रविवार, 25 अप्रैल 2021

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने से मिलते हैं ये शानदार फायदे |

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रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने के कई फायदे हैं. आमतौर पर एक्सरसाइज करने की सलाह सुबह के समय के लिए दी जाती है. कहा जाता है कि सुबह के समय एक्सरसाइज करना अधिक लाभकारी होता है. ऐसा इसलिए कि सुबह का वातावरण एकदम साफ और शुद्ध होता है और एक्सरसाइज करने के लिए बिल्कुल ऐसे ही वातावरण की आवश्यकता होती है. इसीलिए रोजाना सुबह उठकर एक्सरसाइज करने की आदत डालना ही बेहतर रहता है. रोजाना एक्सरसाइज हमारे शरीर के लिए भोजन करने, पानी पीने जितना ही जरूरी है. रोजाना एक्सरसाइज हमें न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी फिट रखता है. आइए जानते हैं 

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने के क्या शानदार फायदे मिलते हैं ? 


मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं

रोजाना एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां स्वस्थ रहती हैं. साथ ही शरीर में रक्त संचार भी बेहतर ढंग से होता है. अगर आप रोजाना एक्सरसाइज करते हैं तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को भी सक्रिय होने में काफी मदद मिलती है.

रक्तचाप सामान्य रहता है 

रोजाना एक्सरसाइज करने से रक्तचाप से जुड़ी समस्याएं कम हो जाती हैं. एक्सपर्ट्स बताते हैं रोजाना एक्सरसाइज करने से उच्च रक्तचाप होने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है. 

वजन कम करता है 

अगर आप अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं और वजन कम करना चाहते हैं तो इसमें एक्सरसाइज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. रोजाना सुबह उठकर आप जब एक्सरसाइज करते हैं तो आपके शरीर से कैलोरी तेजी से कम होने लगती है और आपका वजन नियंत्रण में आने लगता है. 

इम्यून सिस्टम मजबूत बनाता है 

रोजाना सुबह एक्सरसाइज करने से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है. इससे आप जल्दी किसी बीमारी के प्रभाव में नहीं आते हैं और आप हमेशा स्वस्थ बने रहते हैं. 


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तनाव दूर करता है 

तनाव का सीधा असर आपके दिमाग पर पड़ता है. नियमित एक्सरसाइज तनाव और अवसाद जैसी कई समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है. डॉक्टर्स  बताते हैं कि नियमित एक्सरसाइज दिमाग के लिए एंटी डिप्रेशन दवा की तरह काम करता है. 

कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य रखता है 

रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी सामान्य किया जा सकता है एक्सरसाइज करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घट जाती है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है. इससे दिल की सेहत भी ठीक रहती है और हमें भरपूर ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है. इस वजह से हार्टअटैक और संबंधित बीमारियों के होने का खतरा काफी कम हो जाता है. 

शरीर में ताजगी लाता है 

अगर आप हर समय थका हुआ महसूस करते हैं और आपको सारा दिन आराम करने या फिर सोने का मन करता है तो समझ ले कि आपको रोजाना एक्सरसाइज करने की बहुत ज्यादा जरूरत है. रोजाना सुबह एक्सरसाइज से आप खुद को दिनभर तरोताजा रख सकते हैं. 

नींद को बेहतर बनाता है 

रोजाना सुबह उठकर एक्सरसाइज करने से रात को नींद न आने की परेशानी दूर होती है. जल्दी सोना और सुबह जल्दी उठना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है. सुबह जल्दी उठकर एक्सरसाइज करने से रात में अच्छी और गहरी नींद अपने समय पर खुद ही आने लगती है. 

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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

हाई ब्लड प्रेशर क्या है, जानिए लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सबकुछ |

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वैसे तो ब्लड प्रेशर का कोई स्थायी इलाज नहीं है. लेकिन इसे दवाओं और कुछ चीजों के परहेज से कंट्रोल किया जा सकता है. सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है, लेकिन 130/90 भी चिंताजनक नहीं है. इससे ऊपर जाने पर यह स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है.बता दें, हाई ब्लड प्रेशर का अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो यह हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है.


हाई ब्लड प्रेशर क्या है? 

