बुधवार, 24 मार्च 2021

जानिए हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है विटामिन-सी |

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विटामिन-सी हमारे सेहत के लिए बेहद जरूरी है. विटामिन-सी को एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है. विटामिन-सी हमारे शरीर के लिए इसलिए भी जरूरी है कि इसका निर्माण हमारे शरीर में नहीं होता है. विटामिन-सी की कमी से स्कर्वी रोग हो सकता है। आमतौर पर विटामिन-सी खट्टे फलों और सब्जियों से प्राप्त होता है. विटामिन-सी हमारे सेहत का ही नहीं बल्कि हमारी त्वचा का भी खास ख्याल रखता है. आइए जानते हैं 

विटामिन-सी हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है? 


एंटीऑक्सीडेंट 

विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो हमें बीमारियां पैदा करने वाली फ्री रेडिकल से बचाते हैं. साथ ही बढ़ती हुई उम्र के असर को काम करते हैं और डैमेज सेल्स को रिपेयर करने में मदद करते हैं.


कोलेजन  बढ़ाए 

विटामिन-सी शरीर में कोलेजन को बढ़ाने में मदद करता है. कोलेजन का निर्माण शरीर में स्वत: ही होता है. इससे त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियां कम होती हैं और हमारी त्वचा स्वस्थ रहती है.


आयरन की कमी से बचाए 

शरीर के अंदर होने वाली कई क्रियाओं के लिए आयरन की आवश्यकता होती है. आयरन संपूर्ण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को ब्लड की आपूर्ति करता है. विटामिन-सी भोजन से आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है जिसके फलस्वरुप हमारे शरीर में आयरन की कमी नहीं होती है.


इम्यूनिटी बढ़ाए

विटामिन-सी इम्यूनिटी को बढ़ाकर हमारे शरीर को कई बीमारियों से बचाता है. विटामिन-सी सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाकर रोगों के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है इसलिए अधिकतर लोग इसका नियमित सेवन करना पसंद करते हैं पर अधिक मात्रा में इसका सेवन हमारे शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है.


त्वचा को नमी पहुंचाए 

अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप विटामिन-सी का सेवन करना शुरू कर दीजिए। विटामिन-सी आपकी त्वचा की नमी को बरकरार रखता  है. इसमें मौजूद एप्रीकॉट त्वचा को जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं जिससे आपकी त्वचा मुलायम हो जाती है. 


ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे

विटामिन-सी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है. हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय संबंधी रोगों का खतरा ज्यादा होता है. विटामिन-सी रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और हृदय में रक्त की आपूर्ति करता है. इसके सेवन से वयस्कों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कम होता है.


तनाव दूर करे

तनाव से जुड़ी कई सारी समस्याएं विटामिन-सी की कमी से होती है. विटामिन-सी स्ट्रेस फाइटिंग हार्मोन- एड्रेनालाईन का स्राव करआपको तनाव से राहत पहुंचाता है. 


बालों की खूबसूरती के लिए भी जरूरी

बालों को ड्राइनेस और हेयर फॉल से बचाने के लिए विटामिन-सी बहुत ही जरूरी है. हमारे शरीर में विटामिन-सी की कमी होने से बालों में रूखापन आ जाता है. सिर की त्वचा शुष्क होने के कारण बालों की जड़ें कमजोर हो जाती है और हेयर फॉल शुरू हो जाता है. विटामिन-सी के सेवन से सिर में रक्त संचार बढ़ता है और बाल शाइन करने लगते हैं.


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विटामिन-सी के ये हैं स्रोत 

  • खट्टे रसदार फलों में जैसे-आंवला, नीबू, संतरा, नारंगी, बेर, अंगूर आदि में विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. 
  • इसके अलावा सेब, अमरुद, केला, कटहल आदि में भी विटामिन-सी पाए जाते हैं. 
  • हरी सब्जियों में पत्तागोभी, मूली के पत्ते, चुकंदर, शलजम, टमाटर, पुदीना, हरा धनिया और पालक में विटामिन-सी पाए जाते हैं. 

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Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

शनिवार, 20 मार्च 2021

जानिए सुबह खाली पेट पानी पीने के क्या हैं फायदे |

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सुबह सवेरे खाली पेट पानी पीना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर बताया गया है. अगर आप सुबह सवेरे उठकर तांबे के बर्तन में रखा पानी पी लेते हैं तो यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही गुणकारी हो जाता है. सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना इसलिए भी जरूरी हो जाता है कि रात में नींद नहीं टूटने की वजह से आप लंबे समय तक पानी नहीं पी पाते हैं. इसीलिए सुबह उठने के साथ ही आपके शरीर को पानी की सर्वाधिक आवश्यकता होती है वहीं अगर आप सुबह उठकर बासी मुंह पानी पीने की आदत डाल लेते हैं तो इसके क्या ही कहने। ऐसा इसलिए कि मुंह में रात को सोते समय लार बनता है. सुबह उठकर बासी मुंह पानी पीने से लार भी पानी के साथ पेट में चला जाता है दरअसल लार में बहुत सारे एंटीबायोटिक तथा एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं जिस कारण आपकी पेट संबंधी बीमारियां के साथ-साथ अन्य बीमारियां भी पानी पीने से दूर होती हैं. अब आप जानिए 

सुबह खाली पेट पानी पीने के और क्या फायदे हैं?


