रविवार, 14 फ़रवरी 2021

आंखों की देखभाल के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स |

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ये दुनिया काफी खूबसूरत है अगर हमारी आंखें ना होती तो, हम इसे कभी नहीं देख पाते. आंखें हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. जिस तरह से हम अपने शरीर के अन्य अंगों की देखभाल करते हैं, वैसे ही हमें अपनी आंखों का भी ख्याल रखना है. इन दिनों आंखों की खराब रोशनी एक आम समस्या बन गई है. हालांकि कुछ लोग इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं. अगर आंखों की इस समस्या को नजरअंदाज कर दिया जाए तो हमारी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे जा भी सकती है. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं 

कुछ ऐसे टिप्स जो आपकी आंखों के देखभाल के लिए जरूरी हैं. 


1.विटामिन-ए एवं एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें -

आंखों की अच्छी सेहत के लिए वैसे आहार को खाएं, जिनमें विटामिन-ए एवं एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में हो. जैसे-हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, गाजर। ऐसे आहार आंखों की रोशनी को बढ़ाते हैं और बढ़ती उम्र के दृष्टि हानि को कम करते हैं. 

2.पर्याप्त नींद लें -

आंखों के डार्क सर्किल्स और सूजन दूर करने के लिए 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद आवश्यक होती है. नींद की कमी से आंखें लाल भी हो जाती है. पर्याप्त नींद लेने से हमारी आंखें स्वस्थ रहती हैं और अच्छी रोशनी भी बरकरार रहती है. 

3.नियमित व्यायाम करें -

नियमित व्यायाम न सिर्फ आपके शरीर को फिट रखते हैं बल्कि, आपकी आंखों तक ऑक्सीजन का प्रवाह भी बढ़ाते हैं जिससे आपकी आंखें स्वस्थ रहती हैं.

4.धूप से आंखों को बचाएं -

सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणें आंखों के लिए हानिकारक होती हैं.  जब भी धूप में निकलना हो तो अच्छी क़्वालिटी के चश्मे का उपयोग करें. इससे आंखों के नीचे डार्क सर्किल्स नहीं पड़ेंगे और आंखें भी स्वस्थ रहेंगी. 

5.स्क्रीन टाइम से कुछ ब्रेक लें -

कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर लगातार नजर टिकाए ना रखें. कुछ पल के लिए विराम जरूर लें. कुछ पलों का ब्रेक लेने से आंखों की मांसपेशियों को थोड़ा आराम मिल जाता है, जिससे आंखों की थकान, सिरदर्द और गर्दन के तनाव में कमी आती है. 

6.धूम्रपान से बचें - 

धूम्रपान से आपकी आंखों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है. धूम्रपान से कैटरेक्ट बढ़ने की आशंका रहती है और मैकुलर डिजेनरेशन के चांसेस बढ़ जाते हैं.  

7.नियमित आंखों की जांच करवाएं -

नियमित अंतराल पर आंखों का चेकअप करवाते रहें. अगर आंखों की कोई समस्या निकलती भी है तो समय पर ही उसका इलाज संभव हो पाएगा. आमतौर पर, जब तक आंखों में कोई समस्या नहीं होती है तब तक लोग जांच  करवाने नहीं जाते हैं कई बार इस वजह से आंखों की समस्या स्थाई भी हो जाती है. 

8.आंखों की नियमित सफाई करें -

आंखों की नियमित रूप से सफाई करें। ऐसा करने से आप आंखों की कई सारी समस्याओं से बचे रह सकते हैं. इसके लिए दिन में दो से तीन बार आंखों को ठंडे पानी से धो लें. आप चाहें तो सुबह उठकर भी मुंह में पानी भरकर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मार सकते हैं. ध्यान दें आंखों पर पानी के छींटे मारते समय मुंह में पानी भरा होना चाहिए। ऐसा करने से आंखों को ठंडक मिलती है, हानिकारक तत्व बाहर निकल जाते हैं और आंखों को आराम पहुंचता है.



