मंगलवार, 27 जुलाई 2021

10 फूड्स जो आपके लिवर को स्वस्थ रखने में करे मदद |

10-foods-jo-aapke-liver-ko-swasth-aur-nirog-rakhne-me-kare-madad,foods-that-will-help-you-keep-your-liver-healthy,health-my-freak,best-health-care-tips-in-hindi
Health My Freak - Best Health Care Tips In Hindi

लिवर यानी यकृत हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। जो भी हम खाते-पीते हैं उसे अच्छी तरह से पचाने में लिवर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर लिवर की देखभाल को नज़रअंदाज कर देते हैं। लिवर हमारे खून को साफ करता है और विषैले पदार्थों को खून में प्रवेश करने से रोकता है। लिवर शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों को निष्क्रिय करता है और प्रोटीन बनाता है जिससे हम रक्तस्त्राव और इंफेक्शन से बचे रहते हैं। इसके अलावा लिवर विटामिन बी12, ग्लूकोज और आयरन आदि को जमा करने का भी काम करता है।

                                                               यदि हमारा लीवर किसी कारणवश ठीक ढंग से काम नहीं कर पाता है तो इसका प्रतिकूल असर हमारे शरीर पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में त्वचा का फटना, मुंहासे होना, सूखापन और जलन की समस्या हो सकती है। इसलिए लिवर की देखभाल बेहद ही जरूरी है क्योंकि इसके संक्रमित होने का खतरा हमेशा रहता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने लिवर को नियमित रूप से डिटॉक्स करें ताकि वह अच्छी तरह से काम करे। यदि लिवर संक्रमित हो जाए तो ऐलर्जी, थकान, कलेस्ट्रॉल व पाचन से संबंधित समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अपने खानपान में महज कुछ बदलाव करके ही हम अपने लिवर को किसी भी तरह के संक्रमण से बचा सकते हैं.  आपको बता रहे हैं उन 10 फूड्स के बारे में जिनका नियमित रूप से सेवन करने से लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है.


लहसुन

लहसुन लिवर में मौजूद विषैले पदार्थों या टॉक्सिंस को हटाने में मदद करता है। वह उन एंजाइम को सक्रिय करता है जो टॉक्सिंस को हटाते हैं। इसके अलावा इसमें एलिसिन का उच्च स्तर होता है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबायोटिक और एंटिफंगल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी होता है जो एंटीऑक्सिडेंट की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाता है। ये लिवर को साफ करने में सहायता करते हैं।


गाजर

गाजर में मौजूद विटमिन ए लिवर की बीमारी को रोकता है। इसका जूस लीवर की गर्मी और सूजन को भी कम करता है। लीवर सिरोसिस में पालक व गाजर का मिश्रित रस फायदेमंद साबित होता है। गाजर में इनप्लांट फ्लेवोनॉयड्स और बीटा-कैरोटीन नामक तत्व भी पाए जाते हैं जो लीवर के सुचारू संचालन में सहयोग करते हैं।


सेब

सेब को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ही अच्छा माना जाता है। लिवर के लिए भी सेब बेहद फायदेमंद है। सेब में पेक्टिन होता है जो शरीर को शुद्ध करने और पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।


अखरोट

अखरोट में एमिनो ऐसिड पाया जाता है जो प्राकृतिक रूप से लिवर को डिटॉक्स करता है इसलिए इसका सेवन करना चाहिए।


ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट लिवर के कार्य को बेहतर बनाता है इसलिए दूध की चाय की बजाए ग्रीन टी पीने की आदत डालनी चाहिए ।


हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां खून में मौजूद विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं। इसके अलावा वे शरीर में भारी धातुओं के असर को कम करके लिवर की रक्षा करते हैं। इसलिए जितना हो सके हरी पत्तेदार सब्जियां रोज खाएं। इससे आपकी किडनी स्वस्थ रहेगी।


खट्टे फल

विटमिन-सी से भरपूर संतरा, नींबू आदि खट्टे फल लिवर की सफाई करने की क्षमता को बढ़ाते हैं जिससे यह एंजाइम का उत्पादन करता है।