पेट के लिए फायदेमंद

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना आपके पेट के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद है. ऐसा करने से आप कब्ज की समस्या से ग्रसित नहीं होते हैं और आंतों में जमा मल आसानी से बाहर निकल जाता है. इससे आपका पेट साफ रहता है.


भूख बढ़ाए 

सुबह अगर पेट साफ नहीं होता है तो भूख भी नहीं लगती है. ऐसे में शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता है. वहीं आप सुबह उठ कर पानी पी लेते हैं तो आपका पेट भी आसानी से साफ हो जाता है और आपको भूख भी अच्छी लगती है फिर आप नाश्ता भी ठीक से करते हैं.


मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है

रिसर्च से पता चला है कि सुबह खाली पेट पानी पीने से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. मेटाबॉलिज़्म बढ़ने से आपका भोजन जल्दी पचता है, जिसके फलस्वरूप वजन भी घटने लगता है और अगर आप भी वजन घटाना चाह रहे हैं तो, सुबह उठकर खाली पेट पानी पीना शुरू कर दीजिए।


सिर दर्द और तनाव से छुटकारा 

सुबह उठकर अगर आप खाली पेट पानी पीते हैं तो, दिमाग में ऑक्सीजन की बेहतरीन आपूर्ति होती है. पूरे दिन दिमाग सक्रिय और तरोताज़ा रहता है. पर आपको दिनभर बीच-बीच में पानी पीते रहना चाहिए। इससे दिमाग से जुड़ी मांसपेशियाँ भी तनाव मुक्त रहती हैं.


शरीर की सफाई

सुबह सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर में मौजूद हानिकारक और विषैले तत्त्व मूत्र और पसीने के जरिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं, और शरीर की बेहतर ढंग से सफाई हो जाती है.


त्वचा की निखार बढ़ाए

त्वचा पर कील मुंहासे, दाग धब्बों का मतलब ही है, आपके शरीर के अंदर विषाक्त तत्व मौजूद हैं. अगर आप खाली पेट पानी पीना शुरू कर देते हैं तो आपकी त्वचा अंदर से साफ हो जाएगी और बाहर से भी निखर उठेगी।


इम्यूनिटी बढ़ाए

आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि पानी शरीर के इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए बेहद ही जरूरी है. दरअसल, पानी हमारे शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे शरीर हमारा एक्टिव और हेल्दी बना रहता है और शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है.

ये भी पढ़ें - जानिए हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है विटामिन-सी


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बुधवार, 17 मार्च 2021

साइकिल चलाने की आदत डालिए और सेहतमंद रहिए |

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अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो कुछ अच्छी आदतों को अपने दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं, जिसमें से एक हो सकता है साइकिलिंग। साइकिलिंग आपके शरीर को फिट और तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए बेस्ट एक्सरसाइज है. जरूरी नहीं कि आप साइकिलिंग के लिए अलग से वक्त निकालें। आप आज ही से अपने दिनचर्या में साइकिलिंग को शामिल कर अपने शरीर को फिट और आकर्षक बना सकते हैं. आइए जानते हैं साइकिल चलाने की आदत से कैसे सेहतमंद रहा जा सकता है.


वजन कम करने में सहायक

यदि आप अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको साइकिलिंग जरूर करनी ही चाहिए। साइकिलिंग आपके शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी बर्न करने में सहायता करता है. रोजाना साइकिल चलाकर आप कुछ ही दिनों में अपना वजन नियंत्रण कर सकते हैं. 


हृदय रोगों के जोखिम कम करे

रोजाना साइकिल चलाने से हृदय, फेफड़ों की एक्सरसाइज अच्छे से हो जाती है. शरीर में रक्त प्रवाह (ब्लड सर्कुलशन) बेहतर होने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है. ऐसे में हार्ट अटैक व अन्य हृदय संबंधी रोगों का जोखिम कम रहता है.


डायबिटीज को नियंत्रित करे

साइकिलिंग डायबिटीज को नियंत्रित करने में बहुत ही प्रभावी एक्सरसाइज है. साइकिल चलाने से शुगर कंट्रोल होने लगता है और डायबिटीज के मरीजों को काफी लाभ पहुंचता है. 


तनाव कम करे

रोजाना साइकिल चलाने से मस्तिष्क की कार्य क्षमता बढ़ती है. साइकिलिंग आपके मूड को भी फ्रेश कर देता है. तनाव, चिंता, मानसिक परेशानियां दूर हो जाती हैं .अनिद्रा, डिप्रेशन के मरीजों को साइकिलिंग से बहुत लाभ मिलता है.


