गुरुवार, 12 अगस्त 2021

हर सुबह एक सेब खाने के इन 11 फायदों को जानकर हैरान रह जाएंगे आप |

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आपने यह कहावत तो जरूर ही सुनी होगी - An apple a day, keeps the doctor away. यानी हर दिन एक सेब खाने से आप बहुत सारी बीमारियों से बचे रहते हैं. सेब में पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और बीमारियों से लड़ने वाले तत्व पाए जाते हैं. इसीलिए सेब का सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है. सेब का सेवन आपको सेहतमंद रखने के साथ ही आपकी पाचन क्रिया में भी सुधार लाता है. अब बात करते हैं हर सुबह एक सेब खाने के 11 फायदे के बारे में जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे।


मोटापा कम करे

मोटापे से ग्रसित व्यक्ति को कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे हृदय रोग, डायबिटीज, बीपी आदि का सामना करना पड़ता है. सेब में पाया जाने वाला फाइबर मोटापे को कम करने में सहायक होता है, जिससे व्यक्ति खतरनाक रोगों की चपेट में कम आता है. साथ ही इसमें पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व शरीर को मजबूती देते हैं.


दांतों को स्वस्थ रखे

सेब में फाइबर होता है जिससे आपके दांत स्वस्थ रहते हैं. सेब का सेवन बैक्टीरिया और वायरस को दूर करता है. साथ ही सेब से आपके मुंह में लार की मात्रा बढ़ जाती है. सेब का सेवन करने से आपके दांतों को पायरिया से भी छुटकारा मिल जाता है.


कब्ज में दे राहत

यदि आप कब्ज या गैस की समस्या से पीड़ित हैं तो सेब का सेवन आपके लिए फायदेमंद साबित होगा. सेब में पाया जाने वाला फाइबर पेट की कब्ज को धीरे-धीरे कम करता है. सेब का मुरब्बा भी कब्ज रोगियों के लिए लाभकारी है. कब्ज होने पर शरीर में कई रोग होने का खतरा बना रहता है.


हड्डियों को मजबूती दे

सेब में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है. इस कारण प्रतिदिन सेब का सेवन करने या इसका जूस पीने से हड्डियां मजबूत होती है. जिनकी हड्डियां मजबूत होती हैं उन्हें थकान कम महसूस होती है.


पाचन तंत्र को मजबूत करे

सेब में पाया जाने वाला अल्कालिनिटी लीवर को शरीर के शोधन में मदद करता है. साथ ही सेब शरीर में मौजूद पीएच के स्तर को भी नियंत्रित करता है. जिससे व्यक्ति का पाचन तंत्र मजबूत होता है. पाचन तंत्र मजबूत होने से उसमें रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है.


कोलेस्ट्रॉल को कम करे

आज की तेजी से बदलती जीवनशैली में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या आम होती जा रही है. इस कारण कम उम्र के बच्चे भी हृदय रोग का शिकार हो रहे हैं. सेब खाने या सेब का जूस पीने से बढ़ते कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को रोका जा सकता है. 


खूबसूरती बढ़ाए

सेब का सेवन करने से आपके चेहरे पर होने वाले काले और सफेद धब्बे कम हो जाते हैं. जिससे आपके चेहरे पर निखार आता है. साथ ही इसका प्रतिदिन सेवन करने से आपके शरीर में मौजूद अनावश्यक चर्बी धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिससे आप आकर्षक लगने लगते हैं.


मधुमेह को नियंत्रित करे

सेब का सेवन शरीर में टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है. इसमें मौजूद तत्व शरीर में ग्लोकूज की कमी को पूरा करते हैं. शरीर में प्रचुर मात्रा में ग्लोकूज रहने पर आपको इन्सुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ती है.


अल्जाइमर से बचाए

अल्जाइमर मस्तिष्क से जुड़ी एक खतरनाक बीमारी है. शोध में पाया गया है कि प्रतिदिन सेब का जूस पीने से अल्जाइमर की समस्या से जीवनभर बचा जा सकता है. सेब के सेवन से मस्तिष्क की कोशिकाओं की रक्षा होती है, जिससे अल्जाइमर होने की संभावना कम होती है.


पथरी से बचाए

गुर्दे में होने वाली पथरी से बचाव के लिए सेब का सेवन लाभदायक रहता है. यदि आपको पथरी हो भी गई है और आप प्रतिदिन सेब खाते हैं तो आपको पथरी के कारण होने वाले दर्द में भी आराम मिलेगी. इसलिए पथरी रोगियों को चिकित्सक भी सेब खाने की सलाह देते हैं.


दमा रोगियों के लिए गुणकारी

सेब या सेब के जूस के सेवन से दमा रोगियों को बहुत फायदा मिलता है. विभिन्न शोधों से साफ हो चुका है कि सेब दमे के अटैक को रोकने में कारगर है. इसमें पाया जाने वाला फ्लेवोनोइड्स फेफड़ों को ताकतवर बनाता है. शोध से यह भी साबित हुआ है कि जो लोग प्रतिदिन सेब का जूस पीते हैं उन्हें फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बहुत कम होती हैं. 


ये भी पढ़ें - 10 फूड्स जो आपके लिवर को स्वस्थ रखने में करे मदद |


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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।


मंगलवार, 27 जुलाई 2021

10 फूड्स जो आपके लिवर को स्वस्थ रखने में करे मदद |

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लिवर यानी यकृत हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। जो भी हम खाते-पीते हैं उसे अच्छी तरह से पचाने में लिवर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर लिवर की देखभाल को नज़रअंदाज कर देते हैं। लिवर हमारे खून को साफ करता है और विषैले पदार्थों को खून में प्रवेश करने से रोकता है। लिवर शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों को निष्क्रिय करता है और प्रोटीन बनाता है जिससे हम रक्तस्त्राव और इंफेक्शन से बचे रहते हैं। इसके अलावा लिवर विटामिन बी12, ग्लूकोज और आयरन आदि को जमा करने का भी काम करता है।

                                                               यदि हमारा लीवर किसी कारणवश ठीक ढंग से काम नहीं कर पाता है तो इसका प्रतिकूल असर हमारे शरीर पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में त्वचा का फटना, मुंहासे होना, सूखापन और जलन की समस्या हो सकती है। इसलिए लिवर की देखभाल बेहद ही जरूरी है क्योंकि इसके संक्रमित होने का खतरा हमेशा रहता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने लिवर को नियमित रूप से डिटॉक्स करें ताकि वह अच्छी तरह से काम करे। यदि लिवर संक्रमित हो जाए तो ऐलर्जी, थकान, कलेस्ट्रॉल व पाचन से संबंधित समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अपने खानपान में महज कुछ बदलाव करके ही हम अपने लिवर को किसी भी तरह के संक्रमण से बचा सकते हैं.  आपको बता रहे हैं उन 10 फूड्स के बारे में जिनका नियमित रूप से सेवन करने से लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है.