ह्रदय धमनियों के माध्यम से ब्लड को शरीर में भेजता है. ब्लड एक निश्चित दबाव में शरीर की धमनियों में बहता है. जब यह दबाब किसी वजह से अधिक बढ़ जाता है, तब धमनियों पर ज्यादा असर पड़ता है और धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन  बनाए रखने के लिए दिल को सामान्य से अधिक काम करना पड़ता है. यह स्थिति उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर कहलाती है इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है. 


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) के लक्षण क्या है?

साधारणतया हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण जल्दी सामने नहीं आते हैं इसी वजह से इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है और जब स्थिति गंभीर हो जाती है तब लक्षण दिखाई पड़ते हैं अगर निम्न परेशानियां हो तो इसे लक्षण समझ कर तुरंत ही जांच करवानी चाहिए।

  • लगातार सिर दर्द होना,
  • थकान महसूस होना,
  • सीने में दर्द होना या भारीपन की समस्या,
  • सांस लेने में तकलीफ होना,
  • अनियमित धड़कन,
  • नाक से खून बहना,
  • कभी-कभी आंखों के आगे अंधेरा छा जाना और धुंधलापन की समस्या आदि. 


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) के कारण क्या हैं?

हाई ब्लड प्रेशर अव्यवस्थित जीवन शैली और असंतुलित आहार के कारण तो होता ही है पर इसके अलावा निम्न कारण भी हो सकते हैं.

  • मोटापे से ग्रसित व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं करने से भी हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) होने की आशंका बनी रहती है.
  • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होने की संभावना होती है.
  • शराब के अधिक सेवन से भी हाई ब्लड प्रेशर होने की आशंका बनी रहती है. 
  • खाने में ज्यादा नमक का सेवन करने वाले व्यक्तियों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है. 
  • तनाव से ग्रसित व्यक्ति भी हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) का शिकार बन सकता है.
  • वैसे व्यक्ति जो दिल के रोग, किडनी के रोग, शुगर रोग से ग्रसित हों एवं जिनकी रक्त धमनियां कमजोर हों, उनमें हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) होने की संभावना बढ़ जाती है.


हाई बी.पी.(ब्लड प्रेशर) से कैसे बचा जा सकता है?

निम्नलिखित सावधानियों को अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचा जा सकता है. 

ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाई जानी चाहिए. इसका ध्यान हर व्यक्ति को रखना चाहिए। 

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें 

एक्सरसाइज सेहतमंद रहने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता ही है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. 


खाने में नमक की मात्रा कम रखें 

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचने के लिए खाने में नमक की कम मात्रा का सेवन करें।


नशीले पदार्थों का सेवन न करें  

नशीले पदार्थ किसी भी व्यक्ति के लिए लाभप्रद नहीं होते हैं. ये उनकी सेहत को खराब कर सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचने के लिए नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।


नींद पूरी लें 

जब आप नींद में होते हैं तो आपका ब्लड प्रेशर कम होता है. नींद में कमी  करने पर ब्लड प्रेशर पर नकारात्मक असर पड़ता है. कम सोने वाले व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है इसीलिए 6 से 8 घंटे की भरपूर नींद लें. 


तनाव से दूर रहें 

ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए गुस्सा जानलेवा होता है, इसलिए जितना संभव हो उतना तनाव और गुस्से से दूर रहें और मानसिक शांति के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. 


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सोमवार, 19 अप्रैल 2021

अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये 10 टिप्स |

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आजकल ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो नींद नहीं आने की समस्या से ग्रसित है, अगर लंबे समय तक ठीक से नींद नहीं आए तो आप कई तरह की शारीरिक  व मानसिक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. नींद की कमी के कारण मोटापा, डायबिटीज, स्ट्रोक जैसी बीमारियों के खतरे की संभावना बढ़ जाती है. आज हर इंसान के लिए 6 से 8 घंटे की नींद लेना अति आवश्यक है. पर, इस बदलती जीवनशैली की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं लोग बिस्तरों पर करवटें बदलते रह जाते हैं और उन्हें नींद नहीं आती है. कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें नींद तो आती है पर जल्दी टूट जाती है. बहुत से लोग नींद के लिए मेडिसिन भी लेते हैं, पर यह नुकसानदायक ही होता है और इसकी आदत भी लग जाती है. चलिए हम आपको बता रहे हैं कि ऐसे कुछ 10 टिप्स , जिन्हें फॉलो कर आप नींद की समस्या से निजात पा सकते हैं.

