गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

जानिए कितना जरूरी है विटामिन-ई सेहत के लिए ?

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हमारे शरीर के लिए विटामिन्स बहुत ही जरूरी होते हैं | यह हमारे शारीरिक कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होते हैं और हमें रोगों से दूर रखते हैं | साथ ही यह हमारे शारीरिक सुंदरता को भी बढ़ा देते हैं |आज हम आपको विटामिन-ई के बारे में बताने जा रहे हैं | विटामिन-ई भी बहुत महत्वपूर्ण विटामिन होता है | हालांकि इसे त्वचा के लिए ज्यादा जरूरी समझा जाता है लेकिन, इसके कई और भी स्वास्थ्य संबंधी लाभ हैं | विटामिन-ई त्वचा, बालों से लेकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | विटामिन-ई कई प्रकार के फलों, तेलों  और ड्राई फ्रूट्स में पाया जाता है | विटामिन-ई से भरपूर खाद्य पदार्थों के अलावा इसके सप्लीमेंट्स भी हम उपयोग में ला सकते हैं |

सेहत के लिए कितना जरूरी होता है विटामिन-ई ?


एंटीऑक्सीडेंट-

विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल्स  से कोशिकाओं को बचाने में मदद करते हैं एंटीएक्सीडेंट का मतलब है कि यह कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं यह कोशिकाओं की रक्षा करके शरीर को कई गंभीर रोगों से बचा लेते हैं |

झुर्रियों से छुटकारा पाएं

विटामिन-ई में मौजूद एंटी एजिंग ऑक्सीडेंट बढ़ती हुई उम्र का असर कम करते हैं और आपको जवान रखते हैं स्किन पर पड़ने वाले झुर्रियों से भी विटामिन-ई छुटकारा दिलाता है | 

मानसिक रोगों को दूर करे

मानसिक रोगों को दूर करने में भी विटामिन-ई  काफी असरदार है | एक्सपर्ट्स बताते हैं कि विटामिन-ई  की कमी से मानसिक विकारों के बढ़ने की संभावना को इनकार नहीं किया जा सकता है |

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

विटामिन-ई आपके प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है विटामिन-ई आप के बढ़ती हुई उम्र के बावजूद होने वाले संक्रमणों से आपको निजात दिलाता है | इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें विटामिन-ई  प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो | 

आंखों के लिए बेहतर 

बढ़ती हुई उम्र के साथ आंखों में कुछ विकार आ ही जाते हैं जैसे-मोतियाबिंद |  विटामिन-ई इन विकारों में कारगर असर दिखाता है लेकिन, आंखों के लिए कोई भी विटामिन-ई के सप्लीमेंट्स लेने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें | वैसे भी बिना चिकित्सीय सलाह के कोई भी सप्लीमेंट का सेवन करना हानिकारक ही रहता है |

ह्रदय रोगों में भी लाभप्रद

विटामिन-ई खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में कमी लाकर ह्रदय संबंधी बीमारियों की संभावनाओं को दूर करता है | यह रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉट्स) बनने की आशंका को भी कम करता है जिससे हार्ट अटैक आने की संभावना भी कम हो जाती है |

लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण 

विटामिन-ई लाल रक्त कोशिकाओं (रेड ब्लड सेल्स) का निर्माण करने में सहायता करता है | विटामिन-ई का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करने से बच्चे को खून की कमी यानी एनीमिया से बचाया जा सकता है | 

कैंसर से बचाए 

विटामिन-ई कैंसर से भी बचाता है. शोध से पता चला है कि जिन लोगों को कैंसर होता है, उनके शरीर में विटामिन-ई की मात्रा कम पाई गई है. 

स्किन के लिए फायदेमंद  

विटामिन-ई का उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है. इसका कारण है कि यह एक बेहतरीन क्लींजर है, जो स्किन पर जमी गंदगी और मृत कोशिकाओं की सफाई करने में सहायक है. इसके अलावा स्किन को प्राकृतिक नमी प्रदान करने के लिए विटामिन-ई बहुत अधिक फायदेमंद है.


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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

सोमवार, 25 जनवरी 2021

पानी पिएं, मगर तरीके से वरना होगी सेहत खराब !