स्टेमिना बढ़ता है 

जब आप साइकिल चला रहे होते हैं तो आप सामान्य से अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण कर रहे होते हैं, यानी ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है. इस कारण शरीर में रक्त प्रवाह (ब्लड सर्कुलशन) भी बढ़ जाता है, जिससे आपकी त्वचा ज्यादा स्वस्थ और चमकदार दिखती है. और आप अधिक जवां दिखने लगते हैं साथ ही महसूस करते हैं कि आपका स्टेमिना बढ़ गया है और शरीर में नई ऊर्जा और ताकत का संचार हुआ है.


शरीर के अंगों के बीच बेहतर तालमेल

जब आप साइकिल चला रहे होते  हैं तो इससे शरीर के सभी अंगों के बीच बेहतर तालमेल बन जाता है. आंखें, हाथ, पैर इन सभी अंगों के बीच अच्छा तालमेल शरीर के संपूर्ण संतुलन को प्रभावी ढंग से दिखलाता है.


इम्यून सिस्टम को मजबूत करे

साइकिल चलाने का एक और फायदा यह है कि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है, जिससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.


मांसपेशियां मजबूत होती है

रोजाना साइकिलिंग से पैरों की काफी अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है इससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. 


सेहतमंद रहने के लिए कितनी देर तक साइकिल चलाएं 

अगर आप साइकिल चलाना शुरु करने वाले हैं, तो शुरुआत में 30 मिनट से ज्यादा साइकिल ना चलाएं. रिसर्च से पता चला है कि अगर आप 1 घंटे साइकिलिंग करते हैं तो आप लगभग 300 कैलोरी तक बर्न कर लेते हैं. अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोजाना 30 मिनट से 60 मिनट तक ही साइकिलिंग करने की सलाह देते हैं. 

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रविवार, 14 मार्च 2021

रोजाना सुबह की सैर (Morning Walk) के 8 बेहतरीन फायदे |

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सुबह की सैर (Morning Walk) का कोई विकल्प ही नहीं है. सुबह की सैर के 30 मिनट हमें कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बचाती हैं. आज की भागदौड़ वाली लाइफ स्टाइल में सुबह की सैर के लिए समय निकालना बहुत जरूरी है. क्योंकि यह हमारे शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर आप वास्तव में हर समय जोश और स्फूर्ति से भरा हुआ रहना चाहते हैं तो आपको रोजाना 30 मिनट पैदल जरूर चलना चाहिए. आज हम आपको बता रहे हैं  

रोजाना सुबह की सैर (Morning Walk) के 8 बेहतरीन फायदे क्या हैं ? 


1 वजन घटाने में सहायक 

आजकल की  लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से युवा वर्ग ही नहीं बल्कि, छोटे बच्चों में भी मोटापा के लक्षण दिख रहे हैं. दरअसल, हम अपने खानपान से जो कैलोरी लेते हैं, उसे बर्न  करने के लिए पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं. जिसके  चलते वह फैट हमारे शरीर में ही जमा रह जाता है. लेकिन, रोजाना सुबह की सैर (Morning Walk) से आपकी अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है. जिससे वजन नियंत्रण में आ जाता है. 


2 पर्याप्त विटामिन डी मिलता है

अगर आप रोजाना 30 मिनट सुबह की सैर (Morning Walk) करते हैं, तो आपको विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में मिलता है, बशर्ते कि आप सैर सूर्योदय के बाद करें. सूर्योदय के पहले सैर  करने से आप विटामिन डी से वंचित रह जाते हैं.


3 सुबह की सैर बुजुर्गों के लिए है वरदान 

आजकल की जेनरेशन को जिम में जाकर वर्कआउट करना पसंद है. लेकिन, बुजुर्गों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है सुबह की सैर (Morning Walk). बुजुर्गों के लिए सुबह की सैर के काफी फायदे हैं. रोजाना 30 मिनट टहलने से उन्हें घुटने के दर्द से मुक्ति मिलती है, साथ ही शरीर में ताजगी और स्फूर्ति आती है. 


4 रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

रोजाना आधे घंटे सुबह की सैर (Morning Walk) आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है. जिससे आपके शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है, और टहलने से शरीर का मेटाबॉलिज्म भी तेजी से बढ़ता है.


5 डिप्रेशन से बचाए

डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है जो ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से किसी भी व्यक्ति को हो सकती है. इससे दूर रहने के लिए रोजाना 30 मिनट सुबह की सैर (Morning Walk) एक असरदार उपाय है. सुबह की सैर आपको तनाव मुक्त कर देता है और डिप्रेशन जैसे रोगों से भी बचाता है. 


6 हृदय रोगों से बचाव

अगर आप रोजाना आधे घंटे सुबह की सैर (Morning Walk) की आदत डाल लेते हैं, तो आप हार्ट अटैक के खतरे की संभावना को कम कर लेते हैं. इसके अलावा हृदय से संबंधित अन्य समस्याएं भी खत्म होने लगती हैं. 


7 कैंसर से लड़ने में मददगार

रोजाना 30 मिनट सुबह की सैर (Morning Walk) कैंसर के रोगी के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. सुबह की सैर करने से महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना बहुत कम हो जाती है.  