लहसुन

लहसुन लिवर में मौजूद विषैले पदार्थों या टॉक्सिंस को हटाने में मदद करता है। वह उन एंजाइम को सक्रिय करता है जो टॉक्सिंस को हटाते हैं। इसके अलावा इसमें एलिसिन का उच्च स्तर होता है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबायोटिक और एंटिफंगल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी होता है जो एंटीऑक्सिडेंट की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाता है। ये लिवर को साफ करने में सहायता करते हैं।


गाजर

गाजर में मौजूद विटमिन ए लिवर की बीमारी को रोकता है। इसका जूस लीवर की गर्मी और सूजन को भी कम करता है। लीवर सिरोसिस में पालक व गाजर का मिश्रित रस फायदेमंद साबित होता है। गाजर में इनप्लांट फ्लेवोनॉयड्स और बीटा-कैरोटीन नामक तत्व भी पाए जाते हैं जो लीवर के सुचारू संचालन में सहयोग करते हैं।


सेब

सेब को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ही अच्छा माना जाता है। लिवर के लिए भी सेब बेहद फायदेमंद है। सेब में पेक्टिन होता है जो शरीर को शुद्ध करने और पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।


अखरोट

अखरोट में एमिनो ऐसिड पाया जाता है जो प्राकृतिक रूप से लिवर को डिटॉक्स करता है इसलिए इसका सेवन करना चाहिए।


ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट लिवर के कार्य को बेहतर बनाता है इसलिए दूध की चाय की बजाए ग्रीन टी पीने की आदत डालनी चाहिए ।


हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां खून में मौजूद विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं। इसके अलावा वे शरीर में भारी धातुओं के असर को कम करके लिवर की रक्षा करते हैं। इसलिए जितना हो सके हरी पत्तेदार सब्जियां रोज खाएं। इससे आपकी किडनी स्वस्थ रहेगी।


खट्टे फल

विटमिन-सी से भरपूर संतरा, नींबू आदि खट्टे फल लिवर की सफाई करने की क्षमता को बढ़ाते हैं जिससे यह एंजाइम का उत्पादन करता है।


हल्दी 

लिवर के लिए भी हल्दी किसी चमत्कार से कम नहीं है जो हमारे लिवर में होने वाले रैडिकल डैमेज की मात्रा को कम करता है। हल्दी वसा के पाचन में मदद करती है और पित्त का निर्माण करती है, जो हमारे लिवर के लिए प्राकृतिक डीटॉक्सिफायर का काम करता है।


चुकंदर

चुकंदर विटमिन-सी का एक अच्छा स्रोत है। यह पित्त को बढ़ाता है और एंजाइमी गतिविधि को बढ़ावा देता है।


अंगूर  

अंगूर के सेवन से लिवर को लाभ पहुँचता है अध्ययन में पाया गया है कि सूजन को कम करने, डैमेज को रोकने और एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाने सहित अंगूर के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।


ये भी पढ़ें - लो ब्लड प्रेशर क्या है ? जानिए कारण, लक्षण और उपचार के बारे में सबकुछ।


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शनिवार, 24 जुलाई 2021

लो ब्लड प्रेशर क्या है ? जानिए कारण, लक्षण और उपचार के बारे में सबकुछ।

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आज की इस भाग दौड़ भरी अनियमित जीवन शैली में हर इंसान कहीं ना कहीं तनाव से ग्रसित है. इसीलिए आजकल ब्लड प्रेशर की समस्या भी आम हो गई है फिर चाहे वो हाई ब्लड प्रेशर हो या फिर लो ब्लड प्रेशर। कई लोगों को लगता है हाई ब्लड प्रेशर लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक होता है, लेकिन ऐसा नहीं है लो ब्लड प्रेशर में भी आर्गन फेल्योर से लेकर दिल का दौरा पड़ने जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है. सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है लेकिन अगर ऊपर का रीडिंग 120 से घटकर 90 से कम हो जाए तो यह स्थिति लो ब्लड प्रेशर (बीपी), निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन कहलाती है. 


लो ब्लड प्रेशर होने के कारण क्या हैं?


ब्लड प्रेशर का सीधा संबंध हार्ट की पंपिंग से होता है. जब धमनियों में कोई अवरोध उत्पन्न होता है तब ब्लड पंपिंग में समस्या आती है और शरीर के विभिन्न अंगों तक ब्लड सही तरीके से नहीं पहुंच पाता है. इसीलिए लो ब्लड प्रेशर ह्रदय संबंधी रोगों की तरफ इशारा करता है. इसके अलावा लो ब्लड प्रेशर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें हार्मोन असंतुलन, बी -12 और आयरन की कमी, डायबिटीज या लो ब्लड शुगर, रक्त नलिकाओं का फैल जाना, लीवर की बीमारियां, शरीर में पानी की कमी, स्ट्रोक, गर्भावस्था, जेनेटिक कारण, तनाव, बहुत देर भूखा रहना, किसी दवा का साइड इफेक्ट आदि हो सकते हैं


लो ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं?

हल्की कमजोरी, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द, बार-बार प्यास लगना, अवसाद, बेचैनी आदि. इनमें से कोई भी लक्षण सामने आने पर नजरअंदाज नहीं करें और तुरंत ही डॉक्टरी सलाह लें।  


लो ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए उपचार 


नमक का पानी पिएं  

लो ब्लड प्रेशर होने पर अधिकांश डॉक्टर नमक वाला पानी पीने की सलाह देते हैं क्योंकि नमक में पाया जाने वाला सोडियम ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में मदद करता है. लो ब्लड प्रेशर होने पर एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक डालकर पीने से ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने लगता है. कई बार शरीर में पानी की कमी होने पर भी लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है ऐसी समस्या होने पर पानी पर्याप्त मात्रा में जरूर पीना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है.  


कम अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाते रहें  

लो ब्लड प्रेशर होने पर कम अंतराल पर थोड़ा थोड़ा भोजन करते रहें।  इस तरह खाने से आपका मेटाबॉलिज़्म मजबूत होगा। ब्लड शुगर नॉर्मल रहेगा और शरीर में भरपूर मात्रा में ऊर्जा रहेगी। 


हेल्दी डाइट लें 

अगर लंबे समय से लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं तो, अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, काले अंगूर, काले खजूर, आलूबुखारा, सूखे मेवे, साबुत अनाज, लहसुन और लो फैट मीट को जरूर शामिल करें। इनमे प्रोटीन, विटामिन और फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है और इनके सेवन से ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है. वैसे खाद्य पदार्थों से दूरी बना कर रखें, जिन्हें खाने के बाद आपका ब्लड प्रेशर अचानक से लो हो जाता है. 


कैफीन का सेवन करें 

लो ब्लड प्रेशर होने पर कॉफी या चाय पिएं। इन पेय पदार्थों में कैफीन होते हैं. इनके सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है जिससे ब्लड प्रेशर कुछ ही देर में नॉर्मल हो जाता है. 

 

उठने-बैठने की अवस्था एकदम से ना बदलें  

यदि आपका ब्लड प्रेशर बार-बार लो हो जाता है तो अचानक झटके में अपने अवस्था को ना बदलें।  यदि आप कहीं खड़े हैं तो अचानक से बैठे नहीं और ना ही झटके से खड़े होने की गलती करें ऐसा करने से आपको चक्कर आ सकता है और आंखों के आगे अंधेरा छा सकता है ऐसा इसलिए होता है कि लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में शरीर की पोजीशन में जब अचानक से बदलाव आता है तो हमारा दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून को पंप नहीं कर पाता है. 


ये भी पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर क्या है, जानिए लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सबकुछ |


पैरों को क्रॉस करके बैठें  

लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में अपने बैठने की अवस्था में परिवर्तन लाएं। दोनों पैरों को क्रॉस करके बैठें। एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर रखकर बैठने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है इसके साथ ही अपनी मुट्ठी को बंद करें तथा खोलते रहें। इससे आपका ब्लड प्रेशर नार्मल रहेगा.