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हमारा शरीर का अधिकांश भाग पानी से बना है साथ ही, हमारे भोजन के पोषक तत्वों को शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाने की जिम्मेदारी पानी की होती है | ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि पानी को बिल्कुल तरीके से पिया जाए वरना, हमारी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है | स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो, रोजाना 6 से 8 गिलास तक पानी पीना बेहतर रहता है बशर्ते इसे सही तरीके से और सही समय पर पिया जाए तो आइए जानते हैं 

अच्छी सेहत के लिए पानी पीने का सही तरीका |

 

बोतल से नहीं, गिलास में पिएं - 

बोतल से पानी पीना यह पानी पीने का सही तरीका नहीं है हमेशा ही गिलास से पानी सिप-सिप करके पिएं | जब भी आप बोतल से पानी पीते हैं तो आप उस वक्त केवल अपनी प्यास को ध्यान में रखते हुए पानी पी लेते हैं जबकि गिलास से पीते हुए आप पूरी गिलास को खत्म करते हैं और ऐसा करते हुए आप पानी का अधिकतम सेवन करते हैं जो कि स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है |  

खड़े होकर न पिएं बल्कि, बैठ कर पिएं -

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास वक़्त ही कहां है? इसलिए लोग खड़े खड़े ही पानी पी लेते हैं जबकि पानी पीने का यह तरीका गलत है |  हमेशा बैठ कर पानी पीना चाहिए |  खड़े होकर पानी पीने से हमारे शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है और तरल पदार्थों के जोड़ों में जमा होने की संभावना बढ़ जाती है जिससे हमें गठिया की शिकायत भी हो सकती है | 

सामान्य तापमान वाले जल को पिएं -

हमारे शरीर के लिए सामान्य तापमान वाला पानी काफी फायदेमंद रहता है बहुत से लोगों की आदत होती है कि घर आते ही वे बर्फ के ठंडे पानी को पी लेते हैं जो शरीर के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है अगर आप चाहे तो हल्के गर्म पानी का सेवन कर सकते हैं | 

अब तक आपने जान लिया कि क्या है पानी पीने का सही तरीका अब यह भी जान लें कि

 पानी कब-कब पिएं ? 

  • सुबह उठने के साथ ही पानी पिएं | 
  • भोजन करने से आधा घंटा पहले पानी पी लें, इससे भोजन के पचने में आसानी होती है| 
  • भोजन करने के एक घंटे बाद ही पानी पिएं | 
  • स्नान करने के आधे घंटे पहले पानी पिएं, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है |  
  • रात को सोने से पहले पानी पिएं, यह हार्ट अटैक की संभावना को कम करता है |   


अच्छी सेहत के लिए पानी की पर्याप्त मात्रा है जरूरी 

पानी की सही मात्रा सही समय पर सेवन करने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है. इससे हमारे शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ और मजबूत रखने में मदद मिलती है. पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन न करने से शरीर कमजोर होने लगता है. पानी की कमी से शरीर में कई बीमारियों के होने की संभावना बढ़ती है. पेट में दर्द हो सकता है, पाचन तंत्र में गड़बड़ी हो सकती है, सिरदर्द, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और किडनी की समस्याएं भी हो सकती हैं.



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सोमवार, 18 जनवरी 2021

हँसना जरूरी है क्या, अच्छी सेहत के लिए !

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आपने तो यह गाना सुना ही होगा किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार... तो जनाब किसी की मुस्कुराहट पर ही निसार मत होइए| बल्कि आप भी खुद मुस्कुराने की आदत डाल लीजिए क्योंकि, हंसी और मुस्कुराहट भी आपके सेहत का खूब ख्याल रखती हैं|  यूं तो हंसने के कई फायदे हैं पर, आपकी हँसी ना सिर्फ आपके शारीरिक बल्कि, मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरूरी है| आइए जानते हैं 

अच्छी सेहत के लिए हँसना जरूरी क्यों है ? 


नकारात्मकता दूर करे -

जिंदगी में कभी-कभी ऐसे मोड़ आ जाते हैं कि हम नकारात्मक विचारों से घिर जाते हैं| लेकिन, अगर बार-बार ऐसे ही नकारात्मकता हमारे जीवन में आती हैं तो हमारे डिप्रेशन में जाने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है इसलिए खुलकर हँसने से आप सकारात्मकता से भर जाएंगे|

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए - 

हँसने के कारण हमारा  शरीर एंटीवायरल कोशिकाएं तीव्र गति से बनाता है| जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है जो शरीर को रोगों से बचाती है| 

साँसों के लिए लाभदायक -

हँसने के कारण हम गहरी साँसे लेने लगते हैं| जिससे हमारे शरीर को ऑक्सीजन खूब मिलता है हमारी थकान गायब हो जाती है और हम तरोताजा महसूस करते हैं|

दर्द से राहत दिलाए -

अगर आप मांसपेशियों में दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं| तो आप हंसने के बहाने ढूंढ़िए आप विश्वास नहीं करेंगे, ये हंसी इतनी असरदार होगी जो आप के दर्द को गायब कर देगी| आज कल डॉक्टर्स भी  रोगियों को दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए लॉफिंग थेरेपी की मदद लेते हैं| 

कैलोरी बर्न करे -

हँसने के कारण हमारी कैलोरी बर्न होती है जिससे वजन घटता है और हमें मोटापा जैसी गंभीर बीमारी से छुटकारा मिलता है|