हल्दी 

लिवर के लिए भी हल्दी किसी चमत्कार से कम नहीं है जो हमारे लिवर में होने वाले रैडिकल डैमेज की मात्रा को कम करता है। हल्दी वसा के पाचन में मदद करती है और पित्त का निर्माण करती है, जो हमारे लिवर के लिए प्राकृतिक डीटॉक्सिफायर का काम करता है।


चुकंदर

चुकंदर विटमिन-सी का एक अच्छा स्रोत है। यह पित्त को बढ़ाता है और एंजाइमी गतिविधि को बढ़ावा देता है।


अंगूर  

अंगूर के सेवन से लिवर को लाभ पहुँचता है अध्ययन में पाया गया है कि सूजन को कम करने, डैमेज को रोकने और एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाने सहित अंगूर के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।


ये भी पढ़ें - लो ब्लड प्रेशर क्या है ? जानिए कारण, लक्षण और उपचार के बारे में सबकुछ।


Image Source: Freepik

Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

शनिवार, 24 जुलाई 2021

लो ब्लड प्रेशर क्या है ? जानिए कारण, लक्षण और उपचार के बारे में सबकुछ।

low-blood-pressure-kya-hai-jaaniye-kaaran-lakshan-aur-upchaar-ke-baare-me-sabkuch,low-bp-in-hindi,health-my-freak,best-health-care-tips-in-hindi
Health My Freak - Best Health Care Tips In Hindi

आज की इस भाग दौड़ भरी अनियमित जीवन शैली में हर इंसान कहीं ना कहीं तनाव से ग्रसित है. इसीलिए आजकल ब्लड प्रेशर की समस्या भी आम हो गई है फिर चाहे वो हाई ब्लड प्रेशर हो या फिर लो ब्लड प्रेशर। कई लोगों को लगता है हाई ब्लड प्रेशर लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक होता है, लेकिन ऐसा नहीं है लो ब्लड प्रेशर में भी आर्गन फेल्योर से लेकर दिल का दौरा पड़ने जैसी खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है. सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 माना जाता है लेकिन अगर ऊपर का रीडिंग 120 से घटकर 90 से कम हो जाए तो यह स्थिति लो ब्लड प्रेशर (बीपी), निम्न रक्तचाप या हाइपोटेंशन कहलाती है. 


लो ब्लड प्रेशर होने के कारण क्या हैं?


ब्लड प्रेशर का सीधा संबंध हार्ट की पंपिंग से होता है. जब धमनियों में कोई अवरोध उत्पन्न होता है तब ब्लड पंपिंग में समस्या आती है और शरीर के विभिन्न अंगों तक ब्लड सही तरीके से नहीं पहुंच पाता है. इसीलिए लो ब्लड प्रेशर ह्रदय संबंधी रोगों की तरफ इशारा करता है. इसके अलावा लो ब्लड प्रेशर होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें हार्मोन असंतुलन, बी -12 और आयरन की कमी, डायबिटीज या लो ब्लड शुगर, रक्त नलिकाओं का फैल जाना, लीवर की बीमारियां, शरीर में पानी की कमी, स्ट्रोक, गर्भावस्था, जेनेटिक कारण, तनाव, बहुत देर भूखा रहना, किसी दवा का साइड इफेक्ट आदि हो सकते हैं


लो ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं?

हल्की कमजोरी, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द, बार-बार प्यास लगना, अवसाद, बेचैनी आदि. इनमें से कोई भी लक्षण सामने आने पर नजरअंदाज नहीं करें और तुरंत ही डॉक्टरी सलाह लें।  


लो ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए उपचार 


नमक का पानी पिएं  

लो ब्लड प्रेशर होने पर अधिकांश डॉक्टर नमक वाला पानी पीने की सलाह देते हैं क्योंकि नमक में पाया जाने वाला सोडियम ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में मदद करता है. लो ब्लड प्रेशर होने पर एक गिलास पानी में आधा चम्मच नमक डालकर पीने से ब्लड प्रेशर नॉर्मल होने लगता है. कई बार शरीर में पानी की कमी होने पर भी लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो जाती है ऐसी समस्या होने पर पानी पर्याप्त मात्रा में जरूर पीना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है.  