ये भी पढ़ें - अगर अस्थमा के मरीज हैं तो अपने डाइट में शामिल करें ये चीजें |


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शनिवार, 3 जुलाई 2021

अगर अस्थमा के मरीज हैं तो अपने डाइट में शामिल करें ये चीजें |

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कोरोना महामारी ने किस कदर सब का जीना बेहाल कर दिया है यह तो आपको पता ही है. इस कोरोना काल में तो अस्थमा के रोगियों को खुद का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है. कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों में सांस की तकलीफ की बातें सामने आ रही हैं. जो सांस से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं या जिनको कोई और गंभीर बीमारी है, उन लोगों पर कोरोना वायरस का प्रभाव ज्यादा हो रहा है. अस्थमा लंबे समय तक चलने वाली सांस की बीमारी है जिसमें मरीज को लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ती है. अस्थमा के लक्षण हैं - बार बार खांसी होना, सांस लेने में तकलीफ, सांसों की घबराहट, सीने में जकड़न और भारीपन की समस्या. अस्थमा का अटैक आने से इंसान अंदर से एकदम टूट जाता है. इस अटैक का मुख्य कारण शरीर में मौजूद बलगम और संकरी श्वास नली है लेकिन, इसके अलावा अस्थमा के अटैक के कई बाहरी कारण भी होते हैं. ऐसे में मरीजों को इन्हेलर लेने की सलाह दी जाती है. आइए बताते हैं 

अस्थमा के मरीजों को अपने डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए.


विटामिन-सी से भरपूर फूड्स


विटामिन सी में एंटी ऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो फेफड़ों की सुरक्षा करने और उन्हें मजबूत बनाने में मददगार होता है. जो लोग अधिक विटामिन सी युक्त चीजों का सेवन करते हैं उन्हें अस्थमा का अटैक आने का खतरा कम होता है. अस्थमा के रोगियों को संतरा, ब्रोकली, कीवी को डाइट में शामिल करना चाहिए.


हरी सब्जियों का करें सेवन


फेफड़ों के लिए हरी सब्जियां काफी फायदेमंद होती हैं. हरी सब्जियों को खाने से फेफड़ों में कफ जमा नहीं हो पाता है, जिससे अस्थमा के रोगियों को अटैक आने जैसी आशंकाएं कम हो जाती हैं. हरी सब्जियों का सेवन करने से इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है.

 

नियमित रूप से खाएं दाल


विभिन्न प्रकार की दालों को प्रोटीन का अच्छा स्रोत  माना जाता है. काला चना, मूंग दाल, सोयाबीन और अन्य कई ऐसी दालें हैं जो स्वास्थ्य  के लिए फायदेमंद होती है. ये दालें फेफड़ों को मजबूत बनाती हैं और उन्हें संक्रमण से बचाती हैं. ऐसे में अस्थमा के मरीजों को दालों का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए. इसके अलावा दालों के सेवन से पाचन शक्ति भी मजबूत होती है.


शहद और दालचीनी का करें इस्तेमाल


वैसे तो अस्थमा रोगियों को शहद और चीनी की उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए लेकिन अस्थमा के मरीजों के लिए शहद और दालचीनी का सेवन काफी लाभदायक होता है. रात में सोने से पहले दो से तीन चुटकी दालचीनी के साथ एक चम्मच शहद मिलाकर नियमित रूप से लेने से फेफड़ों को आराम मिलता है. साथ ही लंग्स से जुड़ी बीमारियां भी दूर होती हैं.


सेब का नियमित सेवन


एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग हफ्ते में चार से पांच सेब खाते हैं, उनमें अस्थमा अटैक की आशंका 32 फीसदी कम हो जाती है। सेब में पाया जाने वाला फ्लैवोनाइड तत्व फेंफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में सहायक होता है, इसलिए सेब खाना दमा के मरीजों के लिए फायदेमंद है।


तुलसी है फायदेमंद


तुलसी को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जाना जाता है. तुलसी में एंटी ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ऐसे में चाय में दो से तीन पत्ते तुलसी के डालकर पीने से अस्थमा के मरीजों में अटैक की आशंका कम हो सकती है. तुलसी शरीर के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाती है. साथ ही तुलसी मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी-खांसी और फ्लू में भी राहत देती है.


कॉफी या ब्लैक टी


अस्थमा के मरीजों को ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो फेफड़ों तक ऑक्सीजन को आसानी से पहुंचाए. कॉफी भी फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम कर सकती है. क्योंकि इसमें पाया जाने वाला कैफीन एक प्रकार का ब्रॉन्कोलाइटर है, जो फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है. इसके साथ ही ब्लैक टी भी अस्थमा से राहत दिलाती है.

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ये भी पढ़ें - भोजन करने के बाद की ये आदतें, आपकी सेहत को कर सकती हैं खराब |


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गुरुवार, 1 जुलाई 2021

भोजन करने के बाद की ये आदतें, आपकी सेहत को कर सकती हैं खराब |

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किसी भी इंसान के लिए थोड़ा कठिन होता है अपनी आदतों को बदलना। अपने आप में परिवर्तन लाना खुद के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. अगर हम अपनी गलत आदतों को नहीं बदलते हैं तो ये आदतें हमारी लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन कर रह जाती हैं और आगे जाकर हमारे लिए परेशानी का सबब बनती हैं. इन्हीं बुरी आदतों में शामिल है कुछ ऐसी आदतें जिसे कई लोग भोजन करने के बाद हर रोज दोहराते हैं. इनका नकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है और हमें इसका अंदाजा भी नहीं होता है आइए अब बात करते हैं 

उन्हीं आदतों के बारे में जो कई लोग भोजन करने के बाद दोहरातें हैं.


फल ना खाएं 

कई लोगों की आदत होती है कि वे भोजन करने के बाद अक्सर फल का सेवन करते हैं. जैसे फ्रूट सलाद खाना बहुत लोगों को पसंद होता है. लेकिन ये आदत  हमारे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से खराब साबित हो सकती है. इससे शरीर को नुकसान पहुंचता है. 

चाय या कॉफी ना पिएं  

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे  भोजन करने के बाद अक्सर चाय या कॉफी पीते हैं. अगर आप भी उनमें शामिल हैं तो फौरन ही अपनी आदत बदल लें. चाय और कॉफी में टैनिन होता है जो आयरन के अवशोषित होने की प्रक्रिया को रोकता है जिससे पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. इसलिए भोजन करने के 1 घंटे पहले और 1 घंटे बाद तक चाय या फिर कॉफी पीने से बचना चाहिए। 

तुरंत ना सोएं 

अगर आप भी दोपहर या रात के भोजन के बाद तुरंत सोने चले जाते हैं तो ऐसा करना आपके सेहत और पाचन तंत्र के लिए बहुत खराब है. ऐसा इसलिए जब आप भोजन करने के बाद सोते हैं तो पेट द्वारा उत्पादित पाचन रस  ऊपर उठता है. और पेट की समस्याओं का कारण बनता है जिससे संपूर्ण पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और आपका भोजन ठीक से नहीं पचता है. आपको गैस की समस्या भी हो सकती है. 

तुरंत ना नहाएं  

कई लोग भोजन करने के तुरंत बाद नहाने चले जाते हैं, ऐसा करने से बचें। भोजन करने के बाद तुरंत नहाने से शरीर का तापमान अचानक कम हो जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है. साथ ही भोजन का पाचन भी सही से नहीं हो पाता है. इसकी वजह से पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है. 