रक्त संचार ठीक करे -

हँसी हमारे रक्त संचार को ठीक रखती है जो कई रोगों को हमसे दूर करती है| 

जवां और खूबसूरत दिखें -

खूबसूरत दिखना हर कोई चाहता है| पर आप जान लीजिए जो लोग खूब हँसते  हैं वे ज्यादा जिंदादिल और आकर्षक दिखते हैं| हँसने का असर उनकी उम्र पर भी दिखता है वे उम्रदराज होने पर भी युवा दिखते हैं| हँसना मतलब चेहरे की मांसपेशियों की एक्सरसाइज होना है, इससे एंटी एजिंग में मदद मिलती है तो अब एंटी एजिंग प्रोडक्ट्स पर ज्यादा खर्च मत कीजिए इसके बदले हँसने के बहाने ढूंढ लीजिए और खुद को लंबे समय तक जवां रखिए |

ह्रदय को स्वस्थ रखे -

ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए भी हंसना जरूरी है. हँसते समय हृदय की मांसपेशियों में रक्त संचार बेहतर हो जाता है, और हृदय की एक्सरसाइज भी अच्छे से हो जाती है. हंसने के दौरान हमारे शरीर से एंडोर्फिन नामक हार्मोन निकलता है, जो हमारे हृदय को मजबूत बनाने का काम करता है. जिससे दिल से संबंधित बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है. 

अच्छी नींद लेने में मदद करे - 

अगर नींद में कमी की शिकायत है या फिर आपको रात में आसानी से नींद नहीं आती है, और आप बिस्तर पर करवटें बदलते रह जाते हैं तो आज से ही हंसने की आदत डाल लें. हंसने से हमारे शरीर में मेलाटोनिन नामक हार्मोन निकलता है, जो हमें अच्छी नींद लेने में मदद करता है.



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शनिवार, 16 जनवरी 2021

सर्दियों में बढ़ जाता है अस्थमा का खतरा, जानिए लक्षण|

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अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जिसे नजरअंदाज करना बड़ा भारी पड़ सकता है| इस बीमारी में सांस की नली में सूजन आ जाती है और लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है| सर्दियों में अस्थमा पीड़ित रोगियों की परेशानी और बढ़ जाती है| तेजी से फैल रहे वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा के और मामले भी सामने आ रहे हैं| आज जरूरत है

 सर्दियों में बढ़ रहे अस्थमा के खतरे को नियंत्रण में रखा जाए| 

इस बीमारी की चपेट में किसी भी उम्र के लोग आ सकते हैं, अधिकांशतः इसके लक्षण बचपन में ही दिखने लगते हैं पर, यह लक्षण किशोरों  में भी आ सकते हैं|  इस कोरोनाकाल में अस्थमा पीड़ितों को और भी अधिक एलर्ट रहने की जरूरत है, क्योंकि अस्थमा का कोई स्थाई इलाज नहीं है बल्कि इसे नियंत्रित कर रखा जा सकता है| 

अस्थमा के कुछ शुरुआती मुख्य लक्षण - 


1.बार बार खाँसी होना -

वैसे तो सर्दियों में सर्दी-खाँसी होना आम बात है| जरा सी चूक हुई और हो गई सर्दी-खाँसी| लेकिन अगर आपको बार बार खाँसी हो रही है तो, आपको तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए| वैसे भी सर्दियों में अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है|

2.सांसों की घरघराहट -

अगर आपके सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आती हो या घरघराहट होती हो तो, यह आपके लिए एक गंभीर समस्या बन सकती है आप अस्थमा के शिकार भी हो सकते हैं| 

3.सांस लेने में तकलीफ - 

कभी-कभी अधिक थकान के चलते आपकी सांस फूलने लगती है तो, यह एक आम समस्या हो सकती है लेकिन, बिना थकान के आप जरा सा चलते हैं और आपकी सांसें फूलने लगती है तो, आपको इस पर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि यह अस्थमा का  लक्षण हो सकता है|

4.सीने में जकड़न और भारीपन की समस्या -

अगर आप हृदय रोगी हैं तो सीने में जकड़न और भारीपन की समस्या होना आम बात है लेकिन अगर आप हृदय रोगी नहीं है तो आपको तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि, यह अस्थमा  का लक्षण भी हो सकता है| 


सर्दियों में अस्थमा को नियंत्रण में रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें। 


बार-बार हाथ धोएं 

वायरस फैलने से रोकने और सर्दी होने से बचने का आसान तरीका यह है कि पानी और साबुन से बार-बार हाथ धोया जाए. हैंड सेनिटाइजर भी उपयोग में ला सकते हैं. 

धुएँ से बचें  

सर्दियों में आग तापना भले ही गर्माहट देता हो लेकिन, यह उन लोगों के लिए सही नहीं है जिन्हें अस्थमा की बीमारी हो. अध्ययनों से पता चला है कि जलते हुए तंबाकू और लकड़ी एक सा ही नुकसान पहुंचाते हैं. इनसे निकलने वाले धुएं से फेफड़ों में परेशानी हो सकती है. 