1.योगाभ्यास करें 

अगर चिंता और तनाव के कारण नींद नहीं आती है तो, इसमें योग बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. वैसे भी सेहतमंद शरीर के लिए योग बहुत ही कारगर माना जाता है. नियमित रूप से योगाभ्यास आपको चिंता और तनाव से मुक्ति दिलाता है जिससे रात को अच्छी नींद आती है.

2.समय निर्धारित करें

अच्छी नींद के लिए बेहद जरूरी है कि आप अपने सोने का एक समय निर्धारित करें। भले ही आप का रूटीन कितना ही व्यस्त क्यों ना हो. इससे आपके शरीर के सोने और जागने का चक्र संतुलित हो जाता है. शुरुआत में आपको थोड़ी परेशानी होगी पर, धीरे-धीरे यह आपकी रूटीन में शामिल हो जाएगी।

3.डिजिटल स्क्रीन से रखें दूरी

दिन भर काम करने के बाद अगर आप रात को सोने के समय भी कंप्यूटर, टीवी या मोबाइल से चिपके रहते हैं तो, इन से थोड़ी दूरी बना लें.रात में सोशल मीडिया पर ज्यादा समय नहीं दें. बहुत जरूरी होने पर ही रात में मोबाइल का इस्तेमाल करें।


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4.रात्रि भोजन सोने से 3 घंटे पहले खाएं

रात को खाना खाकर तुरंत ही सोने पर पेट में मौजूद एसिड हमारे शरीर की आहार नली में पहुंच जाता है जिसके कारण आपको सीने में जलन महसूस होती है और आप ठीक से नहीं सो पाते हैं.

5.सोने से पहले स्नान करें

अगर आप नींद की समस्या से परेशान हैं तो आप यह टिप्स भी आजमाएं। आप सोने से 20 -30 मिनट पहले गुनगुने पानी से स्नान करके देखें। ऐसा करने से आपके शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे अच्छी नींद आती है. दरअसल, गुनगुने पानी से स्नान करने पर शरीर के तापमान में गिरावट आती है, जिससे नींद आसानी से आ जाती है.

6.अकेले सोने की कोशिश करें 

बहुत से लोगों की नींद तापमान, रोशनी, आवाजों पर भी निर्भर करती है, जैसे अलग-अलग लोगों का शारीरिक तापमान एक दूसरे से भिन्न होता है, जिस वजह से उन्हें अच्छी नींद के लिए अलग-अलग तापमान की जरूरत पड़ती है. वहीं कुछ लोग अलग अलग रोशनी में सोना पसंद करते हैं. इसके अलावा अगर आपके साथ सोने वाले व्यक्ति को खर्राटे लेने की आदत है तो आपको सोने में बेहद परेशानी हो सकती है, इसीलिए अच्छी नींद के लिए अकेले सोने की कोशिश करें। 

7.नियमित एक्सरसाइज करें

अगर आपको रात में नींद नहीं आती है तो आप नियमित रूप से व्यायाम कर सकते हैं. सुबह उठकर एक्सरसाइज करना बहुत ही बेहतर रहता है. पर आप सुबह एक्सरसाइज करने में किसी कारण से असमर्थ हैं तो आप शाम को भी एक्सरसाइज कर सकते हैं. पर याद रखें एक्सरसाइज और सोने के समय में कम से कम 3 घंटे का अंतराल होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि एक्सरसाइज करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है जिससे नींद आने में कठिनाई हो सकती है.

8.सिगरेट, शराब के सेवन से बचें 

यदि अच्छी नींद चाहते हैं तो धूम्रपान छोड़ दीजिए। खासकर सोने जाने से पहले धूम्रपान बिल्कुल भी ना करें, क्योंकि इससे नींद में व्यवधान उत्पन्न होता है. शराब पीना भी नींद के लिए हानिकारक ही होता है.