ठंडा पानी ना पिएं  

अगर आप भी भोजन करने के तुरंत बाद ठंडा पानी पी लेते हैं तो, ऐसा करना छोड़ दें. भोजन करने के बाद ठंडा पानी पीने से भोजन शरीर में गुच्छे में जम जाता है,  जिसके फलस्वरूप पाचन धीमी गति से होता है और भोजन के पचने में भी समस्या होती है. आप भोजन करने के 1 घंटे बाद सामान्य तापमान वाला पानी या फिर गुनगुना पानी पी सकते हैं. 

सिगरेट ना पिएं  

भोजन करने के बाद शरीर का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है. ऐसे में अगर आप सिगरेट पीते हैं तो उसका धुंआ आपके फेफड़ों और किडनियों को काफी नुकसान पहुंचाता है जिससे कैंसर होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.

व्यायाम ना करें 

भोजन करने के तुरंत बाद व्यायाम करने से आपकी पाचन क्रिया बाधित हो सकती है. आप उल्टी और पेट दर्द जैसे  समस्याओं का शिकार हो सकते हैं. भोजन के बाद आप सिर्फ वज्रासन -एक योगासन है जिसे आप कर सकते हैं. यह योगासन आपके पाचन क्रिया को सुधारता है. इसके अलावा आप किसी भी तरह का कोई व्यायाम ना करें।


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मंगलवार, 29 जून 2021

अगर शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल कम हो रहा है तो डाइट में इन्हें करें शामिल |

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शरीर में हीमोग्लोबिन के लेवल में कमी होने पर कमजोरी, थकान, सांस फूलने जैसी तकलीफों से दो-चार होना पड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक स्वस्थ महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 16 मिलीग्राम और पुरुष में 14 से 18 मिलीग्राम होना चाहिए। शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल कम होने पर आप ऐसी चीजों को डाइट में शामिल कर सकते हैं जो हीमोग्लोबिन की मात्रा को तेजी के साथ बढ़ाते हैं. शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाने के लिए वैसे तो बहुत सारी चीजें हैं जिन्हें डाइट में शामिल किया जा सकता है. आइए जानते हैं ऐसे कुछ चीजों को 

जो हीमोग्लोबिन के लेवल को तेजी के साथ बढ़ाने में मदद करते हैं.

अनार 

शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने में अनार को काफी बेहतर स्रोत माना गया है. इसमें आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके सेवन से लाल रक्त कोशिकाओं के बनने में मदद मिलती है.

चुकंदर 

चुकंदर का सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाने में मदद मिलती है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी उपलब्ध होता है. इसके अलावा यह फोलिक एसिड, फाइबर, मैगनीज और पोटेशियम का भी अच्छा स्त्रोत है. आप चुकंदर को सलाद के रूप में भी खा सकते हैं या फिर जूस बनाकर पी सकते हैं. 

टमाटर 

टमाटर खाने से भी शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को दूर किया जा सकता है. टमाटर में काफी मात्रा में विटामिन ई थियामिन, निआचिन , विटामिन B6  मैग्नीशियम, फास्फोरस और कॉपर जैसे पोषक तत्व होते हैं. इसके साथ ही टमाटर फाइबर, विटामिन A , विटामिन C , विटामिन k , पोटेशियम और मैग्नीशियम का भी अच्छा स्रोत है.

खजूर

हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने में खजूर भी आपकी मदद कर सकते हैं। खजूर में प्रचूर मात्रा में कॉपर,मैग्नीशियम, मैग्नीज़, विटामिन बी6, आचिन, पैंटोथेनिक एसिड और रिबोफ्लाविन जैसे पोषक तत्व होते हैं। यही वजह है कि खजूर को आयरन का समृद्ध स्रोत माना जाता है। हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए आप रोजाना सुबह खाली पेट गर्म दूध के साथ खजूर का सेवन करें। इससे काफी फायदा मिलेगा। 

अखरोट

अखरोट के सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा किया जा सकता है. इसमें काफी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी ऐसिड पाया जाता है. साथ ही ये  कैल्शियम, मैग्नीशियम फाइबर और विटामिन-बी का भी बेहतर स्रोत है.

पालक

हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने में पालक काफी मदद करता है. पालक में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है. जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है.

अंजीर

अंजीर फल और सूखे मेवे दोनों की श्रेणी में आता है. शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल को बढ़ाने के लिए आप अंजीर को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. अंजीर में काफी मात्रा में विटामिन A , B1, B2, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैगनीज, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन पाया जाता है. ये हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी के साथ बढ़ाता है.

मेथी

हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए मेथी का भी सेवन भी काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें उच्च मात्रा में आयरन  पाया जाता है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में सहायता मिलती है। मेथी के पत्ते और बीज दोनों का सेवन फायदेमंद होता है। 


 Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

रविवार, 27 जून 2021

सुबह की इन आदतों से बना लें दूरी वरना, हो सकते हैं बीमार |

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आज के वर्तमान दौर में स्वस्थ कैसे रहा जाए, ये हर किसी के लिए एक चुनौती का सबब बन गया है. आजकल लोग स्वस्थ शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा प्रयत्नशील हैं. स्वस्थ शरीर के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का होना बहुत ही आवश्यक है. आज लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाकर ही बीमारियों से निजात पाने में मदद मिल सकती है. गलत आदतें लोगों की तमाम मुश्किलों को बढ़ाती हैं. सुबह की गलत आदतें सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं. ऐसे में इनसे परहेज करना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं 

सुबह की किन गलत आदतों से दूरी बनाकर बीमारियों से बचा जा सकता है?

 

पानी नहीं पीना  

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह उठने के बाद एक गिलास गुनगुना पानी पीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत बेहतर रहता है. ऐसा करने से शरीर में मौजूदा टॉक्सिन आसानी से बाहर निकल जाते हैं. इसके साथ ही हमारा मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होता है. 

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धूम्रपान 

धूम्रपान करने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है. कुछ लोग सुबह उठकर सीधे धूम्रपान करते हैं, उन्हें कैंसर का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए लोगों को धूम्रपान से बचना चाहिए। वहीं सुबह के समय तो बिल्कुल भी स्मोकिंग नहीं करनी चाहिए। 

ब्रेकफास्ट स्किप करना   

हेल्दी डाइट स्वस्थ जीवन शैली के लिए बहुत ही जरूरी है. ब्रेकफास्ट दिन भर का सबसे जरूरी आहार होता है, जो रोगों से लड़ने के लिए शरीर को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता है. ब्रेकफास्ट नहीं करने से पेट हमारा खाली रहता है और ऐसी स्थिति में लोगों के बीमारियों के चपेट में आने की संभावना ज्यादा होती है 

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शराब का सेवन 

सुबह उठने के साथ ही अगर आप सबसे पहले शराब पीना पसंद करते हैं तो, आपकी ये आदत आप को बीमार बनाने के लिए काफी है. वैसे भी शराब के अधिक सेवन से लीवर खराब हो जाता है. 

स्पाइसी फूड 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह की शुरुआत हल्के भोजन और फल से ही करना बेहतर रहता है. स्पाइसी फूड खाने से पेट की समस्याएं बढ़ती हैं.

