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे अच्छी नींद आती है. दरअसल, गुनगुने पानी से स्नान करने पर शरीर के तापमान में गिरावट आती है, जिससे नींद आसानी से आ जाती है.

6.अकेले सोने की कोशिश करें 

बहुत से लोगों की नींद तापमान, रोशनी, आवाजों पर भी निर्भर करती है, जैसे अलग-अलग लोगों का शारीरिक तापमान एक दूसरे से भिन्न होता है, जिस वजह से उन्हें अच्छी नींद के लिए अलग-अलग तापमान की जरूरत पड़ती है. वहीं कुछ लोग अलग अलग रोशनी में सोना पसंद करते हैं. इसके अलावा अगर आपके साथ सोने वाले व्यक्ति को खर्राटे लेने की आदत है तो आपको सोने में बेहद परेशानी हो सकती है, इसीलिए अच्छी नींद के लिए अकेले सोने की कोशिश करें। 

7.नियमित एक्सरसाइज करें

अगर आपको रात में नींद नहीं आती है तो आप नियमित रूप से व्यायाम कर सकते हैं. सुबह उठकर एक्सरसाइज करना बहुत ही बेहतर रहता है. पर आप सुबह एक्सरसाइज करने में किसी कारण से असमर्थ हैं तो आप शाम को भी एक्सरसाइज कर सकते हैं. पर याद रखें एक्सरसाइज और सोने के समय में कम से कम 3 घंटे का अंतराल होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि एक्सरसाइज करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है जिससे नींद आने में कठिनाई हो सकती है.

8.सिगरेट, शराब के सेवन से बचें 

यदि अच्छी नींद चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दीजिए। खासकर सोने जाने से पहले धूम्रपान बिल्कुल भी ना करें, क्योंकि इससे नींद में व्यवधान उत्पन्न होता है. शराब पीना भी नींद के लिए हानिकारक ही होता है.

9.कैफीन के सेवन से बचें 

शाम के समय या सोने से पहले अधिक चाय या कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है. जिससे उत्तेजना बढ़ती है और मस्तिष्क जागृत हो जाता है. ऐसे में नींद आपसे कोसों दूर हो जाती है. 

10.तलवों की मसाज करें 

सोने से पहले हाथ पैर धोकर साफ करें और फिर अपने तलवों की मसाज करें। इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और थकान दूर होती है. अच्छी नींद के लिए रोज सोने से पहले इस मसाज को करें।

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शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021

यूरिक एसिड क्या है, जानें इसके लक्षण और नियंत्रित करने के उपाय |

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क्या आप जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं? आपके पैरों की उंगलियों, एड़िओं और घुटनों में दर्द रहता है या फिर आप गठिया के रोगी हैं तो आप यह जान लें कि आपके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो सकती है, जो शरीर में सूजन, जोड़ों का दर्द, किडनी की समस्याएं और मोटापा जैसे कई रोगों का कारण बन सकती है. इसके अलावा ब्लड प्रेशर, थायराइड और डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों का भी खतरा होता है. 


यूरिक एसिड क्या है? 


यूरिक एसिड एक रसायन है जो हमारे ब्लड में पाया जाता है. हमारे शरीर में यूरिक एसिड प्यूरीन नाम के प्रोटीन के टूटने से बनता है. शरीर में बनने वाले अधिकांश यूरिक एसिड ब्लड में घुल जाते हैं और गुर्दे / किडनी के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं. हमारा शरीर यूरिक एसिड को किडनी के माध्यम से फिल्टर कर देता है, लेकिन अगर आप खाने में प्यूरीन की मात्रा अधिक लेते हैं या आपका शरीर किसी वजह से यूरिक एसिड को फिल्टर नहीं कर पाता है तो आप के ब्लड में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. यूरिक एसिड बढ़ने की इस अवस्था को हाइपरयूरिसेमिया  भी कहा जाता है. कुछ समय बाद यूरिक एसिड हड्डियों में जमा होने लगता है और आपको यूरिक एसिड के लक्षण महसूस होने लगते हैं. शरीर में यूरिक एसिड के उच्च स्तर के कारण आप गठिया जैसे रोग के शिकार बन जाते हैं. 


यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?


  • ऐसे आहार जिसमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है. इनके सेवन से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक बढ़ जाती है. 
  • जैसे- मटर, पालक, मशरूम, सूखे सेम  आदि.  
  • इनके अलावा रेड मीट, सीफूड, दाल, राजमा, पनीर और चावल जैसे खाने से भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है.
  • लाइफस्टाइल में बदलाव और गलत खानपान भी यूरिक एसिड के बढ़ने की वजह बन सकते हैं. 
  • बहुत देर तक भूखे रहने से भी यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या हो सकती है.
  • शराब पीने से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है. 
  • कई बार अनुवांशिक कारणों से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है. 
  • मोटापा, डायबिटीज, थायराइड, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस भी यूरिक एसिड बढ़ने की वजह हो सकते हैं.