9.कैफीन के सेवन से बचें 

शाम के समय या सोने से पहले अधिक चाय या कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है. जिससे उत्तेजना बढ़ती है और मस्तिष्क जागृत हो जाता है. ऐसे में नींद आपसे कोसों दूर हो जाती है. 

10.तलवों की मसाज करें 

सोने से पहले हाथ पैर धोकर साफ करें और फिर अपने तलवों की मसाज करें। इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और थकान दूर होती है. अच्छी नींद के लिए रोज सोने से पहले इस मसाज को करें।

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शुक्रवार, 16 अप्रैल 2021

यूरिक एसिड क्या है, जानें इसके लक्षण और नियंत्रित करने के उपाय |

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क्या आप जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं? आपके पैरों की उंगलियों, एड़िओं और घुटनों में दर्द रहता है या फिर आप गठिया के रोगी हैं तो आप यह जान लें कि आपके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो सकती है, जो शरीर में सूजन, जोड़ों का दर्द, किडनी की समस्याएं और मोटापा जैसे कई रोगों का कारण बन सकती है. इसके अलावा ब्लड प्रेशर, थायराइड और डायबिटीज जैसे गंभीर रोगों का भी खतरा होता है. 


यूरिक एसिड क्या है? 


यूरिक एसिड एक रसायन है जो हमारे ब्लड में पाया जाता है. हमारे शरीर में यूरिक एसिड प्यूरीन नाम के प्रोटीन के टूटने से बनता है. शरीर में बनने वाले अधिकांश यूरिक एसिड ब्लड में घुल जाते हैं और गुर्दे / किडनी के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाते हैं. हमारा शरीर यूरिक एसिड को किडनी के माध्यम से फिल्टर कर देता है, लेकिन अगर आप खाने में प्यूरीन की मात्रा अधिक लेते हैं या आपका शरीर किसी वजह से यूरिक एसिड को फिल्टर नहीं कर पाता है तो आप के ब्लड में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. यूरिक एसिड बढ़ने की इस अवस्था को हाइपरयूरिसेमिया  भी कहा जाता है. कुछ समय बाद यूरिक एसिड हड्डियों में जमा होने लगता है और आपको यूरिक एसिड के लक्षण महसूस होने लगते हैं. शरीर में यूरिक एसिड के उच्च स्तर के कारण आप गठिया जैसे रोग के शिकार बन जाते हैं. 


यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?


  • ऐसे आहार जिसमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है. इनके सेवन से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक बढ़ जाती है. 
  • जैसे- मटर, पालक, मशरूम, सूखे सेम  आदि.  
  • इनके अलावा रेड मीट, सीफूड, दाल, राजमा, पनीर और चावल जैसे खाने से भी यूरिक एसिड बढ़ सकता है.
  • लाइफस्टाइल में बदलाव और गलत खानपान भी यूरिक एसिड के बढ़ने की वजह बन सकते हैं. 
  • बहुत देर तक भूखे रहने से भी यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या हो सकती है.
  • शराब पीने से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है. 
  • कई बार अनुवांशिक कारणों से भी यूरिक एसिड बढ़ जाता है. 
  • मोटापा, डायबिटीज, थायराइड, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रेस भी यूरिक एसिड बढ़ने की वजह हो सकते हैं.

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण

 

घुटनों और जोड़ों में दर्द रहना, उठने बैठने में तकलीफ होना, पैरों की एड़ियों में दर्द होना, उंगलियों में सूजन आ जाना, जोड़ों में गांठ की शिकायत होना, हाथ और पैरों की अंगुलियों में चुभन वाली असहनीय दर्द का होना।


यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के उपाय


प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ में करें कमी 

विभिन्न प्रकार के मांस, समुद्री भोजन और कुछ सब्जियों,जैसे- मटर, पालक, मशरूम, सूखे सेम आदि से मिलकर प्यूरीन बनता है जो पचने पर यूरिक एसिड का उत्पादन करता है अगर आप शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा में कमी चाहते हैं तो इनके सेवन से परहेज करें 


चीनी युक्त खाद्य और पेय पदार्थ से करें परहेज

हाल की स्टडीज  से पता चला है चीनी भी यूरिक एसिड को बढ़ाता है. रिफाइंड या प्रोसैस्ड फूड में चीनी की अधिक मात्रा पाई जाती है. इनके सेवन से यूरिक एसिड के बढ़ने की संभावना अधिक रहती है. चीनी वाले ड्रिंक्स, सोडा और फ्रेश फ्रूट जूस में भी फ्रुक्टोस और ग्लूकोस होता है. फ्रुक्टोस अन्य शुगर के मुकाबले तेजी से एब्जॉर्ब होता है और उतनी ही तेजी से ब्लड शुगर लेवल और यूरिक एसिड को भी बढ़ा देता है.