खाली पेट चाय या कॉफी पीना 

सुबह उठकर बहुत से लोग खाली पेट चाय या कॉफी पी लेते हैं. यह सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. क्योंकि खाली पेट चाय या कॉफी पीने से पेट में गैस की समस्या के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी होती हैं. इसलिए आप सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं।  इसमें नींबू निचोड़ कर शहद के साथ मिलाकर पिएंगे तो यह आपके वजन को घटाने में मदद करता है. इसके अलावा आप ग्रीन टी भी  पी सकते हैं. ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. जो आपके शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने के साथ-साथ आपके शरीर को डिटॉक्स भी करते हैं. 

एक्सरसाइज नहीं करना 

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज करना बहुत ही जरूरी है. आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग नहीं रह पाते हैं और मोटापे जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं. और मोटापा के बाद अन्य गंभीर बीमारियों के होने का खतरा भी लगातार बना रहता है. इसलिए जरूरी है कि रोजाना आधे घंटे एक्सरसाइज जरूर करें। अगर आप एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं तो आप वॉकिंग, रनिंग, साइकिलिंग या योगा भी कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें - अगर शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल कम हो रहा है तो डाइट में इन्हें करें शामिल |


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शुक्रवार, 25 जून 2021

Heart को हेल्दी रखता है काजू ,जानिए और भी हैं स्वास्थ्य फायदे |

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत के प्रति उदासीनता कई बीमारियों को न्योता देता है. अब इन्हीं में से एक है हृदय रोग की समस्या। हृदय (Heart) हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है. हृदय (Heart) खून को शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाकर लोगों को जिंदा रखने का काम करता है. अगर हृदय (Heart) अपना काम करना बंद कर दे तो पूरी शारीरिक प्रणाली ठप पड़ जाएगी। ऐसे में हृदय का सुरक्षित और मजबूत रहना बहुत जरूरी है. इसीलिए अपने हृदय (Heart) की जांच नियमित अंतराल पर कराते रहें। इसके साथ ही हृदय रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ खानपान और हेल्दी लाइफ़स्टाइल भी बेहद आवश्यक है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, काजू खाने से भी हमारा हृदय (Heart) हेल्दी रहता है आइए जानते हैं 

हृदय (Heart) के लिए काजू कैसे फायदेमंद है इसके अलावे और क्या हैं स्वास्थ्य फायदे?


पोषक तत्वों से भरपूर 

काजू में पोटैशियम,फाइबर और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह सभी तत्व हृदय (Heart) की सेहत को बनाए रखने में मददगार होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं हृदय (Heart) को हेल्दी रखने में लोगों की डाइट बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसीलिए हृदय रोगों से बचाव के लिए स्वस्थ और संतुलित आहार ही लें. 


वजन नियंत्रण में सहायक 

जो लोग मोटे होते हैं उनमें हृदय (Heart) की बीमारी से पीड़ित होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है. ऐसे लोगों को अपने वजन पर नियंत्रण करने की आवश्यकता होती है. काजू एक वेट लॉस फूड है. इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है तथा फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है इसीलिए काजू वजन  के नियंत्रण में सहायक होता है हालांकि काजू को सीमित मात्रा में ही खाया करें.

 

तनाव दूर करे

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं जिन्हें अधिक स्ट्रेस लेने की आदत होती है उन्हें हृदय रोगों का खतरा भी अधिक होता है काजू तनाव, चिंता, बेचैनी और अवसाद दूर रखने में कारगर भूमिका निभाता है.

 

ये भी पढ़ें - तनाव को दूर रखने के लिए आजमाएं ये बेहतरीन टिप्स |


नींद की कमी को दूर करे 

स्वस्थ शरीर के लिए अच्छी नींद का आना बेहद जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रोजाना रात को 5 से 7 काजू खाने से नींद अच्छी आती है इनसोम्निया या नींद की कमी से पीड़ित लोगों को भी काजू खाने की सलाह दी जाती है. 


ये भी पढ़ें - अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स |


पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद 

काजू पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार हो सकता है. काजू का सेवन करने से पेट से जुड़ी बीमारियों से राहत पाने में भी मदद मिल सकती है. काजू का सेवन करने से पेट की गैस समस्या दूर हो सकती है. अगर आप अपने पाचन तंत्र को बेहतर रखना चाहते हैं तो रोजाना काजू का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है .


ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए असरदार 

जिन लोगों को निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) की परेशानी रहती है उन्हें ब्रेन हेमरेज होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. रक्तचाप को संतुलित रखना चाहते हैं तो रोजाना काजू का सेवन कर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है. अगर आपके इस तरह की समस्या हो तो सबसे पहले इस हेल्दी उपाय को आजमाएं.


डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार 

डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए लोग कई तरह के उपाय आजमाते हैं. अगर आप नेचुरल तरीके से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो आप काजू का सेवन कर सकते हैं. काजू शरीर में ग्लूकोज लेवल को संतुलित करने का काम करता है इससे डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है.

ये भी पढ़ें - सुबह की इन आदतों से बना लें दूरी वरना, हो सकते हैं बीमार |


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बुधवार, 23 जून 2021

गर्मियों में नींबू पानी का ज्यादा सेवन, सेहत को पहुँचा सकता है नुकसान |

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नींबू-पानी एक ऐसा ड्रिंक है जिसे अधिकतर लोग पसंद करते हैं. यह ड्रिंक न केवल गर्मी से आपको राहत दिलाता है बल्कि तरोताजा भी महसूस कराता है. इसमें सेहत के लिए लाभकारी विटामिन-सी के अलावा पोटेशियम और फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. लेकिन आपको तो पता ही है कि किसी भी चीज की अधिकता हमारे सेहत के लिए हानिकारक ही होती है. कई लोग दिन में दो से तीन बार नींबू-पानी का सेवन कर लेते हैं, ऐसा करना आप को नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं 

नींबू-पानी के ज्यादा सेवन करने से क्या परेशानियां हो सकती हैं. 


माइग्रेन की समस्या 

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, खट्टे फल या ड्रिंक्स से लोगों की माइग्रेन की समस्या ज्यादा हो सकती है. बता दें कि खट्टे फलों में पाए जाने वाला एक तत्व  टायरामाईन सिर दर्द देने में अग्रणी भूमिका निभाता है. इसी वजह से हेल्थ एक्सपर्ट्स माइग्रेन के मरीजों को नींबू-पानी के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं. 

बढ़ सकती है खून में आयरन की मात्रा 

विटामिन-सी हमारे शरीर में आयरन के अवशोषण की क्रिया को प्रोत्साहित करता है. विटामिन-सी युक्त फूड्स और ड्रिंक्स का अधिक सेवन करने से शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ने लगती है, जो हमारे सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. यह शरीर के आंतरिक अंगों को क्षति पहुंचा सकती है. 

दातों के लिए हानिकारक 

नींबू-पानी का अधिक सेवन आपके स्वस्थ दांतो के लिए नुकसानदायक हो सकता है. नींबू में सिट्रस एसिड होता है जिसका दातों में ज्यादा संपर्क होने से दांत संवेदनशील हो जाते हैं. अगर आप नींबू-पानी पीना ही चाहते हैं तो स्ट्रॉ से ही पिएं, जिससे ड्रिंक्स आपके दातों के संपर्क से बचे रहें. 