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अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021

इम्यूनिटी या रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के असरदार तरीके |

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इम्यूनिटी को रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कहा जाता है. अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो आप आसानी से कई वायरस जनित रोग या फ्लू की चपेट में आ सकते हैं. हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने  में खाद्य पदार्थों की अहम भूमिका होती है क्योंकि इनसे ही हमें जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे हमारी इम्यूनिटी मजबूत होती है तो, आइए जानते हैं कुछ ऐसे तरीके 

जो रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करे.


1.संतुलित आहार लें -

संतुलित आहार से हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व आवश्यक रूप से मिलते हैं. 

  • अपने आहार में हरी सब्जियां एवं मौसमी फल शामिल करें. 
  • जंक फूड से दूरी रखें. 
  • भोजन बनाने में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन जैसे मसालों का सेवन करें. 
  • दूध या दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करें. 
  • ड्राईफ्रूट्स खाएं.

2.पर्याप्त नींद लें -

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, 6 से 8 घंटे की नींद हमारे लिए बहुत जरूरी है. पर्याप्त नींद न लेने पर हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है. खासकर इसका बुरा असर हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर पड़ता है. पर्याप्त नींद हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. 

3.तनाव मुक्त रहें -

तनाव हमारे महत्वपूर्ण शारीरिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है. दीर्घकालिक तनाव रोग प्रतिरोधक क्षमता में असंतुलन पैदा करते हैं. ऐसी गतिविधियों को अंजाम दें, जो तनाव मुक्त जीवन शैली प्रदान करने में सहायक हैं  जैसे - योग और ध्यान  करें, संगीत सुनें.

4.नियमित व्यायाम करें -

स्वस्थ शरीर के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है. व्यायाम हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. नियमित व्यायाम स्ट्रेस हार्मोन - कोर्टिसोल का स्तर तक घटा देता है. ये कोर्टिसोल हमारे शरीर में ज्यादा होने पर प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं. 

5.ब्रेकफास्ट स्किप ना करें 

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मेटाबॉलिज्म का बहुत महत्व है. हमारा मेटाबोलिज्म जितना अच्छा होगा, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी उतनी ही अच्छी होगी। मेटाबोलिज्म बढ़ाने के लिए यह जरूरी है कि हम अपने ब्रेकफास्ट को स्किप ना करें। न सिर्फ ब्रेकफास्ट बल्कि नियमित अंतराल पर कुछ हेल्दी खाना खाते रहना आवश्यक है. 

6.पानी खूब पिएं  

इम्यूनिटी बढ़ाने का यह सबसे आसान तरीका है कि खूब पानी पिएं। ज्यादा पानी पीने से शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं और आप संक्रमण से मुक्त रहते हैं. पर, यदि आप नियमित रूप से एक बार शहद या तुलसी के साथ पानी पीने की आदत डाल लेते हैं तो यह और भी अधिक गुणकारी होगा। इसके अलावा आप ग्रीन टी भी पी सकते हैं. शरीर को स्वस्थ रखने में ग्रीन टी बहुत ही कारगर है. यह भी शरीर के टॉक्सिंस को बाहर निकालती है नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से इम्युनिटी बढ़ती है.

7.स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं -

स्वस्थ जीवन शैली को अपनाकर भी अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है. 

  • धूप में कुछ समय बिताएं.
  • धूम्रपान न करें. 
  • अत्यधिक शराब का सेवन न करें. 
  • अपने वजन को नियंत्रण में रखें. 
  • अपने ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को सामान्य रखें.
  • खाना खाने से पहले और बाद में हाथों को धोएं. 
  • अगर साबुन और पानी न हो तो सैनिटाइजर का प्रयोग करें. 