खूब पानी पिएं 

अधिक पानी पीने से आपको यूरिक एसिड कम करने और किडनी साफ करने में मदद मिलती है, और शरीर के सभी विषाक्त पदार्थों से भी छुटकारा मिलता है.


फाइबर से भरपूर फूड्स का सेवन करें

आप अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स को शामिल करके यूरिक एसिड से छुटकारा पा सकते हैं. फाइबर ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करता है साथ ही ओवरईटिंग से भी बचाता है.


यूरिक एसिड बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल से बचें

कई प्रकार की दवाओं के सेवन से भी शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. इसीलिए कोई भी मेडिकल सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. 

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मंगलवार, 13 अप्रैल 2021

डायबिटीज और इसके टाइप, जानें किन गलतियों से बढ़ सकता है ब्लड शुगर |

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डायबिटीज आज की खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और हार्मोन के असंतुलन का ही परिणाम है. भोजन से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट, जो हमारे शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं वे ब्लड में ही घूमते रह जाते हैं. इससे हमारे ब्लड में शुगर की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है और साथ ही शरीर की सभी नसें भी प्रभावित होती हैं. डायबिटीज में ब्लड में शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव अधिक होता है. अनियंत्रित डायबिटीज के कारण ब्लड में शुगर का स्तर काफी बढ़ जाता है जिसे हाइपरग्लाइसेमिया कहते हैं वहीं जब ब्लड में शुगर का स्तर बहुत कम हो जाता है जो हाइपोग्लाइसेमिया कहलाता है. हमारे शरीर के लिए दोनों ही स्थितियां घातक हैं. 

डायबिटीज के टाइप :


1. टाइप-1 डायबिटीज - 

यह बचपन या किशोरावस्था में अचानक इंसुलिन के उत्पादन में कमी होने से पैदा होने वाली बीमारी है. इसमें इंसुलिन हार्मोन बनना पूरी तरह बंद हो जाता है. इंसुलिन हार्मोन ही ब्लड में शुगर की मात्रा को नियंत्रित रखता है. ऐसे में शरीर में शुगर की बढ़ी हुई मात्रा को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है. टाइप-1 डायबिटीज के मरीज काफी कम होते हैं. 

2. टाइप-2 डायबिटीज - 

टाइप-2 डायबिटीज आमतौर पर 30 साल की उम्र के बाद धीरे-धीरे बढ़ता है. इससे प्रभावित ज्यादातर लोग वे हैं जो मोटापे के शिकार हैं. कई मामलों में यह आनुवांशिक होता है तो कई मामलों में खराब लाइफस्टाइल से संबंधित होता है. इसके मरीजों के ब्लड में शुगर का स्तर बहुत अधिक होता है और उनके शरीर में इंसुलिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता है या अग्नाशय / पैंक्रियाज ठीक से काम नहीं करता है. डायबिटीज के 90% मरीज टाइप-2 कैटेगरी से ही आते हैं.

डायबिटीज के मरीजों को खुद का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है अनजाने में उनसे ऐसी कई गलतियां हो जाती हैं जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. 

नींद पूरी न लेना 

नींद पूरी न लेने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसमें डायबिटीज भी एक है. डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद जरूरी है कि वे  अपनी नींद पूरी करें और अपना रूटीन सही करें। ब्लड शुगर लेवल रात में ज्यादा देर तक जागने से बढ़ सकता है. नींद पूरी न लेने की वजह से आपको दिनभर थकान महसूस हो सकती है. उठने और सोने के रूटीन को सही रखकर डायबिटीज के खतरे से बचा जा सकता है. 