पेट की समस्याएं 

ऐसा माना जाता है कि पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में नींबू असरदार साबित होता है. लेकिन जरूरत से ज्यादा इसके सेवन से पेट खराब होने का डर बना रहता है. इसके अलावा ज्यादा नींबू-पानी के सेवन से सीने में जलन और अल्सर का खतरा भी बढ़ जाता है. 

डिहाइड्रेशन की समस्या

नींबू-पानी के ज्यादा सेवन से बार बार पेशाब आने की समस्या उत्पन्न होती है. दरअसल, पेशाब के द्वारा कई बार शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स और सोडियम जैसे तत्व बाहर निकल जाते हैं. इनके ज्यादा मात्रा में निकलने से व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है. 

स्टोन होने का खतरा 

नींबू में सिट्रस एसिड के अलावा ऑक्सलेट की भी पर्याप्त मात्रा होती है. नींबू पानी का ज्यादा सेवन करने से ये क्रिस्टल के रूप में शरीर में जमा हो जाता है. जिससे किडनी में स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है.

हार्टबर्न की समस्या

नियमित रूप से नींबू पानी का सेवन करने की वजह से हार्टबर्न यानी सीने में जलन की समस्या हो सकती है और अगर किसी व्यक्ति को पहले से ये बीमारी हो तो उन्हें नींबू पानी से दूर ही रहना चाहिए. 

हड्डियों पर असर 

अगर रोजाना बहुत अधिक मात्रा में नींबू पानी का सेवन किया जाए तो इसका असर आपकी हड्डियों पर भी पड़ सकता है. रिसर्च से पता चला है कि नींबू का रस हड्डियों में मौजूद तेल को अवशोषित कर लेता है जिसकी वजह से आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है. लिहाजा नींबू पानी का कम मात्रा में सेवन करें और नींबू के इस साइड इफेक्ट से बचने के लिए नींबू पानी में थोड़ा सा शहद भी मिला लें.

ये भी पढ़ें - Heart को हेल्दी रखता है काजू ,जानिए और भी हैं स्वास्थ्य फायदे |


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सोमवार, 21 जून 2021

फैटी लिवर के मरीज हों अगर, तो इन चीजों से बना लें दूरी |

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लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. और यह शरीर के विभिन्न क्रियाकलापों को निभाने में मदद करता है. इसलिए लिवर को कैसे हेल्दी रखा जाए इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. इसके लिए स्वस्थ और संतुलित डाइट लें और प्रतिदिन एक्सरसाइज के लिए थोड़ा टाइम जरूर निकालें। लिवर खाना पचाने से लेकर, शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने, शुगर कंट्रोल करने, फैट कम करने, संक्रमण से लड़ने और प्रोटीन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब लिवर में फैट की मात्रा लिवर के भार से 10% अधिक हो जाती है तो लिवर अपने सभी कार्यों को ठीक से करने में असमर्थ हो जाता है. इसे ही फैटी लिवर की बीमारी कही जाती है. इस बीमारी से ग्रसित लोगों को उनके खानपान को लेकर ध्यान देने की सलाह दी जाती है. आइए बताते हैं फैटी लिवर के मरीजों को किन चीजों से दूरी रखनी है। 

ये भी पढ़ें - क्या है फैटी लिवर, इसके प्रकार, लक्षण, शरीर पर प्रभाव और बचाव के बारे में जानिए |

मूंगफली 

प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत मूंगफली स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत ही लाभदायक होता है. लेकिन इसका अधिक सेवन करने के कारण सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है. मूंगफली में लेक्टिन की  मात्रा अधिक होती है और हमारा शरीर इसे पचा नहीं पाता है. इस कारण शरीर में दर्द और सूजन हो जाती है. इसके अलावा मूंगफली में अफ्लेटॉक्सिन  नामक तत्व पाया जाता है जो लिवर के लिए हानिकारक होता है. जिससे फैटी लिवर के अलावा जॉन्डिस का खतरा भी बढ़ जाता है. अफ्लेटॉक्सिन पॉयजनिंग के कारण लिवर कैंसर से पीड़ित होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है. 

स्पाइसी और जंक फूड्स 

फैटी लिवर की समस्या होने पर लिवर से फैट की परत जमने लग जाती है. यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ घी - तेल और मसालेदार भोजन के अधिक सेवन से परहेज करने की सलाह देते हैं. इसके अलावा जंक फूड्स  से भी दूर रहें। क्योंकि इसमें मैदा होता है जो लिवर को नुकसान पहुंचाता है.

शराब 

आमतौर पर ज्यादा शराब पीने से फैटी लिवर की बीमारी होने की संभावना बढ़ती है. इसीलिए फैटी लिवर के मरीजों को इसके सेवन से बचना ही चाहिए। अधिक शराब पीने से लिवर की सूजन बढ़ सकती है. इस वजह से शरीर में फैटी लिवर के ज्यादा लक्षण नजर आ सकते हैं.

नमक

फैटी लिवर के मरीजों को नमक का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। नमक का ज्यादा सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो जाता है, जो फैटी लिवर के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है. 

कोल्ड ड्रिंक 

बहुत से लोगों को कोल्ड ड्रिंक बहुत ज्यादा पसंद होता है. लेकिन फैटी लिवर के मरीजों को कोल्ड ड्रिंक का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए। इसके पीने से लिवर में सूजन बढ़ सकती है. कोल्ड ड्रिंक की जगह दूध से बनी चीजें जैसे छाछ या लस्सी को भी पिया जा सकता है. 

व्हाइट ब्रेड 

फैटी लिवर के मरीज व्हाइट ब्रेड का सेवन ना करें। क्योंकि इससे ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने की संभावना रहती है, साथ ही यह जल्दी पचता भी नहीं है. 

मीठा खाने से करें परहेज 

फैटी लिवर के मरीजों को मीठी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए कि यह शरीर में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाकर फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं.


ये भी पढ़ें - गर्मियों में नींबू पानी का ज्यादा सेवन, सेहत को पहुँचा सकता है नुकसान |


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शुक्रवार, 18 जून 2021

फेफड़ों को रखना है स्वस्थ तो इन चीजों के सेवन से करें परहेज |

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फेफ़ड़े हमारे शरीर का एक अहम अंग है. बढ़ते प्रदूषण के कारण फेफड़े लगातार कमजोर हो रहे हैं. कोरोना  महामारी के कारण भी सांसों में तकलीफ की समस्याएं तेजी से सामने आ रही है. फेफड़े ऑक्सीजन को फिल्टर करने का काम करते हैं. हमारे शरीर के हेल्दी रहने के लिए फेफड़ों का बिना किसी परेशानी के लगातार काम करना जरूरी है. फेफड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए जितना जरूरी हेल्दी डाइट है उतना ही जरूरी है कुछ चीजों से परहेज करना। क्योंकि, फेफड़ों को सिर्फ प्रदूषण से ही नुकसान नहीं है बल्कि कई ऐसी चीजें भी हैं जिनका हम इस्तेमाल करते हैं वह भी हमारे फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकते हैं.  आइए आपको उन चीजों के बारे में बताते हैं जो आप के फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. 

अल्कोहल 

अल्कोहल का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है. अधिक मात्रा में शराब पीने से फेफड़े खराब हो सकते हैं. शराब में मौजूद सल्फेट्स  अस्थमा का कारण बन सकते हैं. वहीं  इथेनॉल आपके फेफड़ों की कोशिकाओं को प्रभावित करता है. बहुत अधिक शराब के सेवन से निमोनिया और फेफड़ों की अन्य समस्याएं हो सकती हैं.