मुंह बंद रखें 

मुंह से सांस लेना फेफड़ों के लिए नुकसानदायक होता है. हमारे नाक में पर्याप्त क्षमता होती है कि सांस लेने वाली वायु को फेफड़ों के लिए मुहैया करा सके. इसलिए मुंह बंद रखें। 

घर में ही एक्सरसाइज करें 

जब तापमान बहुत कम हो और बाहर खूब ठंडी हवा बह रही हो तो बेहतर है कि घर में ही एक्सरसाइज किया जाए. ताजी हवा में एक्सरसाइज करना चाहते हैं तो जब थोड़ी गर्माहट हो तब बाहर जाएं।


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शुक्रवार, 15 जनवरी 2021

बिना डाइटिंग वजन घटाएं, अपनाएं ये कारगर टिप्स |

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आज आधुनिकता ने हमारे जीवन शैली को इस हद तक बदल दिया है कि हमारे स्वास्थ्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है| आज युवा वर्ग को सबसे ज्यादा परेशानी मोटापा जैसी गंभीर बीमारी से है| मोटापा जैसी बीमारी को नजरअन्दाज करना बहुत ही भयानक भूल होगी| क्या आप भी मोटापे से परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं? एक तो विकल्प यह है कि आप डाइटिंग करें या घंटों एक्सरसाइज करें पर, यदि आप जिम में पसीना बहाना नहीं चाहते हैं तो आइए बताते हैं कुछ ऐसे

टिप्स जो बिना डाइटिंग के आपका वजन घटाने में मदद करे|

 1.ब्रेकफास्ट करें और वजन घटाएं  

सुबह का नाश्ता हमारे लिए बहुत ही ज्यादा महत्व रखता है| अगर आप नाश्ता मिस कर रहे हैं तो आपका मेटाबोलिज में घटने लगता है, और आपके वजन बढ़ने की संभावना बहुत हद तक बढ़ जाती है| इसलिए नाश्ता करके आप अपनी दिन की सही शुरुआत  करें|

2.धीरे-धीरे चबाकर खाएं 

हमारा भोजन अच्छी तरह से पच जाए, इसके लिए जरूरी है कि भोजन को धीरे-धीरे चबाकर खाया जाए| इस दौरान मुंह में लार बनती है जो भोजन को मुंह के भीतर आसानी से लेकर चली जाती है और हमारा भोजन अच्छे से पचता है और वजन भी घटता है|

3.छोटी प्लेट में खाएं

छोटी प्लेट आपकी भूख को बीस प्रतिशत तक कम कर सकती है और आपको अधिक खाने से रोकती है| बड़े प्लेटों में ज्यादा भोजन आने से आपके ज्यादा खाने की संभावना बढ़ जाती है जो आपके मोटापे के लिए अच्छा नहीं होता है|  

4.पर्याप्त पानी पिएं 

अक्सर आप यह सलाह  सुनते ही होंगे की खूब पानी पिएं| रोजाना 6 से 8 गिलास  तक पानी पीना बेहतर रहता है| पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है| कैलोरी भी अधिक बर्न  होती है और वजन भी घटता है|

5. 6 से 7 घंटे की भरपूर नींद लें

स्वस्थ शरीर के लिए 6 से 7 घंटे की भरपूर नींद जरूरी है|  नींद पूरी न लेने पर शरीर में फैट और कार्बोहाइड्रेट बढ़ने लगता है, जिससे वजन भी बढ़ने लगता है|

6.तनाव से दूर रहें और वजन घटाएं 

इस तेजी से बदल रही जीवनशैली के कारण आज लोगों को कई तरह की मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है| लगातार तनाव में रहने से हमारा वजन बढ़ने लगता है | इसलिए जितना हो सके तनाव से दूर रहने की कोशिश करें| मानसिक शांति के लिए योग करें, योग करने से भी वजन घटता है|

7.प्रोसेस्ड फूड एवं सोडा ड्रिंक्स से दूर रहें 

प्रोसेस्ड फूड एवं सोडा ड्रिंक्स के अधिक सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है. इन खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए कई तरह के प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं. इसके अलावा इनमें बिना पोषक तत्व वाली शुगर मिलाई जाती है. इसलिए वजन घटाने के लिए इन खाद्य पदार्थों के सेवन को सीमित रखें। 

8.ग्रीन-टी पिएं  

ग्रीन-टी वजन कम करने में चमत्कारिक रूप से मददगार है. इसके नियमित सेवन से शरीर की अतिरिक्त फैट कम होती है. केवल यही नहीं, ग्रीन-टी  में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कई तरह से फायदेमंद होते हैं.