भोजन करने का समय ठीक न होना 

अगर आप खाना समय पर नहीं खाते हैं तो ऐसा करना खतरनाक हो सकता है खासकर आप डायबिटीज के मरीज हैं. डायबिटीज में जरूरी है कि आप समय पर खाना खाएं। कई बार आपका खाना खाने का मूड न भी हो तो आप जूस या हेल्दी सूप का सेवन कर सकते हैं. सुबह के नाश्ते में कम कैलोरीज वाले आहार लें. 

एक्सरसाइज न करना 

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो, इस बात का ख्याल रखें कि नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। आप चाहे तो योगाभ्यास भी कर सकते हैं. इससे आपका ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है. 

नियमित चेकअप न करवाना 

कई लोगों की आदत होती है कि वे अपने ब्लड शुगर का चेकअप समय पर नहीं करवाते हैं, जिससे उन्हें पता ही नहीं चलता है कि उनका ब्लड शुगर हाई है या फिर लो. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपना रूटीन चेकअप नियमित रूप से करवाना चाहिए।

ये भी पढ़ें - यूरिक एसिड क्या है, जानें इसके लक्षण और नियंत्रित करने के उपाय |


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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

सोमवार, 5 अप्रैल 2021

ये गलतियां बढ़ा सकती हैं आपका वजन |

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अगर वजन घटाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपके पास धैर्य का होना बेहद जरूरी है. लोग वजन घटाने के लिए काफी मेहनत करते हैं. कई लोग जिम में घंटों एक्सरसाइज करते हैं और कई एक्सपर्ट के द्वारा बताए गए डाइट प्लान को फॉलो करते हैं, लेकिन यह तमाम कोशिशें धरी रह जाती हैं जब हम अनजाने में ही सही कुछ गलतियां कर देते हैं यह गलतियां भले ही छोटी लगती हैं लेकिन यह वजन को घटने नहीं देती है. आइए जानते हैं 

उन गलतियों को जो आपके वजन को बढ़ा सकती हैं. 


देर तक सोना 

आप नियमित रूप से वर्कआउट कर रहे हैं और हेल्दी डाइट भी ले रहे हैं पर फिर भी आपका वजन कम नहीं हो रहा है, तो हो सकता है कि आपकी  देर तक सोने वाली आदत इसकी जिम्मेदार हो. इसीलिए देर तक सोने (ओवरस्लीपिंग) से बचें. ओवरस्लीपिंग भी वजन बढ़ने का एक कारण हो सकता है. 


ब्रेकफास्ट स्किप करना 

अगर आप यह सोचते हैं कि ब्रेकफास्ट स्किप करने से वजन कम होता है, तो आप बिल्कुल गलत सोचते हैं. दरअसल ब्रेकफास्ट स्किप करने से दिन के समय काफी जोरों से भूख लगती है और उस समय जितना भी भोजन हमारे सामने आता है, सब खत्म हो जाता है. मतलब जितनी कैलोरी की आवश्यकता होती है हम उससे ज्यादा कैलोरी इनटेक कर लेते हैं, परिणाम स्वरूप वजन तेजी से बढ़ता है.


ब्रेकफास्ट की जगह चाय या कॉफी पीना 

खाली पेट चाय या कॉफी पीना आपके शरीर में फैट की मात्रा को बढ़ाता है. साथ ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को भी बढ़ाता है. इसके अलावा ब्रेकफास्ट स्किप कर चाय या कॉफी पीना तनाव को भी बढ़ाता है, जो वजन बढ़ने का एक प्रमुख कारण होता है.


 टीवी देख कर खाना 

क्या आपने कभी सोचा है टीवी भी आपके वजन को बढ़ाने में जिम्मेदार हो सकता है. शोध बताते हैं टीवी देखते हुए आप ज्यादा खाना खा लेते हैं. इससे आपके शरीर को ज्यादा मात्रा में कैलोरी मिलती है और भोजन के  ठीक से नहीं पचने  से आपके शरीर में फैट जमा होने लगता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या होने लगती है.


पर्याप्त पानी न पीना 

वजन घटाने के लिए दिन भर में कम से कम 6 से 8 गिलास पानी पीना बेहतर रहता है. वहीं इसके विपरीत जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उनका मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाता है. ऐसे में हम जो भी भोजन ग्रहण करते हैं वह ठीक से पचता नहीं है, और फैट  में बदल जाता है. इससे वजन बढ़ने की समस्या होने लगती है. वही पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं. इससे पेट और ब्लड साफ रहता है. साथ ही कब्ज की समस्या से भी छुटकारा मिलता है.