नमक 

अधिक नमक खाना शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज को नुकसान पहुंचता है. साथ ही उच्च सोडियम वाले आहार लेने से अस्थमा की भी समस्या हो जाती है. इसीलिए अपने फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए नमक का सेवन कम करें।

सॉफ्ट ड्रिंक 

अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन आपके हेल्थ और फेफड़ों के लिए हानिकारक हो सकता है. अगर आप अपने फेफड़ों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम करें। 

प्रोसेस्ड मीट 

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि प्रोसेस्ड मीट फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं है. क्योंकि लंबे समय तक इन्हें रखने के लिए नाइट्राइट नामक तत्व का इस्तेमाल किया जाता है जो आपके फेफड़ों में सूजन और तनाव पैदा कर सकता है. 

फ्राइड फ़ूड 

आपको भले ही तला - भुना  या डीप फ्राइड फूड बहुत ही पसंद क्यों ना हो लेकिन अगर आप अपने फेफड़ों को हेल्दी रखना चाहते हैं तो आप इन फूड्स का सेवन कम करें। यह आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है.

धूम्रपान 

सिगरेट पीना सेहत के लिए कितना हानिकारक है. इस बात से लोग भलीभांति परिचित ही होंगे। अधिक मात्रा में धूम्रपान करने से सांस की बीमारी के साथ-साथ फेफड़ों के खराब होने का डर भी बना रहता है. सिगरेट से निकलने वाला धुआं फेफड़ों को गलाने का काम करता है. इसलिए धूम्रपान से परहेज करें। 

खट्टे फल 

अगर आप फेफड़े की बीमारी से जूझ रहे हैं तो खट्टे फलों के सेवन से दूर रहें। खट्टे फलों के सेवन से एसिडिटी की समस्या हो सकती है, जिससे फेफड़ों की परेशानी और बढ़ती है.

इन सब्जियों से रखें दूरी

फूल गोभी, पत्ता गोभी और ब्रोकली जैसी सब्जियों के खाने से एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या हो जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है जिसका बुरा असर फेफड़ों पर भी पड़ता है. 

डेयरी प्रोडक्ट का सीमित मात्रा में करें उपयोग 

फेफड़ों की बीमारी वाले लोग डेयरी प्रोडक्ट का सीमित मात्रा में उपयोग करें। क्योंकि यह बीमारी के लक्षणों को और ज्यादा बढ़ा देते हैं. दूध में पाया जाने वाला तत्व कैसोमोर्फिन, जो बलगम बढ़ाने के लिए जाना जाता है, जिससे आपके फेफड़ों में दर्द, सूजन आदि समस्याएं हो सकती हैं.


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Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

रविवार, 25 अप्रैल 2021

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने से मिलते हैं ये शानदार फायदे |

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रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने के कई फायदे हैं. आमतौर पर एक्सरसाइज करने की सलाह सुबह के समय के लिए दी जाती है. कहा जाता है कि सुबह के समय एक्सरसाइज करना अधिक लाभकारी होता है. ऐसा इसलिए कि सुबह का वातावरण एकदम साफ और शुद्ध होता है और एक्सरसाइज करने के लिए बिल्कुल ऐसे ही वातावरण की आवश्यकता होती है. इसीलिए रोजाना सुबह उठकर एक्सरसाइज करने की आदत डालना ही बेहतर रहता है. रोजाना एक्सरसाइज हमारे शरीर के लिए भोजन करने, पानी पीने जितना ही जरूरी है. रोजाना एक्सरसाइज हमें न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी फिट रखता है. आइए जानते हैं 

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने के क्या शानदार फायदे मिलते हैं ? 


मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं

रोजाना एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं. साथ ही शरीर में रक्त संचार भी बेहतर ढंग से होता है. अगर आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को भी सक्रिय होने में काफी मदद मिलती है.

रक्तचाप सामान्य रहता है 

रोजाना एक्सरसाइज करने से रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं कम हो जाती हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं रोजाना एक्सरसाइज करने से उच्च रक्तचाप होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. 

वजन कम करता है 

अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं तो इसमें एक्सरसाइज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. रोजाना सुबह उठकर आप जब एक्सरसाइज करते हैं तो आपके शरीर से कैलोरी तेजी से कम होने लगती है और आपका वजन नियंत्रण में आने लगता है. 

इम्यून सिस्टम मजबूत बनाता है 

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है. इससे आप जल्दी किसी बीमारी के प्रभाव में नहीं आते हैं और आप हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं. 


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तनाव दूर करता है 

तनाव का सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ता है. नियमित एक्सरसाइज तनाव और अवसाद जैसी कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है. डॉक्टर्स  बताते हैं कि नियमित एक्सरसाइज दिमाग के लिए एंटी डिप्रेशन दवा की तरह काम करता है. 

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य रखता है 

रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी सामान्य किया जा सकता है एक्सरसाइज करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घट जाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है. इससे दिल की सेहत भी ठीक रहती है और हमें भरपूर ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है. इस वजह से हार्टअटैक और संबंधित बीमारियों के होने का खतरा काफी कम हो जाता है. 

शरीर में ताजगी लाता है 

अगर आप हर समय थका हुआ महसूस करते हैं और आपको सारा दिन आराम करने या फिर सोने का मन करता है तो समझ ले कि आपको रोजाना एक्सरसाइज करने की बहुत ज्यादा जरूरत है. रोजाना सुबह एक्सरसाइज से आप खुद को दिनभर तरोताजा रख सकते हैं. 

नींद को बेहतर बनाता है 

रोजाना सुबह उठकर एक्सरसाइज करने से रात को नींद न आने की परेशानी दूर होती है. जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है. सुबह जल्दी उठकर एक्सरसाइज करने से रात में अच्छी और गहरी नींद अपने समय पर खुद ही आने लगती है. 

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गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

हाई ब्लड प्रेशर क्या है, जानिए लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सबकुछ |

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वैसे तो ब्लड प्रेशर का कोई स्थायी इलाज नहीं है. लेकिन इसे दवाओं और कुछ चीजों के परहेज से कंट्रोल किया जा सकता है. सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है, लेकिन 130/90 भी चिंताजनक नहीं है. इससे ऊपर जाने पर यह स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है.बता दें, हाई ब्लड प्रेशर का अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो यह हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है.


हाई ब्लड प्रेशर क्या है? 

ह्रदय धमनियों के माध्यम से ब्लड को शरीर में भेजता है. ब्लड एक निश्चित दबाव में शरीर की धमनियों में बहता है. जब यह दबाब किसी वजह से अधिक बढ़ जाता है, तब धमनियों पर ज्यादा असर पड़ता है और धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन  बनाए रखने के लिए दिल को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है. यह स्थिति उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर कहलाती है इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है. 


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) के लक्षण क्या है?

साधारणतया हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण जल्दी सामने नहीं आते हैं इसी वजह से इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है और जब स्थिति गंभीर हो जाती है तब लक्षण दिखाई पड़ते हैं अगर निम्न परेशानियां हो तो इसे लक्षण समझ कर तुरंत ही जांच करवानी चाहिए।

  • लगातार सिर दर्द होना,
  • थकान महसूस होना,
  • सीने में दर्द होना या भारीपन की समस्या,
  • सांस लेने में तकलीफ होना,
  • अनियमित धड़कन,
  • नाक से खून बहना,
  • कभी-कभी आंखों के आगे अंधेरा छा जाना और धुंधलापन की समस्या आदि. 