उम्मीद है आपको यह ब्लॉग पसंद आया होगा | अगर आप इन टिप्स को फॉलो करते हैं तो बिना डाइटिंग के वजन घटा सकते हैं |  

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रविवार, 10 जनवरी 2021

आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं जानिए 7 लक्षण |

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अक्सर आप डॉक्टर्स या स्वास्थ्य के प्रति जागरूक मित्रों से यह सलाह जरूर सुनते होंगे कि पानी खूब पिएं|  लेकिन, बहुतों को तो पता ही नहीं होता है कि वे पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं और उन्हें अहसास ही नहीं होता है कि उनका शरीर पानी की मात्रा में कमी से जूझ रहा है| आइए आपको बताते हैं कि 

वैसे  7 लक्षण  जो पर्याप्त पानी नहीं पीने के कारण शरीर में दिखते हैं|

1.मूड स्विंग - 

हमारे शरीर में पानी की मात्रा में कमी होने से शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है और इस वजह से मूड स्विंग की परेशानी भी हो सकती है और यह आपकी एकाग्रता को भी प्रभावित करता है| इसलिए जब भी कभी कुछ पढ़ते समय या  काम करते समय आपका मूड स्विंग होने लगे या आपकी एकाग्रता में बाधा आने लगे तो यह आपके पानी पीने का संकेत है|

2.यूरिन का रंग -

अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में पानी की मात्रा में कमी नहीं है तो आपकी यूरिन का रंग साफ या हल्का पीला होना चाहिए| लेकिन अगर यूरिन का रंग गहरा है तो यह पानी की मात्रा में कमी का संकेत है| 

3.सांसों की बदबू -

अगर आपकी सांसों से बदबू आ रही है तो इसकी वजह यह भी हो सकती है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है| इस वजह से मुंह में पर्याप्त मात्रा में लार नहीं बन रहा है, जिससे मुंह में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और आप सांसों की बदबू से परेशान रहते हैं| 

4.कब्ज़ -

अगर आप कब्ज़  की समस्या से पीड़ित हैं, तो इसका एक बड़ा कारण यह भी हो सकता है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं| इससे बचने के लिए आप दिन में 6 से 8 गिलास तक पानी पिएं| तब आपका पाचन तंत्र ठीक रहेगा| 

5.जोड़ों का दर्द -

हमारे जोड़ों में पाए जाने वाला कार्टिलेज और रीढ़ की हड्डियों के निर्माण में 80% भूमिका पानी की ही होती है. इसीलिए हड्डियों को घिसने से बचाने के लिए और उनमें चिकनाहट बनाए रखने के लिए हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है.अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो आपके जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है|

6.ड्राई स्किन (शुष्क त्वचा) -

 त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए अक्सर खूब पानी पीने की सलाह दी जाती है| अगर मौसम शुष्क ना हो फिर भी, आपकी त्वचा ड्राई है और होंठ भी फट रहे हों तो, आप समझ लें. कि आपके शरीर में पानी की मात्रा में कमी हो गई है और आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं| इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने पर त्वचा और चेहरे पर झुर्रियां पड़ने लगती है. इन झुर्रियों की वजह से आप असमय अधिक उम्र के दिखने लगते हैं. अगर आप चाहते हैं आपकी त्वचा चमकदार और स्वस्थ दिखे तो आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शुरु कर दें. 

7.थकान -

 अगर आप बहुत थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो, ऐसा संभव है कि आपका शरीर पानी की राह देख रहा है और संकेत दे रहा है कि आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं|



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शनिवार, 9 जनवरी 2021

सर्दियों में जोड़ों का दर्द अपनाएं ये कारगर टिप्स |

 

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सर्दी और जोड़ों के दर्द का एक रिश्ता-सा है| सर्दियों के मौसम में हड्डियों और जोड़ों के दर्द से पीड़ित व्यक्तियों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है| ऐसे में हाथ और पैरों के जोड़ों में बहुत दर्द होने लगता है| अब सवाल यह उठता है कि

 सर्दियों में जोड़ों के दर्द की समस्या अधिक क्यों बढ़ जाती है?

इसका तो एक कारण यह है कि सर्दियों में तापमान कम होने से मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है और जोड़ों के आसपास की नसों में सूजन बढ़ जाती है, इससे मांसपेशियां भी अकड़ने लगती हैं, हड्डियों और जोड़ों में दर्द बढ़ने लगता है| तो आइए आपको बताते हैं ऐसे कुछ कारगर टिप्स, जो 

सर्दियों में आपके हड्डियों और जोड़ों के दर्द को दूर रखे। 


1. सुबह की गुनगुनी धूप और जोड़ों का दर्द गायब 

सर्दियों में सुबह की गुनगुनी धूप बहुत ही लाभकारी होती है| यह शरीर को गर्म रखता है, साथ ही विटामिन डी की कमी को भी दूर करता है, हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाता है और दर्द से राहत दिलाता है|  