कम अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाते रहें  

लो ब्लड प्रेशर होने पर कम अंतराल पर थोड़ा थोड़ा भोजन करते रहें।  इस तरह खाने से आपका मेटाबॉलिज़्म मजबूत होगा। ब्लड शुगर नॉर्मल रहेगा और शरीर में भरपूर मात्रा में ऊर्जा रहेगी। 


हेल्दी डाइट लें 

अगर लंबे समय से लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं तो, अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, काले अंगूर, काले खजूर, आलूबुखारा, सूखे मेवे, साबुत अनाज, लहसुन और लो फैट मीट को जरूर शामिल करें। इनमे प्रोटीन, विटामिन और फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है और इनके सेवन से ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है. वैसे खाद्य पदार्थों से दूरी बना कर रखें, जिन्हें खाने के बाद आपका ब्लड प्रेशर अचानक से लो हो जाता है. 


कैफीन का सेवन करें 

लो ब्लड प्रेशर होने पर कॉफी या चाय पिएं। इन पेय पदार्थों में कैफीन होते हैं. इनके सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ता है जिससे ब्लड प्रेशर कुछ ही देर में नॉर्मल हो जाता है. 

 

उठने-बैठने की अवस्था एकदम से ना बदलें  

यदि आपका ब्लड प्रेशर बार-बार लो हो जाता है तो अचानक झटके में अपने अवस्था को ना बदलें।  यदि आप कहीं खड़े हैं तो अचानक से बैठे नहीं और ना ही झटके से खड़े होने की गलती करें ऐसा करने से आपको चक्कर आ सकता है और आंखों के आगे अंधेरा छा सकता है ऐसा इसलिए होता है कि लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में शरीर की पोजीशन में जब अचानक से बदलाव आता है तो हमारा दिल शरीर की जरूरत के अनुसार खून को पंप नहीं कर पाता है. 


ये भी पढ़ें - हाई ब्लड प्रेशर क्या है, जानिए लक्षण, कारण और बचाव के बारे में सबकुछ |


पैरों को क्रॉस करके बैठें  

लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में अपने बैठने की अवस्था में परिवर्तन लाएं। दोनों पैरों को क्रॉस करके बैठें। एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर रखकर बैठने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है इसके साथ ही अपनी मुट्ठी को बंद करें तथा खोलते रहें। इससे आपका ब्लड प्रेशर नार्मल रहेगा.


ये भी पढ़ें - अगर अस्थमा के मरीज हैं तो अपने डाइट में शामिल करें ये चीजें |


Image Source - Freepik

Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।


शनिवार, 3 जुलाई 2021

अगर अस्थमा के मरीज हैं तो अपने डाइट में शामिल करें ये चीजें |

If-you-are-patient-of-asthma-then-include-these-things-in-your-diet,agar-asthma-ke-mareej-hain-to-apne-diet-me-shamil-karen-ye-cheejen,health-my-freak,best-health-care-tips-in-hindi
Health My Freak - Best Health Care Tips In Hindi

कोरोना महामारी ने किस कदर सब का जीना बेहाल कर दिया है यह तो आपको पता ही है. इस कोरोना काल में तो अस्थमा के रोगियों को खुद का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है. कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों में सांस की तकलीफ की बातें सामने आ रही हैं. जो सांस से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे हैं या जिनको कोई और गंभीर बीमारी है, उन लोगों पर कोरोना वायरस का प्रभाव ज्यादा हो रहा है. अस्थमा लंबे समय तक चलने वाली सांस की बीमारी है जिसमें मरीज को लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ती है. अस्थमा के लक्षण हैं - बार बार खांसी होना, सांस लेने में तकलीफ, सांसों की घबराहट, सीने में जकड़न और भारीपन की समस्या. अस्थमा का अटैक आने से इंसान अंदर से एकदम टूट जाता है. इस अटैक का मुख्य कारण शरीर में मौजूद बलगम और संकरी श्वास नली है लेकिन, इसके अलावा अस्थमा के अटैक के कई बाहरी कारण भी होते हैं. ऐसे में मरीजों को इन्हेलर लेने की सलाह दी जाती है. आइए बताते हैं 

अस्थमा के मरीजों को अपने डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए.


विटामिन-सी से भरपूर फूड्स


विटामिन सी में एंटी ऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो फेफड़ों की सुरक्षा करने और उन्हें मजबूत बनाने में मददगार होता है. जो लोग अधिक विटामिन सी युक्त चीजों का सेवन करते हैं उन्हें अस्थमा का अटैक आने का खतरा कम होता है. अस्थमा के रोगियों को संतरा, ब्रोकली, कीवी को डाइट में शामिल करना चाहिए.