8 डायबिटीज से बचाए 

डायबिटीज़ मॉडर्न लाइफस्टाइल के कारण होने वाली एक आम बीमारी है. रोजाना सुबह आधे घंटे की सैर (Morning Walk) शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा को नियंत्रित करती है, और साथ ही साथ टाइप-2 डायबिटीज के खतरे से भी बचाती है.

ये भी पढ़ें - साइकिल चलाने की आदत डालिए और सेहतमंद  रहिए | 


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बुधवार, 10 मार्च 2021

नियमित रक्तदान के हैं 7 बेहतरीन फायदे |

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रक्तदान के इतने सारे फायदे हैं जिन्हें जानकर आप चौंक जाएंगे। रक्तदान से कई लोगों को न सिर्फ जीवनदान मिलता है बल्कि अपनी सेहत भी सुधरती है. इससे कैंसर, स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां भी दूर रहती हैं. रक्तदान को महादान भी कहा जाता है. हमारे भारत में हर साल करीब एक करोड़ ब्लड यूनिट की आवश्यकता पड़ती है और एक महत्वपूर्ण बात आपको बता दें कि ब्लड का उत्पादन नहीं हो सकता है सिर्फ और सिर्फ रक्तदान से ही प्राप्त किया जा सकता है ऐसे में किसी की जिंदगी बचाने के लिए जरूरी हो जाता है कि रक्तदान नियमित तौर पर किया जाए. ब्लड को प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और लाल रक्त कोशिकाएं जैसे घटकों में तोड़ा जा सकता है इन को अलग-अलग करके एक ही रक्तदान से तीन जिंदगियां बचाई जा सकती है. आइए जानते हैं 

नियमित रक्तदान (ब्लड डोनेशन) के क्या फायदे हैं?


1.ह्रदय को स्वस्थ रखता है - 

रक्तदान (ब्लड डोनेशन) हृदय के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होता है. रक्तदान नियमित तौर पर करने से शरीर में आयरन की मात्रा नियंत्रित रहती है. और माना जाता है कि ब्लड में आयरन की ज्यादा मात्रा ह्रदय रोग के खतरे को बढ़ा सकती है. इसलिए आयरन की संतुलित मात्रा रहने से हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है.


2.कैंसर से बचाव -

नियमित रूप से रक्तदान से आप अपने शरीर को आयरन की अतिरिक्त मात्रा से बचा सकते हैं. आयरन की अधिकता से लीवर कोशिकाओं का ऑक्सीडेशन होने लगता है जिसके फलस्वरूप वह डैमेज होकर कैंसर का रूप भी ले सकता है.


3.वजन नियंत्रण में सहायक -

रक्त दान (ब्लड डोनेशन) से वजन नियंत्रण करने में भी मदद मिलती है. एक बार रक्तदान से 650 से 700 कैलोरी तक घटाया जा सकता है, और कैलोरी घटने से वजन भी कम हो जाता है पर, इसका मतलब यह नहीं कि वजन कम करने के लिए ब्लड डोनेशन किया जाए. रक्तदान से वजन कम करने में मदद जरूर मिलती है पर, रक्तदान को वजन कम करने का तरीका नहीं बनाया जा सकता।


4.नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं -

हमारे शरीर में रक्त कोशिकाओं की उम्र केवल 42 दिनों की होती है. इस अवधि के बाद शरीर में पुराना खून नष्ट होकर नया खून बनता रहता है. नई रक्त कोशिकाएं शरीर को स्वस्थ रखने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. नियमित ब्लड डोनेशन से जो नया खून आपके शरीर में बनता है, वह आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है.


5.रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि -

रक्तदान (ब्लड डोनेशन) से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे हमारा शरीर बीमारियों से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए प्रेरित होता है.


6.मानसिक संतुष्टि मिलती है -

रक्तदान (ब्लड डोनेशन) से कई लोगों को जीवनदान मिलता है, जिसके एहसास से मन में खुशी और संतुष्टि का भाव आता है.


7.मुफ्त चिकित्सा जांच -

शरीर की नियमित जांच करवाने से बीमारियों का पता चल जाता है जब आप ब्लड डोनेट करने जाते हैं तो चिकित्सा जांच मुफ्त में किया जाता है. इसमें रक्तदाता का वजन, ब्लड ग्रुप, हिमोग्लोबिन और ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है. ब्लड डोनेशन के बाद हेपेटाइटिस बी व सी, एचआईवी, मलेरिया, सिफलिस आदि की जांच की जाती है. जांच के उपरांत इन बीमारियों के लक्षण पाए जाने पर तुरंत ही रक्तदाता को सूचित कर उनका ब्लड नहीं लिया जाता है.


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रक्तदान से संबंधित कुछ अन्य जानकारियां -

  • 18 से 60 तक की उम्र का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है और जिनका वजन भी 50 किलोग्राम से ज्यादा हो. 
  • 3 महीने में केवल एक ही बार रक्तदान करें.
  • रक्तदान से पहले ब्रेकफास्ट जरूर करें, पानी भी पिएं. 
  • रक्तदान से पहले दिन में शराब और एस्पिरिन का सेवन ना करें. 
  • रक्तदान से पहले धूम्रपान न करें. 