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बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

लम्बी उम्र चाहिए तो आज ही अपनाएं ये टिप्स |


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आज हर व्यक्ति स्वस्थ और लंबा जीवन जीना चाहता है और यह बात तो सभी जानते ही हैं कि दीर्घायु होने का कोई जादुई फार्मूला तो है नहीं | अपनी जीवनशैली में कुछ परिवर्तन कर हम लंबा जीवन जीने की ओर एक सकारात्मक कदम बढ़ा सकते हैं | इसके लिए हमें अपने खान-पान, रहन-सहन पर विशेष ध्यान देना होगा, बुरी आदतों को छोड़ना होगा, तभी हम स्वस्थ और लंबे जीवन की कल्पना कर सकते हैं | आइए जानते हैं ऐसे कुछ खास टिप्स के बारे में 

जो आपको लंबे जीवन जीने की ओर ले जाते हैं |


1.खानपान पर दें विशेष ध्यान -

आप अपने आहार  में हरी सब्जियां, ताजे फल का खूब उपयोग कर सकते हैं क्योंकि  इनमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज पदार्थ और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं  इसके अलावा इनमें  फाइबर और विटामिन सी भी उच्च मात्रा में होते हैं |

2.प्रोसेस्ड फूड से बचें -

इन दिनों फास्ट फूड का चलन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है | लोग प्रोसेस्ड फूड का खूब सेवन कर रहे हैं जो कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सही नहीं है | प्रोसेस्ड फूड में शुगर, सैचुरेटेड फैट, सोडियम की मात्रा अधिक होती है जिसके चलते शरीर के अंदर असंतुलन पैदा होने लगता है |

3.पर्याप्त पानी पिएं -

 हमारे शरीर का अधिकांश हिस्सा जल से निर्मित है और जल ही हमारे भोजन के सभी पोषक तत्वों को शरीर के अन्य भागों में पहुंचाता है | इसीलिए पर्याप्त पानी पिएं वरना, हमारी सेहत नहीं बनेगी | स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना 6 से 8 गिलास तक पानी पीना बेहतर होता है |

4.शराब और धूम्रपान से बचें -  

यदि आप स्वस्थ और निरोग जीवन जीना चाहते हैं तो शराब और धूम्रपान छोड़ें | हालांकि निश्चित रूप से इस आदत को छोड़ना बहुत कठिन है | पर, लंबी उम्र पाना है तो इसे छोड़ना ही होगा वैसे भी कहा जाता है धूम्रपान करने से 10 साल का जीवन कम हो जाता है और शराब के अत्यधिक सेवन से आपके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचता है | इसके अलावा अत्यधिक शराब कैंसर, उच्च रक्तचाप, हृदय एवं लीवर संबंधी बीमारियों को भी न्योता देता है |

5.नींद पूरी लें -

सेहतमंद जीवन जीना चाहते हैं तो नींद पूरी लें | रोजाना 6 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूरी है | नींद आपकी मानसिक और शारीरिक थकान को मिटाकर आपको नई स्फूर्ति देता है |

6.तनाव से बचें -

यदि लंबे जीवन की कामना करते हैं तो बहुत जरूरी है तनाव मुक्त रहें | तनाव मुक्त वातावरण लंबे जीवन की आधारशिला रखता है | तनाव न केवल हमारे मानसिक बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है |

7.नियमित व्यायाम करें -

आप जिस तरह अपने दिनचर्या में बहुत सारी गतिविधियों को शामिल करते हैं उन्हीं गतिविधियों में व्यायाम और योग के लिए भी कुछ वक्त निकालें | योग और व्यायाम आपके शरीर को फिट बना देते हैं और केवल यही नहीं रोजाना योग और व्यायाम करने के अप्रत्याशित नतीजे हैं नियमित व्यायाम ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रोल और स्ट्रेस हार्मोन तक का स्तर घटा देता है साथ ही रक्त प्रवाह को सुधारता है और ह्रदय कोशिकाओं को भी मजबूत बनाता है |

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शनिवार, 6 फ़रवरी 2021

जानिए लक्षण कहीं आपको साइकोलॉजिस्ट की जरूरत तो नहीं !