हरी सब्जियों का करें सेवन


फेफड़ों के लिए हरी सब्जियां काफी फायदेमंद होती हैं. हरी सब्जियों को खाने से फेफड़ों में कफ जमा नहीं हो पाता है, जिससे अस्थमा के रोगियों को अटैक आने जैसी आशंकाएं कम हो जाती हैं. हरी सब्जियों का सेवन करने से इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है.

 

नियमित रूप से खाएं दाल


विभिन्न प्रकार की दालों को प्रोटीन का अच्छा स्रोत  माना जाता है. काला चना, मूंग दाल, सोयाबीन और अन्य कई ऐसी दालें हैं जो स्वास्थ्य  के लिए फायदेमंद होती है. ये दालें फेफड़ों को मजबूत बनाती हैं और उन्हें संक्रमण से बचाती हैं. ऐसे में अस्थमा के मरीजों को दालों का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए. इसके अलावा दालों के सेवन से पाचन शक्ति भी मजबूत होती है.


शहद और दालचीनी का करें इस्तेमाल


वैसे तो अस्थमा रोगियों को शहद और चीनी की उपयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए लेकिन अस्थमा के मरीजों के लिए शहद और दालचीनी का सेवन काफी लाभदायक होता है. रात में सोने से पहले दो से तीन चुटकी दालचीनी के साथ एक चम्मच शहद मिलाकर नियमित रूप से लेने से फेफड़ों को आराम मिलता है. साथ ही लंग्स से जुड़ी बीमारियां भी दूर होती हैं.


सेब का नियमित सेवन


एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग हफ्ते में चार से पांच सेब खाते हैं, उनमें अस्थमा अटैक की आशंका 32 फीसदी कम हो जाती है। सेब में पाया जाने वाला फ्लैवोनाइड तत्व फेंफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में सहायक होता है, इसलिए सेब खाना दमा के मरीजों के लिए फायदेमंद है।


तुलसी है फायदेमंद


तुलसी को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में जाना जाता है. तुलसी में एंटी ऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ऐसे में चाय में दो से तीन पत्ते तुलसी के डालकर पीने से अस्थमा के मरीजों में अटैक की आशंका कम हो सकती है. तुलसी शरीर के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाती है. साथ ही तुलसी मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी-खांसी और फ्लू में भी राहत देती है.


कॉफी या ब्लैक टी


अस्थमा के मरीजों को ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो फेफड़ों तक ऑक्सीजन को आसानी से पहुंचाए. कॉफी भी फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम कर सकती है. क्योंकि इसमें पाया जाने वाला कैफीन एक प्रकार का ब्रॉन्कोलाइटर है, जो फेफड़ों में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाता है. इसके साथ ही ब्लैक टी भी अस्थमा से राहत दिलाती है.

Image Source - Freepik

ये भी पढ़ें - भोजन करने के बाद की ये आदतें, आपकी सेहत को कर सकती हैं खराब |


Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

गुरुवार, 1 जुलाई 2021

भोजन करने के बाद की ये आदतें, आपकी सेहत को कर सकती हैं खराब |

bhojan-karne-ke-baad-ki-ye-aadaten-aapki-sehat-ko-kar-sakti-hain-kharaab,health-my-freak,best-health-care-tips-in-hindi
Health My Freak - Best Health Care Tips In Hindi

किसी भी इंसान के लिए थोड़ा कठिन होता है अपनी आदतों को बदलना। अपने आप में परिवर्तन लाना खुद के लिए चुनौतीपूर्ण होता है. अगर हम अपनी गलत आदतों को नहीं बदलते हैं तो ये आदतें हमारी लाइफस्टाइल का एक हिस्सा बन कर रह जाती हैं और आगे जाकर हमारे लिए परेशानी का सबब बनती हैं. इन्हीं बुरी आदतों में शामिल है कुछ ऐसी आदतें जिसे कई लोग भोजन करने के बाद हर रोज दोहराते हैं. इनका नकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है और हमें इसका अंदाजा भी नहीं होता है आइए अब बात करते हैं 

उन्हीं आदतों के बारे में जो कई लोग भोजन करने के बाद दोहरातें हैं.