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शुक्रवार, 5 मार्च 2021

ब्रेकफास्ट स्किप ना करें, बढ़ सकती है परेशानियां |

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ब्रेकफास्ट हमारे दिन भर के आहार में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. हमारे शरीर के प्रभावी ढंग से काम करने के लिए ब्रेकफास्ट सभी आयु वर्गों के लिए बेहद जरूरी है. ब्रेकफास्ट करने का सही समय सुबह उठने के घंटे भर बाद का होता है. ब्रेकफास्ट करने से हम अपने दैनिक क्रियाकलापों को अत्यधिक ऊर्जा के साथ संपन्न करते हैं. वहीं दूसरी तरफ अगर ब्रेकफास्ट स्किप  किया जाए तो हमारे सेहत पर काफी बुरा असर होता है. बेवजह थकान और कमजोरी जैसी महसूस होती है. मोटापा, हृदय संबंधी रोग, डायबिटीज और तनाव जैसी समस्याएं पैदा होने लगती हैं. तो आइए हम बताते हैं कि कैसे बेवजह लोग 

ब्रेकफास्ट स्किप कर अपनी परेशानियां बढ़ा लेते हैं. 


मोटापा 

अगर आप यह सोचते हैं कि ब्रेकफास्ट स्किप करने से वजन कम होता है तो आप बिल्कुल गलत सोचते हैं. दरअसल ब्रेकफास्ट स्किप करने पर दिन के समय काफी जोरों से भूख लगती है और उस समय जितना भी भोजन हमारे सामने आता है सब ख़त्म हो जाता है मतलब जितनी कैलोरी की आवश्यकता होती है हम उससे ज्यादा कैलोरी इनटेक कर लेते हैं परिणाम स्वरूप वजन तेजी से बढ़ता है.


हार्ट अटैक

ब्रेकफास्ट स्किप करने से मोटापा बढ़ता है जिससे हृदय संबंधी रोगों की आशंका बढ़ती है हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है.


डायबिटीज 

ब्रेकफास्ट स्किप करने वालों को डायबिटीज टाइप 2 का खतरा बहुत ज्यादा होता है. इसलिए ब्रेकफास्ट स्किप ना करें। यह डायबिटीज टाइप 2 होने की सम्भावना को काफी कम करता है. 


उर्जा में कमी

ब्रेकफास्ट स्किप  करने से शरीर की ग्लूकोज  लेवल में कमी आ जाती है इससे शरीर में दिनभर ऊर्जा में कमी और थकान रहती है.

 

मेटाबॉलिज्म स्तर घटना 

ब्रेकफास्ट स्किप करने से आपके मेटाबॉलिज्म पर बहुत बुरा असर पड़ता है. लंबे समय तक नहीं खाने से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है जिससे शरीर के कैलोरी बर्न करने की क्षमता घट जाती है.


मूड स्विंग होना 

ज्यादा लंबे समय तक भूखे रहने से गुस्सा आने लगता है. स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है ब्रेकफास्ट करने वाले व्यक्तियों का मूड बेहतर रहता है उन लोगों के मुकाबले जो ब्रेकफास्ट स्किप करते हैं. 


मुंह से बदबू 

ब्रेकफास्ट स्किप करने से आपके ओरल हेल्थ पर भी असर पड़ता है. ब्रेकफास्ट स्किप करने से आपके मुंह में लार कम मात्रा में बनता है. जिस कारण बैक्टीरिया मुंह में ही रह जाते हैं और मुंह से बदबू आने लगती है.


एसिडिटी की समस्या

जब हम भूखे रहते हैं तो पेट में एसिड बनता है. रात के भोजन के बाद सुबह ब्रेकफास्ट के समय तक अच्छा खासा अंतराल हो जाता है. अगर हम ब्रेकफास्ट स्किप करते हैं तो पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जिससे एसिडिटी होने के साथ-साथ अल्सर होने का भी खतरा बढ़ जाता है.


हेयर फॉल की समस्या 

अगर आप अपने बालों को मजबूत और घना बनाए रखना चाहते हैं तो रोजाना प्रोटीन युक्त ब्रेकफास्ट करें। ब्रेकफास्ट स्किप करने से प्रोटीन का स्तर कम हो सकता है और इसके साथ ही यह केराटिन के स्तर को भी प्रभावित कर सकता है, जो हेयरग्रोथ को रोकता है और बालों के झड़ने का कारण बन सकता है. 


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Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

रविवार, 14 फ़रवरी 2021

आंखों की देखभाल के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स |

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ये दुनिया काफी खूबसूरत है अगर हमारी आंखें ना होती तो, हम इसे कभी नहीं देख पाते. आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. जिस तरह से हम अपने शरीर के अन्य अंगों की देखभाल करते हैं, वैसे ही हमें अपनी आंखों का भी ख्याल रखना है. इन दिनों आंखों की खराब रोशनी एक आम समस्या बन गई है. हालांकि कुछ लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं. अगर आंखों की इस समस्या को नजरअंदाज कर दिया जाए तो हमारी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे जा भी सकती है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं 

कुछ ऐसे टिप्स जो आपकी आंखों के देखभाल के लिए जरूरी हैं. 