2. शारीरिक रूप से सक्रिय रहें

सर्दियों में आमतौर पर आलस्य बढ़ जाता है| इस कारण हमारा घर से बाहर निकलना भी कम हो पाता है| शारीरिक सक्रियता में कमी होने का असर हमारे मांसपेशियों पर पड़ता है, जिससे जोड़ों पर दबाव बढ़ता है और जोड़ों में दर्द होने लगता है| इसलिए थोड़ा एक्सरसाइज/योग  कर लेना ही बेहतर है या वॉक पर ही निकल जाएं| 

3. गर्म पानी से स्नान करें और जोड़ों के दर्द से आराम पाएं 

सर्दियों में गर्म पानी से स्नान करना बहुत ही लाभदायक होता है| इससे हड्डियों और जोड़ों के दर्द में काफी आराम पहुंचता है| 

4. हेल्दी डाइट लें

सर्दियों में कैल्शियम युक्त, विटामिन-डी एवं अन्य पोषक तत्व से परिपूर्ण खाद्य पदार्थ लेने से जोड़ों के दर्द में बहुत राहत मिलती है| हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, दही, ब्रोकली, बादाम का दूध, सोयाबीन, अंजीर, तिल के बीज को अपने आहार में शामिल कर पर्याप्त कैल्शियम की मात्रा को पूरा किया जा सकता है| और विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत धूप है| इसके अलावा दुग्ध उत्पादों में भी विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है|

5. सर्दियों में पर्याप्त पानी पिएं - जोड़ों का दर्द दूर रहेगा 

सर्दियों के मौसम में हमें प्यास भी कम ही लगती है और कम पानी पीने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इससे जोड़ों में दर्द हो सकता है| पानी की पर्याप्त मात्रा रहने से हमारा शरीर हाइड्रेटेड रहता है| इस कारण मांस पेशियों में भी खिंचाव नहीं होता है और हमें हड्डियों और जोड़ों के दर्द से राहत मिल जाती है|

6.तरल पदार्थों का सेवन करें 

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों के सेवन करने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं. जोड़ों को चिकनाई मिलती है और मांसपेशियों में ऐंठन नहीं होता है. एक दिन में कम से कम 6-8 गिलास पानी का सेवन करना बेहतर रहता है. आप ग्रीन टी भी पी सकते हैं जो एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के साथ पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है. इसके अलावा सूप भी पिया जा सकता है.



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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

शुक्रवार, 1 जनवरी 2021

सर्दियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा, कैसे रखें ख्याल ?

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सर्दियां आ चुकी हैं. और सर्दियों का सितम भी साथ लाईं हैं | बर्फीली हवाएं बहने वाली हैं | अब ऐसे मौसम में हृदय रोगियों के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं | हमारी बदल रही जीवनशैली इसकी सबसे बड़ी वजह है | इसके अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा आदि भी ऐसे रोग हैं जिनके कारण भी सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है | 

सर्दियों में हार्टअटैक का खतरा क्यों बढ़ जाता है? 


हृदय की धमनियाँ सिकुड़ जाती हैं  

सर्दियों के मौसम में हृदय की धमनियाँ सिकुड़ जाती हैं. ऐसा होने से हृदय में ऑक्सीजन और खून का प्रवाह कम हो जाता है. इस वजह से हृदय और हाइपरटेंशन के रोगियों में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. सर्दियों के मौसम में ब्लड प्लेटलेट्स बहुत ज्यादा सक्रिय और चिपचिपे होते हैं. इसीलिए ब्लड क्लॉट्स बनने की संभावना भी बढ़ जाती है. 

विटामिन डी की कमी 

सर्दियों में धूप के कम निकलने की वजह से मानव शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है. ऐसे में सर्दियों में हृदय संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है. 

अवसाद भी है एक वजह 

बदलते मौसम में अक्सर बड़ी उम्र के लोगों में अवसाद बढ़ जाता है. सर्दियों के अवसाद से पीड़ित लोग ज्यादा चीनी, ट्रांस फैट, सोडियम और ज्यादा कैलोरी वाला खाना खाने लगते हैं. जो मोटापे, ह्रदय रोगों और हाइपरटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है. 


 हार्ट अटैक (Heart Attack) के क्या लक्षण हैं ? 