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आजकल युवाओं व किशोरों में मनोवैज्ञानिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही है, इसकी वजह है जागरूकता में अभाव | आज भी हमारा समाज मनोरोग को लेकर इतना गंभीर नहीं है, इस कारण इसके लक्षणों को लोग नजरअंदाज करते हैं | और जब स्वास्थ्य की बात आती है तो सभी खुशी-खुशी सारे मेडिकल टेस्ट करवा लेते हैं पर मन में क्या चल रहा है इसकी तरफ कोई ध्यान भी नहीं देता | ऐसा इसलिए भी होता है कि हम समझ ही नहीं पाते कि हमारा मन भी बीमार हो सकता है और इसे भी इलाज की जरूरत है और अगर जल्द ही इसके लक्षणों को देखकर इलाज समय पर नहीं  किया गया तो यह लक्षण किसी गंभीर मनोरोग में बदल सकते हैं | मनोरोग की खास बात यह  है कि पीड़ित व्यक्ति भी इसके लक्षणों से पूर्णत अनभिज्ञ रहते हैं | ऐसे में परिवार वाले और शुभचिंतकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि इन लक्षणों को पहचान कर पीड़ित व्यक्ति को साइकोलॉजिस्ट  के पास अविलंब ले जाएं तो आइए जानते हैं 

मनोरोग के लक्षणों को जिनको आप नजरअंदाज नहीं कर सकते |


उदासी हो सकती है डिप्रेशन

आज तेजी से बदल रही जीवन शैली में हर किसी इंसान के जीवन में थोड़ी उदासी तो स्वाभाविक ही है पर जब यह मनोस्थिति लगातार बनी रहती है तो यह डिप्रेशन (अवसाद) में तब्दील हो सकती है ऐसे में परिवार को उनसे बात करके उनकी उदासी दूर करने के बारे में सोचना चाहिए | पर अगर ऐसा संभव नहीं हो पा रहा तो फौरन ही किसी साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाएं |

शक की बीमारी

कुछ लोगों को शक की बीमारी होती है, आपने अपने आसपास जरूर ऐसे लोगों को देखा होगा जो गाहे-बगाहे किसी पर भी शक करने लगते हैं ऐसे लोग मन में उठे किसी वहम को ही सच मानने लगते हैं | ऐसे लोगों को यह भी लगता है कि कोई उनके खिलाफ साजिश रच रहा है या कोई उनका पीछा कर रहा है, कुछ लोगों को लगता है कि लोग उनकी पीठ पीछे बुराई करते हैं और कुछ को तो अपने जीवनसाथी के चरित्र पर ही शक होता है ऐसे किसी भी लक्षणों को देखकर तुरंत ही किसी साइकोलॉजिस्ट के पास जाकर सलाह लें, वरना पीड़ित व्यक्ति को स्किज़ोफ्रेनिया भी हो सकता है |

भूलने की बीमारी 

कभी-कभी कुछ भूल जाना तो सामान्य बात है लेकिन आप अक्सर कुछ ना कुछ भूलते  रहते हैं तो यह चिंता की बात है | बढ़ती हुई उम्र में अगर ऐसा हो रहा हो तो आपको यहां ध्यान देने की जरूरत है | दरअसल, उम्र बढ़ने के साथ ही मस्तिष्क की कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं जिससे मस्तिष्क की कार्य क्षमता में कमी  हो जाती है और व्यक्ति शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या से ग्रस्त हो जाता है ऐसे इंसान को अभी कुछ देर पहले मिले व्यक्ति का नाम याद नहीं रहता है जबकि उन्हें अपने स्कूल के दिनों के सारे दोस्तों के नाम याद रहते हैं, यह गंभीर मनोरोग डिमेंशिया के लक्षण हो सकते हैं | इन लक्षणों का पता चलते ही इनका उपचार शुरू कर दें नहीं तो यह समय के साथ अल्जाइमर जैसी भयंकर बीमारी में परिवर्तित हो जाते हैं |

ये भी पढ़ें - लम्बी उम्र चाहिए तो आज ही अपनाएं ये टिप्स |


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गुरुवार, 4 फ़रवरी 2021

जानिए कितना जरूरी है विटामिन-ई सेहत के लिए ?

