शनिवार, 3 अप्रैल 2021

क्या है फैटी लिवर, इसके प्रकार, लक्षण, शरीर पर प्रभाव और बचाव के बारे में जानिए |

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लिवर हमारे शरीर के प्रमुख अंगों में से एक है. लिवर भोजन को पचाकर उसके पोषक तत्वों को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाने का काम करता है. शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम भी लिवर का ही होता है. फैटी लिवर वह बीमारी है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अत्यधिक मात्रा में फैट यानी वसा जमा हो जाता है. लिवर में वसा की कुछ मात्रा का होना तो सामान्य बात है, लेकिन जब वसा की मात्रा लिवर की भार से 10 % अधिक हो जाती है तब यह फैटी लिवर की बीमारी कहलाती है. आइए अब
 

फैटी लिवर के प्रकार, लक्षण, शरीर पर प्रभाव, और बचाव के बारे में जानें।


फैटी लिवर दो प्रकार के होते हैं. 


1. एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (Alcoholic Fatty Liver Disease) 

एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में शराब /अल्कोहल के अत्यधिक सेवन से लिवर पर फैट जमा हो जाता है


2. नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease)  

लिवर में फैट जमा होने की संभावना उन लोगों में ज्यादा होती है जिन्हें मोटापा, डायबिटीज या उनके ब्लड में कोलेस्ट्रॉल यानी फैट की मात्रा ज्यादा हो. ऐसे  लोगों में लिवर में फैट जमने की संभावना 60% होती है.


फैटी लिवर के लक्षण क्या है?


आम तौर पर शुरुआत में फैटी लिवर के लक्षणों का पता नहीं चलता है. पर बाद में शरीर में ये लक्षण दिखने लगते हैं, जैसे- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, वजन में कमी, आंखों व त्वचा का पीलापन, पेट पर सूजन, हथेलियों का लाल पड़ जाना। इन लक्षणों के दिखाई पड़ते ही लिवर की जांच करवा लेना ही बेहतर रहेगा। 


फैटी लिवर का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?


फैटी लिवर से ग्रसित अधिकतर लोग ऐसे हैं, जिनके शरीर पर फैटी लिवर का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. यानी उनके लिवर में सिर्फ फैट जमा होता है, फैटी  लिवर की इस अवस्था को Simple Steatosis कहा जाता है. परंतु 15 से 20% ऐसे भी लोग हैं जिन्हें लिवर की कोशिकाओं में फैटी लिवर के चलते सूजन होने लगती है, फैटी लिवर की इस अवस्था को नॉन एल्कोहलिक स्टीटोहेपिटाइटिस (NASH )कहा जाता है. NASH की स्थिति में कुछ लोगों में यह बीमारी धीमी गति से बढ़ सकती है. उनके लिवर में धीरे-धीरे रेशे (Fibrosis )पड़ने लगते हैं. करीब 1 % मामलों में लिवर 15 से 20 सालों में खराब होकर फेल भी हो सकता है और फिर लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है.


फैटी लिवर से कैसे बचा जा सकता है?


निम्नलिखित महत्वपूर्ण आदतों को अपनाकर फैटी लिवर की बीमारी से बचा जा सकता है.

  • फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए हेल्दी डाइट लेना बहुत ही जरूरी है इसके लिए अपने डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, फाइबर युक्त आहार का प्रचुर मात्रा में सेवन करें। 
  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • धूम्रपान न करें। इससे सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
  • शराब /अल्कोहल का सेवन बिल्कुल भी न करें इसके अधिक सेवन से फैटी लिवर होने की समस्या बढ़ जाती है. 
  • अपने वजन को नियंत्रण में रखें। 
  • डायबिटीज को कंट्रोल करें। फैटी लिवर होने का एक प्रमुख कारण डायबिटीज भी है. 
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