 पर्याप्त नींद न लेना 

जो लोग रात को कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद नहीं लेते हैं. इससे उनके शरीर में कॉर्टिसोल नामक हार्मोन बनने  लगता है. इस हार्मोन से मस्तिष्क में स्ट्रेस पैदा होता है. ऐसे में हम दिन भर थकावट महसूस करते हैं और ओवर ईटिंग के शिकार हो जाते हैं, जिससे वजन बढ़ने की समस्या होने लगती है.

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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

शनिवार, 3 अप्रैल 2021

क्या है फैटी लिवर, इसके प्रकार, लक्षण, शरीर पर प्रभाव और बचाव के बारे में जानिए |

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लिवर हमारे शरीर के प्रमुख अंगों में से एक है. लिवर भोजन को पचाकर उसके पोषक तत्वों को शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाने का काम करता है. शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम भी लिवर का ही होता है. फैटी लिवर वह बीमारी है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अत्यधिक मात्रा में फैट यानी वसा जमा हो जाता है. लिवर में वसा की कुछ मात्रा का होना तो सामान्य बात है, लेकिन जब वसा की मात्रा लिवर की भार से 10 % अधिक हो जाती है तब यह फैटी लिवर की बीमारी कहलाती है. आइए अब
 

फैटी लिवर के प्रकार, लक्षण, शरीर पर प्रभाव, और बचाव के बारे में जानें।


फैटी लिवर दो प्रकार के होते हैं. 


1. एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (Alcoholic Fatty Liver Disease) 

एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में शराब /अल्कोहल के अत्यधिक सेवन से लिवर पर फैट जमा हो जाता है


2. नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease)  

लिवर में फैट जमा होने की संभावना उन लोगों में ज्यादा होती है जिन्हें मोटापा, डायबिटीज या उनके ब्लड में कोलेस्ट्रॉल यानी फैट की मात्रा ज्यादा हो. ऐसे  लोगों में लिवर में फैट जमने की संभावना 60% होती है.


फैटी लिवर के लक्षण क्या है?


आम तौर पर शुरुआत में फैटी लिवर के लक्षणों का पता नहीं चलता है. पर बाद में शरीर में ये लक्षण दिखने लगते हैं, जैसे- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, वजन में कमी, आंखों व त्वचा का पीलापन, पेट पर सूजन, हथेलियों का लाल पड़ जाना। इन लक्षणों के दिखाई पड़ते ही लिवर की जांच करवा लेना ही बेहतर रहेगा। 


फैटी लिवर का हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?


फैटी लिवर से ग्रसित अधिकतर लोग ऐसे हैं, जिनके शरीर पर फैटी लिवर का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. यानी उनके लिवर में सिर्फ फैट जमा होता है, फैटी  लिवर की इस अवस्था को Simple Steatosis कहा जाता है. परंतु 15 से 20% ऐसे भी लोग हैं जिन्हें लिवर की कोशिकाओं में फैटी लिवर के चलते सूजन होने लगती है, फैटी लिवर की इस अवस्था को नॉन एल्कोहलिक स्टीटोहेपिटाइटिस (NASH )कहा जाता है. NASH की स्थिति में कुछ लोगों में यह बीमारी धीमी गति से बढ़ सकती है. उनके लिवर में धीरे-धीरे रेशे (Fibrosis )पड़ने लगते हैं. करीब 1 % मामलों में लिवर 15 से 20 सालों में खराब होकर फेल भी हो सकता है और फिर लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है.


फैटी लिवर से कैसे बचा जा सकता है?


निम्नलिखित महत्वपूर्ण आदतों को अपनाकर फैटी लिवर की बीमारी से बचा जा सकता है.