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) के कारण क्या हैं?

हाई ब्लड प्रेशर अव्यवस्थित जीवन शैली और असंतुलित आहार के कारण तो होता ही है पर इसके अलावा निम्न कारण भी हो सकते हैं.

  • मोटापे से ग्रसित व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करने से भी हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) होने की आशंका बनी रहती है.
  • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होने की संभावना होती है.
  • शराब के अधिक सेवन से भी हाई ब्लड प्रेशर होने की आशंका बनी रहती है. 
  • खाने में ज्यादा नमक का सेवन करने वाले व्यक्तियों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है. 
  • तनाव से ग्रसित व्यक्ति भी हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) का शिकार बन सकता है.
  • वैसे व्यक्ति जो दिल के रोग, किडनी के रोग, शुगर रोग से ग्रसित हों एवं जिनकी रक्त धमनियां कमजोर हों, उनमें हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) होने की संभावना बढ़ जाती है.


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) से कैसे बचा जा सकता है?

निम्नलिखित सावधानियों को अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचा जा सकता है. 

ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाई जानी चाहिए. इसका ध्यान हर व्यक्ति को रखना चाहिए। 

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें 

एक्सरसाइज सेहतमंद रहने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता ही है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. 


खाने में नमक की मात्रा कम रखें 

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचने के लिए खाने में नमक की कम मात्रा का सेवन करें।


नशीले पदार्थों का सेवन न करें  

नशीले पदार्थ किसी भी व्यक्ति के लिए लाभप्रद नहीं होते हैं. ये उनकी सेहत को खराब कर सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचने के लिए नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।


नींद पूरी लें 

जब आप नींद में होते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर कम होता है. नींद में कमी  करने पर ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक असर पड़ता है. कम सोने वाले व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है इसीलिए 6 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें. 


तनाव से दूर रहें 

ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए गुस्सा जानलेवा होता है, इसलिए जितना संभव हो उतना तनाव और गुस्से से दूर रहें और मानसिक शांति के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. 


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सोमवार, 19 अप्रैल 2021

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स |

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आजकल ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो नींद नहीं आने की समस्या से ग्रसित है, अगर लंबे समय तक ठीक से नींद नहीं आए तो आप कई तरह की शारीरिक  व मानसिक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. नींद की कमी के कारण मोटापा, डायबिटीज, स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे की संभावना बढ़ जाती है. आज हर इंसान के लिए 6 से 8 घंटे की नींद लेना अति आवश्यक है. पर, इस बदलती जीवनशैली की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं लोग बिस्तरों पर करवटें बदलते रह जाते हैं और उन्हें नींद नहीं आती है. कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें नींद तो आती है पर जल्दी टूट जाती है. बहुत से लोग नींद के लिए मेडिसिन भी लेते हैं, पर यह नुकसानदायक ही होता है और इसकी आदत भी लग जाती है. चलिए हम आपको बता रहे हैं कि ऐसे कुछ 10 टिप्स , जिन्हें फॉलो कर आप नींद की समस्या से निजात पा सकते हैं.

1.योगाभ्यास करें 

अगर चिंता और तनाव के कारण नींद नहीं आती है तो, इसमें योग बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. वैसे भी सेहतमंद शरीर के लिए योग बहुत ही कारगर माना जाता है. नियमित रूप से योगाभ्यास आपको चिंता और तनाव से मुक्ति दिलाता है जिससे रात को अच्छी नींद आती है.

2.समय निर्धारित करें

अच्छी नींद के लिए बेहद जरूरी है कि आप अपने सोने का एक समय निर्धारित करें। भले ही आप का रूटीन कितना ही व्यस्त क्यों ना हो. इससे आपके शरीर के सोने और जागने का चक्र संतुलित हो जाता है. शुरुआत में आपको थोड़ी परेशानी होगी पर, धीरे-धीरे यह आपकी रूटीन में शामिल हो जाएगी।

3.डिजिटल स्क्रीन से रखें दूरी

दिन भर काम करने के बाद अगर आप रात को सोने के समय भी कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल से चिपके रहते हैं तो, इन से थोड़ी दूरी बना लें.रात में सोशल मीडिया पर ज्यादा समय नहीं दें. बहुत जरूरी होने पर ही रात में मोबाइल का इस्तेमाल करें।


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4.रात्रि भोजन सोने से 3 घंटे पहले खाएं

रात को खाना खाकर तुरंत ही सोने पर पेट में मौजूद एसिड हमारे शरीर की आहार नली में पहुंच जाता है जिसके कारण आपको सीने में जलन महसूस होती है और आप ठीक से नहीं सो पाते हैं.

5.सोने से पहले स्नान करें

अगर आप नींद की समस्या से परेशान हैं तो आप यह टिप्स भी आजमाएं। आप सोने से 20 -30 मिनट पहले गुनगुने पानी से स्नान करके देखें। ऐसा करने से आपके शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे अच्छी नींद आती है. दरअसल, गुनगुने पानी से स्नान करने पर शरीर के तापमान में गिरावट आती है, जिससे नींद आसानी से आ जाती है.

6.अकेले सोने की कोशिश करें 

बहुत से लोगों की नींद तापमान, रोशनी, आवाजों पर भी निर्भर करती है, जैसे अलग-अलग लोगों का शारीरिक तापमान एक दूसरे से भिन्न होता है, जिस वजह से उन्हें अच्छी नींद के लिए अलग-अलग तापमान की जरूरत पड़ती है. वहीं कुछ लोग अलग अलग रोशनी में सोना पसंद करते हैं. इसके अलावा अगर आपके साथ सोने वाले व्यक्ति को खर्राटे लेने की आदत है तो आपको सोने में बेहद परेशानी हो सकती है, इसीलिए अच्छी नींद के लिए अकेले सोने की कोशिश करें। 

7.नियमित एक्सरसाइज करें

अगर आपको रात में नींद नहीं आती है तो आप नियमित रूप से व्यायाम कर सकते हैं. सुबह उठकर एक्सरसाइज करना बहुत ही बेहतर रहता है. पर आप सुबह एक्सरसाइज करने में किसी कारण से असमर्थ हैं तो आप शाम को भी एक्सरसाइज कर सकते हैं. पर याद रखें एक्सरसाइज और सोने के समय में कम से कम 3 घंटे का अंतराल होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि एक्सरसाइज करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है जिससे नींद आने में कठिनाई हो सकती है.

8.सिगरेट, शराब के सेवन से बचें 

यदि अच्छी नींद चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दीजिए। खासकर सोने जाने से पहले धूम्रपान बिल्कुल भी ना करें, क्योंकि इससे नींद में व्यवधान उत्पन्न होता है. शराब पीना भी नींद के लिए हानिकारक ही होता है.

9.कैफीन के सेवन से बचें 

शाम के समय या सोने से पहले अधिक चाय या कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है. जिससे उत्तेजना बढ़ती है और मस्तिष्क जागृत हो जाता है. ऐसे में नींद आपसे कोसों दूर हो जाती है. 

10.तलवों की मसाज करें 

सोने से पहले हाथ पैर धोकर साफ करें और फिर अपने तलवों की मसाज करें। इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और थकान दूर होती है. अच्छी नींद के लिए रोज सोने से पहले इस मसाज को करें।

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