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रक्तदान के इतने सारे फायदे हैं जिन्हें जानकर आप चौंक जाएंगे। रक्तदान से कई लोगों को न सिर्फ जीवनदान मिलता है बल्कि अपनी सेहत भी सुधरती है. इससे कैंसर, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां भी दूर रहती हैं. रक्तदान को महादान भी कहा जाता है. हमारे भारत में हर साल करीब एक करोड़ ब्लड यूनिट की आवश्यकता पड़ती है और एक महत्वपूर्ण बात आपको बता दें कि ब्लड का उत्पादन नहीं हो सकता है सिर्फ और सिर्फ रक्तदान से ही प्राप्त किया जा सकता है ऐसे में किसी की जिंदगी बचाने के लिए जरूरी हो जाता है कि रक्तदान नियमित तौर पर किया जाए. ब्लड को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और लाल रक्त कोशिकाएं जैसे घटकों में तोड़ा जा सकता है इन को अलग-अलग करके एक ही रक्तदान से तीन जिंदगियां बचाई जा सकती है. आइए जानते हैं
नियमित रक्तदान (ब्लड डोनेशन) के क्या फायदे हैं?
1.ह्रदय को स्वस्थ रखता है -
रक्तदान (ब्लड डोनेशन) हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होता है. रक्तदान नियमित तौर पर करने से शरीर में आयरन की मात्रा नियंत्रित रहती है. और माना जाता है कि ब्लड में आयरन की ज्यादा मात्रा ह्रदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती है. इसलिए आयरन की संतुलित मात्रा रहने से हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है.2.कैंसर से बचाव -
नियमित रूप से रक्तदान से आप अपने शरीर को आयरन की अतिरिक्त मात्रा से बचा सकते हैं. आयरन की अधिकता से लीवर कोशिकाओं का ऑक्सीडेशन होने लगता है जिसके फलस्वरूप वह डैमेज होकर कैंसर का रूप भी ले सकता है.3.वजन नियंत्रण में सहायक -
रक्त दान (ब्लड डोनेशन) से वजन नियंत्रण करने में भी मदद मिलती है. एक बार रक्तदान से 650 से 700 कैलोरी तक घटाया जा सकता है, और कैलोरी घटने से वजन भी कम हो जाता है पर, इसका मतलब यह नहीं कि वजन कम करने के लिए ब्लड डोनेशन किया जाए. रक्तदान से वजन कम करने में मदद जरूर मिलती है पर, रक्तदान को वजन कम करने का तरीका नहीं बनाया जा सकता।4.नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं -
हमारे शरीर में रक्त कोशिकाओं की उम्र केवल 42 दिनों की होती है. इस अवधि के बाद शरीर में पुराना खून नष्ट होकर नया खून बनता रहता है. नई रक्त कोशिकाएं शरीर को स्वस्थ रखने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. नियमित ब्लड डोनेशन से जो नया खून आपके शरीर में बनता है, वह आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है.5.रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि -
रक्तदान (ब्लड डोनेशन) से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे हमारा शरीर बीमारियों से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए प्रेरित होता है.6.मानसिक संतुष्टि मिलती है -
रक्तदान (ब्लड डोनेशन) से कई लोगों को जीवनदान मिलता है, जिसके एहसास से मन में खुशी और संतुष्टि का भाव आता है.7.मुफ्त चिकित्सा जांच -
शरीर की नियमित जांच करवाने से बीमारियों का पता चल जाता है जब आप ब्लड डोनेट करने जाते हैं तो चिकित्सा जांच मुफ्त में किया जाता है. इसमें रक्तदाता का वजन, ब्लड ग्रुप, हिमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है. ब्लड डोनेशन के बाद हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, मलेरिया, सिफलिस आदि की जांच की जाती है. जांच के उपरांत इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर तुरंत ही रक्तदाता को सूचित कर उनका ब्लड नहीं लिया जाता है.![]() |
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रक्तदान से संबंधित कुछ अन्य जानकारियां -
- 18 से 60 तक की उम्र का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है और जिनका वजन भी 50 किलोग्राम से ज्यादा हो.
- 3 महीने में केवल एक ही बार रक्तदान करें.
- रक्तदान से पहले ब्रेकफास्ट जरूर करें, पानी भी पिएं.
- रक्तदान से पहले दिन में शराब और एस्पिरिन का सेवन ना करें.
- रक्तदान से पहले धूम्रपान न करें.
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