सीने में जोर का दर्द (कुछ मामलों में हल्के दर्द की शिकायत), गर्दन, पीठ, जबड़े, पेट के ऊपरी भाग में दर्द, पैर या बाजुओं में दर्द, बेचैनी, चक्कर आना, पसीने से भींग जाना, अनियमित धड़कन (धीमा या तेज होना), सांस लेने में परेशानी, जोर-जोर से सांस लेना, जी मिचलाना, खांसी आना | 


ह्रदय संबंधी रोग आपके डेली लाइफ पर बहुत ज्यादा प्रभाव डाल सकते हैं पर, इन सबके बावजूद ह्रदय रोगी एक हेल्दी लाइफस्टाइल पा सकता है. जब बात हार्ट की देखभाल की आती है तो लोग एक्सरसाइज को ही पर्याप्त मानते हैं. जिसके चलते ह्रदय को स्वस्थ रखने वाले आहार और उसकी सही मात्रा को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है. यहाँ इस बात का ख्याल रखना बेहद जरूरी है कि संतुलित आहार आपके हार्ट हेल्थ में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अपने हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए आपको कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है. आइए जानते हैं कि

 हार्ट अटैक(Heart Attack) से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें ?

  • ह्रदय रोगी गर्म और ऊनी कपड़े पहनें  और अपने शरीर को ढककर ही रखें |  
  • सूर्योदय के बाद ही सैर के लिए निकलें |  
  • एक्सरसाइज और योग भी करें। इसके लिए समय जरूर निकालें। 
  • अपने वजन पर नियंत्रण रखना भी बेहद जरूरी है.
  • मौसमी फल और हरी सब्जियां का खूब सेवन करें।
  • थोड़ा-थोड़ा भोजन निश्चित अंतराल पर करते रहें।  
  • घी, तेल एवं मसालों का सेवन कम करें।
  • ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें। 
  • नमक और चीनी की कम मात्रा में उपयोग करें। 
  • पर्याप्त पानी पिएं व ग्रीन टी का सेवन करें। 
  • धूम्रपान, शराब और कैफीन से परहेज करें। 
  • तनाव को दूर ही रखें। 
  • ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएँ व इन्हें कंट्रोल में रखने के उपाय करें। 
  • और सबसे जरुरी बात, डॉक्टर की सलाह से दवाइयां लेते रहें।                                              
 ये भी पढ़ें - सर्दियों में जोड़ों का दर्द अपनाएं ये कारगर टिप्स |



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शनिवार, 26 दिसंबर 2020

सर्दियों में कैसे रखें अपने सेहत का ख़ास ख्याल ?

 

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सर्दियों के मौसम ने भारत में दस्तक दे दिया है| सर्दियों का मौसम बड़ा ही सुहावना होता है| यूं तो इस मौसम के अपने ही मजे हैं| पर अगर सेहत का ध्यान नहीं रखा तो, यह बड़ा ही सुहावना मौसम आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकता है| वैसे भी आजकल कोरोना हर किसी की परेशानी का सबब बना हुआ है| आज जरूरत है इस कोरोना काल में अपने सेहत का खास ख्याल रखा जाए| आइए जानते हैं कि 

सर्दियों में कैसे रखें अपने सेहत का ख़ास ख्याल ? 


1.सर्दियों में खानपान पर दें विशेष ध्यान -

सर्दियों के मौसम में खूब सारे फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में उपलब्ध होती है| अतः इनका खूब सेवन करें| फलों और सब्जियों में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में काफी मददगार साबित होते हैं| ठंड के मौसम में हमें प्यास  भी बहुत कम लगती है| और हमारे शरीर में पानी की कमी होने से कब्ज की समस्या भी ठंड के दिनों में होने लगती है| ऐसे में गर्म पानी का सेवन करना बहुत बेहतर रहता है| हर्बल टी का भी सेवन करें| सर्दियों में खानपान का विशेष ध्यान रखकर अपने सेहत का ख़ास ख्याल रखा जा सकता है|  


2.सर्दियों में वजन पर भी रखें नियंत्रण -

गर्मियों की तुलना में सर्दियों में खाने की भूख बढ़ जाती है| और ठंड की वजह से शारीरिक श्रम बहुत ही कम हो पाता है| जिसके फलस्वरूप वजन तेजी से बढ़ने लगता है| अतः खान-पान में नियमितता लाएं| और 15 से 20 मिनट तक एक्सरसाइज भी करें / योग भी कर सकते हैं|  


3.छोटे बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ख्याल - 

सर्दियों के मौसम में तो हम गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते ही हैं| लेकिन बच्चों एवं बुजुर्गों की सेहत का खास ख्याल रखना बहुत ही जरूरी होता है| उन्हें प्रतिदिन सुबह की धूप का सेवन करवाएं| धूप हम सभी के स्वस्थ रहने के लिए भी बेहद जरूरी है| धूप न मिलने से हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है| और संभव हो तो स्नान गुनगुने पानी से ही कराएं| 


4.ठंड के मौसम में पर्याप्त नींद भी है जरूरी -

सर्दियों में रातें लंबी होती है| तो 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लें| और बाकी समय का सदुपयोग करें| वरना आप पीछे रह जाएंगे| क्योंकि जमाने के साथ कदमताल भी तो बहुत जरूरी है|