1.विटामिन-ए एवं एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें -

आंखों की अच्छी सेहत के लिए वैसे आहार को खाएं, जिनमें विटामिन-ए एवं एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में हो. जैसे-हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, गाजर। ऐसे आहार आंखों की रोशनी को बढ़ाते हैं और बढ़ती उम्र के दृष्टि हानि को कम करते हैं. 

2.पर्याप्त नींद लें -

आंखों के डार्क सर्किल्स और सूजन दूर करने के लिए 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद आवश्यक होती है. नींद की कमी से आंखें लाल भी हो जाती है. पर्याप्त नींद लेने से हमारी आंखें स्वस्थ रहती हैं और अच्छी रोशनी भी बरकरार रहती है. 

3.नियमित व्यायाम करें -

नियमित व्यायाम न सिर्फ आपके शरीर को फिट रखते हैं बल्कि, आपकी आंखों तक ऑक्सीजन का प्रवाह भी बढ़ाते हैं जिससे आपकी आंखें स्वस्थ रहती हैं.

4.धूप से आंखों को बचाएं -

सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणें आंखों के लिए हानिकारक होती हैं.  जब भी धूप में निकलना हो तो अच्छी क़्वालिटी के चश्मे का उपयोग करें. इससे आंखों के नीचे डार्क सर्किल्स नहीं पड़ेंगे और आंखें भी स्वस्थ रहेंगी. 

5.स्क्रीन टाइम से कुछ ब्रेक लें -

कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर लगातार नजर टिकाए ना रखें. कुछ पल के लिए विराम जरूर लें. कुछ पलों का ब्रेक लेने से आंखों की मांसपेशियों को थोड़ा आराम मिल जाता है, जिससे आंखों की थकान, सिरदर्द और गर्दन के तनाव में कमी आती है. 

6.धूम्रपान से बचें - 

धूम्रपान से आपकी आंखों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है. धूम्रपान से कैटरेक्ट बढ़ने की आशंका रहती है और मैकुलर डिजेनरेशन के चांसेस बढ़ जाते हैं.  

7.नियमित आंखों की जांच करवाएं -

नियमित अंतराल पर आंखों का चेकअप करवाते रहें. अगर आंखों की कोई समस्या निकलती भी है तो समय पर ही उसका इलाज संभव हो पाएगा. आमतौर पर, जब तक आंखों में कोई समस्या नहीं होती है तब तक लोग जांच  करवाने नहीं जाते हैं कई बार इस वजह से आंखों की समस्या स्थाई भी हो जाती है. 

8.आंखों की नियमित सफाई करें -

आंखों की नियमित रूप से सफाई करें। ऐसा करने से आप आंखों की कई सारी समस्याओं से बचे रह सकते हैं. इसके लिए दिन में दो से तीन बार आंखों को ठंडे पानी से धो लें. आप चाहें तो सुबह उठकर भी मुंह में पानी भरकर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मार सकते हैं. ध्यान दें आंखों पर पानी के छींटे मारते समय मुंह में पानी भरा होना चाहिए। ऐसा करने से आंखों को ठंडक मिलती है, हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं और आंखों को आराम पहुंचता है.



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शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के असरदार तरीके |

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इम्यूनिटी को रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कहा जाता है. अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आप आसानी से कई वायरस जनित रोग या फ्लू की चपेट में आ सकते हैं. हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने  में खाद्य पदार्थों की अहम भूमिका होती है क्योंकि इनसे ही हमें जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे हमारी इम्यूनिटी मजबूत होती है तो, आइए जानते हैं कुछ ऐसे तरीके 

जो रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करे.


1.संतुलित आहार लें -

संतुलित आहार से हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व आवश्यक रूप से मिलते हैं. 

  • अपने आहार में हरी सब्जियां एवं मौसमी फल शामिल करें. 
  • जंक फूड से दूरी रखें. 
  • भोजन बनाने में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन जैसे मसालों का सेवन करें. 
  • दूध या दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करें. 
  • ड्राईफ्रूट्स खाएं.

2.पर्याप्त नींद लें -

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, 6 से 8 घंटे की नींद हमारे लिए बहुत जरूरी है. पर्याप्त नींद न लेने पर हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है. खासकर इसका बुरा असर हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर पड़ता है. पर्याप्त नींद हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. 

3.तनाव मुक्त रहें -

तनाव हमारे महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है. दीर्घकालिक तनाव रोग प्रतिरोधक क्षमता में असंतुलन पैदा करते हैं. ऐसी गतिविधियों को अंजाम दें, जो तनाव मुक्त जीवन शैली प्रदान करने में सहायक हैं  जैसे - योग और ध्यान  करें, संगीत सुनें.