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

 

घुटनों और जोड़ों में दर्द रहना, उठने बैठने में तकलीफ होना, पैरों की एड़ियों में दर्द होना, उंगलियों में सूजन आ जाना, जोड़ों में गांठ की शिकायत होना, हाथ और पैरों की अंगुलियों में चुभन वाली असहनीय दर्द का होना।


यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के उपाय


प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ में करें कमी 

विभिन्न प्रकार के मांस, समुद्री भोजन और कुछ सब्जियों,जैसे- मटर, पालक, मशरूम, सूखे सेम आदि से मिलकर प्यूरीन बनता है जो पचने पर यूरिक एसिड का उत्पादन करता है अगर आप शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा में कमी चाहते हैं तो इनके सेवन से परहेज करें 


चीनी युक्त खाद्य और पेय पदार्थ से करें परहेज

हाल की स्टडीज  से पता चला है चीनी भी यूरिक एसिड को बढ़ाता है. रिफाइंड या प्रोसैस्ड फूड में चीनी की अधिक मात्रा पाई जाती है. इनके सेवन से यूरिक एसिड के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है. चीनी वाले ड्रिंक्स, सोडा और फ्रेश फ्रूट जूस में भी फ्रुक्टोस और ग्लूकोस होता है. फ्रुक्टोस अन्य शुगर के मुकाबले तेजी से एब्जॉर्ब होता है और उतनी ही तेजी से ब्लड शुगर लेवल और यूरिक एसिड को भी बढ़ा देता है.


खूब पानी पिएं 

अधिक पानी पीने से आपको यूरिक एसिड कम करने और किडनी साफ करने में मदद मिलती है, और शरीर के सभी विषाक्त पदार्थों से भी छुटकारा मिलता है.


फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करें

आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स को शामिल करके यूरिक एसिड से छुटकारा पा सकते हैं. फाइबर ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करता है साथ ही ओवरईटिंग से भी बचाता है.


यूरिक एसिड बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल से बचें

कई प्रकार की दवाओं के सेवन से भी शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. इसीलिए कोई भी मेडिकल सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. 

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मंगलवार, 13 अप्रैल 2021

डायबिटीज और इसके टाइप, जानें किन गलतियों से बढ़ सकता है ब्लड शुगर |

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डायबिटीज आज की खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और हार्मोन के असंतुलन का ही परिणाम है. भोजन से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट, जो हमारे शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं वे ब्लड में ही घूमते रह जाते हैं. इससे हमारे ब्लड में शुगर की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है और साथ ही शरीर की सभी नसें भी प्रभावित होती हैं. डायबिटीज में ब्लड में शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव अधिक होता है. अनियंत्रित डायबिटीज के कारण ब्लड में शुगर का स्तर काफी बढ़ जाता है जिसे हाइपरग्लाइसेमिया कहते हैं वहीं जब ब्लड में शुगर का स्तर बहुत कम हो जाता है जो हाइपोग्लाइसेमिया कहलाता है. हमारे शरीर के लिए दोनों ही स्थितियां घातक हैं. 

डायबिटीज के टाइप :


1. टाइप-1 डायबिटीज - 

यह बचपन या किशोरावस्था में अचानक इंसुलिन के उत्पादन में कमी होने से पैदा होने वाली बीमारी है. इसमें इंसुलिन हार्मोन बनना पूरी तरह बंद हो जाता है. इंसुलिन हार्मोन ही ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित रखता है. ऐसे में शरीर में शुगर की बढ़ी हुई मात्रा को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है. टाइप-1 डायबिटीज के मरीज काफी कम होते हैं. 

2. टाइप-2 डायबिटीज - 

टाइप-2 डायबिटीज आमतौर पर 30 साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे बढ़ता है. इससे प्रभावित ज्यादातर लोग वे हैं जो मोटापे के शिकार हैं. कई मामलों में यह आनुवांशिक होता है तो कई मामलों में खराब लाइफस्टाइल से संबंधित होता है. इसके मरीजों के ब्लड में शुगर का स्तर बहुत अधिक होता है और उनके शरीर में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है या अग्नाशय / पैंक्रियाज ठीक से काम नहीं करता है. डायबिटीज के 90% मरीज टाइप-2 कैटेगरी से ही आते हैं.

डायबिटीज के मरीजों को खुद का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है अनजाने में उनसे ऐसी कई गलतियां हो जाती हैं जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. 

नींद पूरी न लेना 

नींद पूरी न लेने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसमें डायबिटीज भी एक है. डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद जरूरी है कि वे  अपनी नींद पूरी करें और अपना रूटीन सही करें। ब्लड शुगर लेवल रात में ज्यादा देर तक जागने से बढ़ सकता है. नींद पूरी न लेने की वजह से आपको दिनभर थकान महसूस हो सकती है. उठने और सोने के रूटीन को सही रखकर डायबिटीज के खतरे से बचा जा सकता है. 

भोजन करने का समय ठीक न होना 

अगर आप खाना समय पर नहीं खाते हैं तो ऐसा करना खतरनाक हो सकता है खासकर आप डायबिटीज के मरीज हैं. डायबिटीज में जरूरी है कि आप समय पर खाना खाएं। कई बार आपका खाना खाने का मूड न भी हो तो आप जूस या हेल्दी सूप का सेवन कर सकते हैं. सुबह के नाश्ते में कम कैलोरीज वाले आहार लें. 

एक्सरसाइज न करना 

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो, इस बात का ख्याल रखें कि नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। आप चाहे तो योगाभ्यास भी कर सकते हैं. इससे आपका ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है. 

नियमित चेकअप न करवाना 

कई लोगों की आदत होती है कि वे अपने ब्लड शुगर का चेकअप समय पर नहीं करवाते हैं, जिससे उन्हें पता ही नहीं चलता है कि उनका ब्लड शुगर हाई है या फिर लो. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपना रूटीन चेकअप नियमित रूप से करवाना चाहिए।

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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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