5.सर्दियों में त्वचा का रूखापन और बेजान हो जाना - 

ठंड के मौसम में हमारी त्वचा रूखी और बेजान सी हो जाती है| आमतौर पर ठंड के मौसम में ऐसा हो जाता है| अतः इनसे बचने के लिए ऑयल और बॉडी लोशन का उपयोग कर सर्दियों में अपने त्वचा की सेहत का ख्याल रखें| 


6.तनाव से दूर रहें 

बदलते मौसम में अक्सर बड़ी उम्र के लोगों के साथ अवसाद बढ़ जाता है. यह आपके शरीर की बीमारियों और संक्रमण से लड़ने की क्षमता में बाधा उत्पन्न करता है. इसलिए तनाव से जितना हो सके दूर ही रहें। 


7.नमक का कम सेवन करें 

सर्दियों के मौसम में नमक की कम मात्रा का सेवन करना चाहिए। अधिक नमक का सेवन करने से हृदय संबंधी रोगों का खतरा रहता है.


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बुधवार, 23 दिसंबर 2020

नींद नहीं आ रही है... कहीं यह वजह तो नहीं !

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ठंड का मौसम इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है | या यूं कहें सर्दियों ने इन दिनों काफी कहर बरपाया हुआ है|  पर ऐसे में अगर आपको नींद नहीं आ रही है तो परेशान ना हों बल्कि वजह ढूढें कि आप कौन सी ऐसी गलतियां कर रहे हैं जिसकी वजह से आपकी नींद आपसे कोसों दूर हो गई है और आप करवटें बदलते रह जाते हैं| कईयों के साथ तो ऐसी  भी समस्या है कि रात को सोने की पूरी कोशिश करने के बावजूद भी सो नहीं पाते हैं| ऐसे में डॉक्टर से यथाशीघ्र संपर्क करना बेहतर रहता है |  कुछ ऐसे भी कारण है जो आपकी अच्छी नींद में बाधा डालते हैं तो चलिए उन 

वजहों को ढूंढते हैं जिनके लिए आपको नींद नहीं आ रही है ...   

   

1.पर्याप्त शारीरिक श्रम में कमी -

बहुत अधिक ठंड की वजह से हमारे शारीरिक श्रम/गतिविधि में कमी आ गई है|  ऐसे में घर पर ही थोड़ा वर्कआउट कर लेना बेहतर है| 15 से 20  मिनट तक की एक्सरसाइज भी आपको फिट रख सकता है| सुबह घना कोहरा होने की वजह से शाम को भी वॉक  पर निकल सकते हैं| 

2.दिनचर्या में अनियमितता- 

अगर रात को नींद नहीं आ रही है तो आपकी अनियमित दिनचर्या भी एक वजह हो सकती है|  अच्छी नींद के लिए बेहद जरूरी है कि आपका आहार भी अच्छा हो|  अतः आप समय से खाएं। दिन में तो बिल्कुल भी ना सोएं।  रात का खाना सोने से 2 घंटे पहले ही खा लें और रात में सोने का समय निश्चित कर लें| कोशिश करें कि  6 से 7 घंटे की पर्याप्त नींद लें|  टीवी देखने का भी समय निर्धारित कर लें| मतलब हर काम अपने निर्धारित समय पर ही करें|

3.चिंता से ग्रसित रहना-

चिंता से ग्रसित रहना भी एक बड़ी वजह है जो आपके  नींद में खलल डालती है |  आज के इस भागदौड़ वाली जिंदगी में लोग इतने तनावग्रस्त हो गए हैं कि उन्हें नींद ही नहीं आ रही है. मानो रातों की नींद ही कहीं उड़ गई हो|  मन अशांत रहता है| दिमागी तौर पर हम थके और चिडचिड़े  महसूस करते हैं|  लंबे समय तक नींद पूरी नहीं होने से हमारी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता  है |  हमें कई तरह की मानसिक बीमारियां भी हो सकती हैं|  इसलिए तनाव  से जितना हो सके दूरी रखें |

4.सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल- 

आज का युवा वर्ग सोशल मीडिया पर बहुत ही ज्यादा निर्भर हो गया है|  आंकड़े बताते हैं युवा वर्ग अपने स्मार्टफोन पर ज्यादा समय व्यतीत कर रहे हैं| देर रात तक सभी अपने फोन पर व्यस्त रहते हैं| और उनकी भी यही शिकायत रहती  है कि उन्हें देर रात तक नींद ही नहीं आ रही है| स्मार्टफोन भी एक बड़ा वजह है जो आपके नींद पर असर डालता  है|  सोशल मीडिया पर इतने निर्भर मत होइए|  इनका सीमित उपयोग करें| 

5.कैफीन करे नींद को कोसों दूर 

अगर आप भी सोने से पहले एक कप चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं तो अपने इस आदत से बचें। क्योंकि कैफीन नींद को लाने की जगह हमसे दूर कर देती है.


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