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हमारे शरीर के लिए विटामिन्स बहुत ही जरूरी होते हैं | यह हमारे शारीरिक कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होते हैं और हमें रोगों से दूर रखते हैं | साथ ही यह हमारे शारीरिक सुंदरता को भी बढ़ा देते हैं |आज हम आपको विटामिन-ई के बारे में बताने जा रहे हैं | विटामिन-ई भी बहुत महत्वपूर्ण विटामिन होता है | हालांकि इसे त्वचा के लिए ज्यादा जरूरी समझा जाता है लेकिन, इसके कई और भी स्वास्थ्य संबंधी लाभ हैं | विटामिन-ई त्वचा, बालों से लेकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | विटामिन-ई कई प्रकार के फलों, तेलों  और ड्राई फ्रूट्स में पाया जाता है | विटामिन-ई से भरपूर खाद्य पदार्थों के अलावा इसके सप्लीमेंट्स भी हम उपयोग में ला सकते हैं |

सेहत के लिए कितना जरूरी होता है विटामिन-ई ?


एंटीऑक्सीडेंट-

विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रेडिकल्स  से कोशिकाओं को बचाने में मदद करते हैं एंटीएक्सीडेंट का मतलब है कि यह कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं यह कोशिकाओं की रक्षा करके शरीर को कई गंभीर रोगों से बचा लेते हैं |

झुर्रियों से छुटकारा पाएं

विटामिन-ई में मौजूद एंटी एजिंग ऑक्सीडेंट बढ़ती हुई उम्र का असर कम करते हैं और आपको जवान रखते हैं स्किन पर पड़ने वाले झुर्रियों से भी विटामिन-ई छुटकारा दिलाता है | 

मानसिक रोगों को दूर करे

मानसिक रोगों को दूर करने में भी विटामिन-ई  काफी असरदार है | एक्सपर्ट्स बताते हैं कि विटामिन-ई  की कमी से मानसिक विकारों के बढ़ने की संभावना को इनकार नहीं किया जा सकता है |

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

विटामिन-ई आपके प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है विटामिन-ई आप के बढ़ती हुई उम्र के बावजूद होने वाले संक्रमणों से आपको निजात दिलाता है | इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें विटामिन-ई  प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो | 

आंखों के लिए बेहतर 

बढ़ती हुई उम्र के साथ आंखों में कुछ विकार आ ही जाते हैं जैसे-मोतियाबिंद |  विटामिन-ई इन विकारों में कारगर असर दिखाता है लेकिन, आंखों के लिए कोई भी विटामिन-ई के सप्लीमेंट्स लेने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें | वैसे भी बिना चिकित्सीय सलाह के कोई भी सप्लीमेंट का सेवन करना हानिकारक ही रहता है |

ह्रदय रोगों में भी लाभप्रद

विटामिन-ई खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में कमी लाकर ह्रदय संबंधी बीमारियों की संभावनाओं को दूर करता है | यह रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉट्स) बनने की आशंका को भी कम करता है जिससे हार्ट अटैक आने की संभावना भी कम हो जाती है |

लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण 

विटामिन-ई लाल रक्त कोशिकाओं (रेड ब्लड सेल्स) का निर्माण करने में सहायता करता है | विटामिन-ई का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान करने से बच्चे को खून की कमी यानी एनीमिया से बचाया जा सकता है | 

कैंसर से बचाए 

विटामिन-ई कैंसर से भी बचाता है. शोध से पता चला है कि जिन लोगों को कैंसर होता है, उनके शरीर में विटामिन-ई की मात्रा कम पाई गई है. 

स्किन के लिए फायदेमंद  

विटामिन-ई का उपयोग सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है. इसका कारण है कि यह एक बेहतरीन क्लींजर है, जो स्किन पर जमी गंदगी और मृत कोशिकाओं की सफाई करने में सहायक है. इसके अलावा स्किन को प्राकृतिक नमी प्रदान करने के लिए विटामिन-ई बहुत अधिक फायदेमंद है.


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