  • फैटी लिवर की समस्या से बचने के लिए हेल्दी डाइट लेना बहुत ही जरूरी है इसके लिए अपने डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, फाइबर युक्त आहार का प्रचुर मात्रा में सेवन करें। 
  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
  • धूम्रपान न करें। इससे सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
  • शराब /अल्कोहल का सेवन बिल्कुल भी न करें इसके अधिक सेवन से फैटी लिवर होने की समस्या बढ़ जाती है. 
  • अपने वजन को नियंत्रण में रखें। 
  • डायबिटीज को कंट्रोल करें। फैटी लिवर होने का एक प्रमुख कारण डायबिटीज भी है. 
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गुरुवार, 1 अप्रैल 2021

जानिए अच्छी नींद लेने के क्या हैं फायदे |

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क्या आप जानते हैं जिस तरह अच्छी सेहत के लिए अच्छी डाइट बेहद ही जरूरी है, वैसे ही अच्छी नींद भी आपकी अच्छी सेहत के लिए उतनी ही जरूरी है. लगातार कई घंटे काम करने के बाद आपके शरीर को आराम की जरूरत पड़ती है और पूरा आराम शरीर को रात में ही मिल पाता है. हेल्थ एक्सपर्ट भी रात को 6 से 8 घंटे तक की अच्छी नींद की सलाह देते हैं. यदि आप अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है. नींद की कमी के कारण मोटापा, डायबिटीज और स्ट्रोक जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है.अच्छी नींद लेने के कई फायदे हैं. आइए जानते हैं 

उन फायदों के बारे में जो आपको अच्छी नींद लेने से मिलते हैं. 


वजन कम करे

अच्छी नींद आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है. जिससे शरीर में जमा फैट तेजी से बर्न होता है और वजन घटने लगता है वहीं कम नींद लेने से हार्मोन असंतुलन का खतरा रहता है, जिसे कारण भूख भी अधिक लगती है और फिर वजन बढ़ने की समस्या उत्पन्न हो जाती है. 


स्वस्थ बनाए

अच्छी नींद आपको मानसिक रूप से मजबूत बनाती है. अच्छी नींद आपके शरीर को पूर्ण आराम देकर दिन भर की सारी फिजिकल एक्टिविटीज के लिए तैयार करती है, जिससे आप शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहते हैं. 


एकाग्रता बढ़ाए 

अच्छी नींद आपके मस्तिष्क को आराम देकर एकाग्रता बढ़ाती है और आपकी सोच को भी नई दिशा देती है, जिससे आपकी रचनात्मकता बढ़ जाती है.


मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करे

कई घंटे लगातार काम करने से आपके शरीर के साथ-साथ आपका मस्तिष्क भी थक जाता है. इससे आपकी मानसिक स्थिति पर काफी प्रभाव पड़ता है. ऐसे में अच्छी नींद आपकी मानसिक स्थिति में काफी सुधार लाती है और आपकी तनाव, चिंता, चिड़चिड़ाहट को दूर कर देती है.


उम्र बढ़ाए 

अच्छी नींद हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कई रोगों से लड़ने में सहायता करती है, जिससे हमारी आयु बढ़ती है. शोध बताते हैं कि 7 से 8 घंटे तक नींद लेने वाले कम नींद लेने वालों की अपेक्षा ज्यादा लंबा जीवन जीते हैं.


उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल से बचाए 

ह्रदय शरीर में ब्लड को धमनियों के माध्यम से भेजता है. और नींद हमारी धमनियों को प्रभावित करती है. अच्छी व पर्याप्त नींद न लेने से उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है और इससे हमारा हृदय भी बुरी तरह प्रभावित होता है.


हृदय रोगों से बचाए 

अध्ययन बताते हैं कि रात में 5 घंटे से कम सोने से हार्ट अटैक का खतरा 45% तक बढ़ सकता है. अच्छी नींद हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है और हृदय रोगों से बचाती है.


कैंसर से बचाए 

अगर अच्छी नींद के साथ स्वस्थ आहार भी लिया जाए तो कैंसर जैसे गंभीर रोगों से भी बचा जा सकता है. जो लोग रात में काम करते हैं उनमें कोलोन और ब्रेस्ट कैंसर की संभावना अधिक होती है. अध्ययन बताते हैं नींद को लाने में मददगार मेलाटोनिन हार्मोन तेज रोशनी से प्रभावित होता है. रोशनी और नींद नहीं आने से व्यक्ति में ट्यूमर या गांठ का विकास होने लगता है जो कैंसर को जन्म देता है.

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