4.नियमित व्यायाम करें -

स्वस्थ शरीर के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है. व्यायाम हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. नियमित व्यायाम स्ट्रेस हार्मोन - कोर्टिसोल का स्तर तक घटा देता है. ये कोर्टिसोल हमारे शरीर में ज्यादा होने पर प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं. 

5.ब्रेकफास्ट स्किप ना करें 

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मेटाबॉलिज्म का बहुत महत्व है. हमारा मेटाबोलिज्म जितना अच्छा होगा, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी उतनी ही अच्छी होगी। मेटाबोलिज्म बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि हम अपने ब्रेकफास्ट को स्किप ना करें। न सिर्फ ब्रेकफास्ट बल्कि नियमित अंतराल पर कुछ हेल्दी खाना खाते रहना आवश्यक है. 

6.पानी खूब पिएं  

इम्यूनिटी बढ़ाने का यह सबसे आसान तरीका है कि खूब पानी पिएं। ज्यादा पानी पीने से शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं और आप संक्रमण से मुक्त रहते हैं. पर, यदि आप नियमित रूप से एक बार शहद या तुलसी के साथ पानी पीने की आदत डाल लेते हैं तो यह और भी अधिक गुणकारी होगा। इसके अलावा आप ग्रीन टी भी पी सकते हैं. शरीर को स्वस्थ रखने में ग्रीन टी बहुत ही कारगर है. यह भी शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालती है नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से इम्युनिटी बढ़ती है.

7.स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं -

स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर भी अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है. 

  • धूप में कुछ समय बिताएं.
  • धूम्रपान न करें. 
  • अत्यधिक शराब का सेवन न करें. 
  • अपने वजन को नियंत्रण में रखें. 
  • अपने ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को सामान्य रखें.
  • खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को धोएं. 
  • अगर साबुन और पानी न हो तो सैनिटाइजर का प्रयोग करें. 

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बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

लम्बी उम्र चाहिए तो आज ही अपनाएं ये टिप्स |


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आज हर व्यक्ति स्वस्थ और लंबा जीवन जीना चाहता है और यह बात तो सभी जानते ही हैं कि दीर्घायु होने का कोई जादुई फार्मूला तो है नहीं | अपनी जीवनशैली में कुछ परिवर्तन कर हम लंबा जीवन जीने की ओर एक सकारात्मक कदम बढ़ा सकते हैं | इसके लिए हमें अपने खान-पान, रहन-सहन पर विशेष ध्यान देना होगा, बुरी आदतों को छोड़ना होगा, तभी हम स्वस्थ और लंबे जीवन की कल्पना कर सकते हैं | आइए जानते हैं ऐसे कुछ खास टिप्स के बारे में 

जो आपको लंबे जीवन जीने की ओर ले जाते हैं |


1.खानपान पर दें विशेष ध्यान -

आप अपने आहार  में हरी सब्जियां, ताजे फल का खूब उपयोग कर सकते हैं क्योंकि  इनमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज पदार्थ और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं  इसके अलावा इनमें  फाइबर और विटामिन सी भी उच्च मात्रा में होते हैं |

2.प्रोसेस्ड फूड से बचें -

इन दिनों फास्ट फूड का चलन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है | लोग प्रोसेस्ड फूड का खूब सेवन कर रहे हैं जो कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सही नहीं है | प्रोसेस्ड फूड में शुगर, सैचुरेटेड फैट, सोडियम की मात्रा अधिक होती है जिसके चलते शरीर के अंदर असंतुलन पैदा होने लगता है |

3.पर्याप्त पानी पिएं -

 हमारे शरीर का अधिकांश हिस्सा जल से निर्मित है और जल ही हमारे भोजन के सभी पोषक तत्वों को शरीर के अन्य भागों में पहुंचाता है | इसीलिए पर्याप्त पानी पिएं वरना, हमारी सेहत नहीं बनेगी | स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना 6 से 8 गिलास तक पानी पीना बेहतर होता है |

4.शराब और धूम्रपान से बचें -  

यदि आप स्वस्थ और निरोग जीवन जीना चाहते हैं तो शराब और धूम्रपान छोड़ें | हालांकि निश्चित रूप से इस आदत को छोड़ना बहुत कठिन है | पर, लंबी उम्र पाना है तो इसे छोड़ना ही होगा वैसे भी कहा जाता है धूम्रपान करने से 10 साल का जीवन कम हो जाता है और शराब के अत्यधिक सेवन से आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचता है | इसके अलावा अत्यधिक शराब कैंसर, उच्च रक्तचाप, हृदय एवं लीवर संबंधी बीमारियों को भी न्योता देता है |

5.नींद पूरी लें -

सेहतमंद जीवन जीना चाहते हैं तो नींद पूरी लें | रोजाना 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूरी है | नींद आपकी मानसिक और शारीरिक थकान को मिटाकर आपको नई स्फूर्ति देता है |

