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| Health My Freak - Best Health Care Tips In Hindi |
आजकल युवाओं व किशोरों में मनोवैज्ञानिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही है, इसकी वजह है जागरूकता में अभाव | आज भी हमारा समाज मनोरोग को लेकर इतना गंभीर नहीं है, इस कारण इसके लक्षणों को लोग नजरअंदाज करते हैं | और जब स्वास्थ्य की बात आती है तो सभी खुशी-खुशी सारे मेडिकल टेस्ट करवा लेते हैं पर मन में क्या चल रहा है इसकी तरफ कोई ध्यान भी नहीं देता | ऐसा इसलिए भी होता है कि हम समझ ही नहीं पाते कि हमारा मन भी बीमार हो सकता है और इसे भी इलाज की जरूरत है और अगर जल्द ही इसके लक्षणों को देखकर इलाज समय पर नहीं किया गया तो यह लक्षण किसी गंभीर मनोरोग में बदल सकते हैं | मनोरोग की खास बात यह है कि पीड़ित व्यक्ति भी इसके लक्षणों से पूर्णत अनभिज्ञ रहते हैं | ऐसे में परिवार वाले और शुभचिंतकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि इन लक्षणों को पहचान कर पीड़ित व्यक्ति को साइकोलॉजिस्ट के पास अविलंब ले जाएं तो आइए जानते हैं
मनोरोग के लक्षणों को जिनको आप नजरअंदाज नहीं कर सकते |
उदासी हो सकती है डिप्रेशन
आज तेजी से बदल रही जीवन शैली में हर किसी इंसान के जीवन में थोड़ी उदासी तो स्वाभाविक ही है पर जब यह मनोस्थिति लगातार बनी रहती है तो यह डिप्रेशन (अवसाद) में तब्दील हो सकती है ऐसे में परिवार को उनसे बात करके उनकी उदासी दूर करने के बारे में सोचना चाहिए | पर अगर ऐसा संभव नहीं हो पा रहा तो फौरन ही किसी साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाएं |
शक की बीमारी
कुछ लोगों को शक की बीमारी होती है, आपने अपने आसपास जरूर ऐसे लोगों को देखा होगा जो गाहे-बगाहे किसी पर भी शक करने लगते हैं ऐसे लोग मन में उठे किसी वहम को ही सच मानने लगते हैं | ऐसे लोगों को यह भी लगता है कि कोई उनके खिलाफ साजिश रच रहा है या कोई उनका पीछा कर रहा है, कुछ लोगों को लगता है कि लोग उनकी पीठ पीछे बुराई करते हैं और कुछ को तो अपने जीवनसाथी के चरित्र पर ही शक होता है ऐसे किसी भी लक्षणों को देखकर तुरंत ही किसी साइकोलॉजिस्ट के पास जाकर सलाह लें, वरना पीड़ित व्यक्ति को स्किज़ोफ्रेनिया भी हो सकता है |
भूलने की बीमारी
कभी-कभी कुछ भूल जाना तो सामान्य बात है लेकिन आप अक्सर कुछ ना कुछ भूलते रहते हैं तो यह चिंता की बात है | बढ़ती हुई उम्र में अगर ऐसा हो रहा हो तो आपको यहां ध्यान देने की जरूरत है | दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ ही मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं जिससे मस्तिष्क की कार्य क्षमता में कमी हो जाती है और व्यक्ति शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या से ग्रस्त हो जाता है ऐसे इंसान को अभी कुछ देर पहले मिले व्यक्ति का नाम याद नहीं रहता है जबकि उन्हें अपने स्कूल के दिनों के सारे दोस्तों के नाम याद रहते हैं, यह गंभीर मनोरोग डिमेंशिया के लक्षण हो सकते हैं | इन लक्षणों का पता चलते ही इनका उपचार शुरू कर दें नहीं तो यह समय के साथ अल्जाइमर जैसी भयंकर बीमारी में परिवर्तित हो जाते हैं |
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