फल ना खाएं 

कई लोगों की आदत होती है कि वे भोजन करने के बाद अक्सर फल का सेवन करते हैं. जैसे फ्रूट सलाद खाना बहुत लोगों को पसंद होता है. लेकिन ये आदत  हमारे स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से खराब साबित हो सकती है. इससे शरीर को नुकसान पहुंचता है. 

चाय या कॉफी ना पिएं  

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे  भोजन करने के बाद अक्सर चाय या कॉफी पीते हैं. अगर आप भी उनमें शामिल हैं तो फौरन ही अपनी आदत बदल लें. चाय और कॉफी में टैनिन होता है जो आयरन के अवशोषित होने की प्रक्रिया को रोकता है जिससे पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है. इसलिए भोजन करने के 1 घंटे पहले और 1 घंटे बाद तक चाय या फिर कॉफी पीने से बचना चाहिए। 

तुरंत ना सोएं 

अगर आप भी दोपहर या रात के भोजन के बाद तुरंत सोने चले जाते हैं तो ऐसा करना आपके सेहत और पाचन तंत्र के लिए बहुत खराब है. ऐसा इसलिए जब आप भोजन करने के बाद सोते हैं तो पेट द्वारा उत्पादित पाचन रस  ऊपर उठता है. और पेट की समस्याओं का कारण बनता है जिससे संपूर्ण पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और आपका भोजन ठीक से नहीं पचता है. आपको गैस की समस्या भी हो सकती है. 

तुरंत ना नहाएं  

कई लोग भोजन करने के तुरंत बाद नहाने चले जाते हैं, ऐसा करने से बचें। भोजन करने के बाद तुरंत नहाने से शरीर का तापमान अचानक कम हो जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है. साथ ही भोजन का पाचन भी सही से नहीं हो पाता है. इसकी वजह से पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है. 

ठंडा पानी ना पिएं  

अगर आप भी भोजन करने के तुरंत बाद ठंडा पानी पी लेते हैं तो, ऐसा करना छोड़ दें. भोजन करने के बाद ठंडा पानी पीने से भोजन शरीर में गुच्छे में जम जाता है,  जिसके फलस्वरूप पाचन धीमी गति से होता है और भोजन के पचने में भी समस्या होती है. आप भोजन करने के 1 घंटे बाद सामान्य तापमान वाला पानी या फिर गुनगुना पानी पी सकते हैं. 

सिगरेट ना पिएं  

भोजन करने के बाद शरीर का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है. ऐसे में अगर आप सिगरेट पीते हैं तो उसका धुंआ आपके फेफड़ों और किडनियों को काफी नुकसान पहुंचाता है जिससे कैंसर होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.

व्यायाम ना करें 

भोजन करने के तुरंत बाद व्यायाम करने से आपकी पाचन क्रिया बाधित हो सकती है. आप उल्टी और पेट दर्द जैसे  समस्याओं का शिकार हो सकते हैं. भोजन के बाद आप सिर्फ वज्रासन -एक योगासन है जिसे आप कर सकते हैं. यह योगासन आपके पाचन क्रिया को सुधारता है. इसके अलावा आप किसी भी तरह का कोई व्यायाम ना करें।


Health My Freak :हमारे ब्लॉग का उद्देश्य आप सभी लोगों को आपके स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स हिंदी भाषा में उपलब्ध कराना है. यह ब्लॉग उन सभी लोगों के लिए है जो इंटरनेट से स्वास्थ्य से संबंधित टिप्स को जानना चाहते हैं. उम्मीद करते हैं आपको हमारा ब्लॉग पसंद आ रहा है. इस ब्लॉग पर आपको स्वास्थ्य से संबंधित बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा। 

अस्वीकरण :यह ब्लॉग पोस्ट चिकित्सा सलाह प्रदान नहीं करता है. सामग्री केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह या अन्य स्वास्थ्य सलाह का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।


हर सुबह एक सेब खाने के इन 11 फायदों को जानकर हैरान रह जाएंगे आप |

Health My Freak - Best Health Care Tips In Hindi आपने यह कहावत तो जरूर ही सुनी होगी - An apple a day, keeps the doctor away. यानी हर दिन एक ...