6.तनाव से बचें -

यदि लंबे जीवन की कामना करते हैं तो बहुत जरूरी है तनाव मुक्त रहें | तनाव मुक्त वातावरण लंबे जीवन की आधारशिला रखता है | तनाव न केवल हमारे मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है |

7.नियमित व्यायाम करें -

आप जिस तरह अपने दिनचर्या में बहुत सारी गतिविधियों को शामिल करते हैं उन्हीं गतिविधियों में व्यायाम और योग के लिए भी कुछ वक्त निकालें | योग और व्यायाम आपके शरीर को फिट बना देते हैं और केवल यही नहीं रोजाना योग और व्यायाम करने के अप्रत्याशित नतीजे हैं नियमित व्यायाम ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रोल और स्ट्रेस हार्मोन तक का स्तर घटा देता है साथ ही रक्त प्रवाह को सुधारता है और ह्रदय कोशिकाओं को भी मजबूत बनाता है |

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शनिवार, 6 फ़रवरी 2021

जानिए लक्षण कहीं आपको साइकोलॉजिस्ट की जरूरत तो नहीं !

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आजकल युवाओं व किशोरों में मनोवैज्ञानिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही है, इसकी वजह है जागरूकता में अभाव | आज भी हमारा समाज मनोरोग को लेकर इतना गंभीर नहीं है, इस कारण इसके लक्षणों को लोग नजरअंदाज करते हैं | और जब स्वास्थ्य की बात आती है तो सभी खुशी-खुशी सारे मेडिकल टेस्ट करवा लेते हैं पर मन में क्या चल रहा है इसकी तरफ कोई ध्यान भी नहीं देता | ऐसा इसलिए भी होता है कि हम समझ ही नहीं पाते कि हमारा मन भी बीमार हो सकता है और इसे भी इलाज की जरूरत है और अगर जल्द ही इसके लक्षणों को देखकर इलाज समय पर नहीं  किया गया तो यह लक्षण किसी गंभीर मनोरोग में बदल सकते हैं | मनोरोग की खास बात यह  है कि पीड़ित व्यक्ति भी इसके लक्षणों से पूर्णत अनभिज्ञ रहते हैं | ऐसे में परिवार वाले और शुभचिंतकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि इन लक्षणों को पहचान कर पीड़ित व्यक्ति को साइकोलॉजिस्ट  के पास अविलंब ले जाएं तो आइए जानते हैं 

मनोरोग के लक्षणों को जिनको आप नजरअंदाज नहीं कर सकते |


उदासी हो सकती है डिप्रेशन

आज तेजी से बदल रही जीवन शैली में हर किसी इंसान के जीवन में थोड़ी उदासी तो स्वाभाविक ही है पर जब यह मनोस्थिति लगातार बनी रहती है तो यह डिप्रेशन (अवसाद) में तब्दील हो सकती है ऐसे में परिवार को उनसे बात करके उनकी उदासी दूर करने के बारे में सोचना चाहिए | पर अगर ऐसा संभव नहीं हो पा रहा तो फौरन ही किसी साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाएं |

शक की बीमारी

कुछ लोगों को शक की बीमारी होती है, आपने अपने आसपास जरूर ऐसे लोगों को देखा होगा जो गाहे-बगाहे किसी पर भी शक करने लगते हैं ऐसे लोग मन में उठे किसी वहम को ही सच मानने लगते हैं | ऐसे लोगों को यह भी लगता है कि कोई उनके खिलाफ साजिश रच रहा है या कोई उनका पीछा कर रहा है, कुछ लोगों को लगता है कि लोग उनकी पीठ पीछे बुराई करते हैं और कुछ को तो अपने जीवनसाथी के चरित्र पर ही शक होता है ऐसे किसी भी लक्षणों को देखकर तुरंत ही किसी साइकोलॉजिस्ट के पास जाकर सलाह लें, वरना पीड़ित व्यक्ति को स्किज़ोफ्रेनिया भी हो सकता है |

भूलने की बीमारी 

कभी-कभी कुछ भूल जाना तो सामान्य बात है लेकिन आप अक्सर कुछ ना कुछ भूलते  रहते हैं तो यह चिंता की बात है | बढ़ती हुई उम्र में अगर ऐसा हो रहा हो तो आपको यहां ध्यान देने की जरूरत है | दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ ही मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं जिससे मस्तिष्क की कार्य क्षमता में कमी  हो जाती है और व्यक्ति शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या से ग्रस्त हो जाता है ऐसे इंसान को अभी कुछ देर पहले मिले व्यक्ति का नाम याद नहीं रहता है जबकि उन्हें अपने स्कूल के दिनों के सारे दोस्तों के नाम याद रहते हैं, यह गंभीर मनोरोग डिमेंशिया के लक्षण हो सकते हैं | इन लक्षणों का पता चलते ही इनका उपचार शुरू कर दें नहीं तो यह समय के साथ अल्जाइमर जैसी भयंकर बीमारी में परिवर्तित हो जाते हैं |

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हर सुबह एक सेब खाने के इन 11 फायदों को जानकर हैरान रह जाएंगे आप |

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